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एक नवंबर से पीयू में छात्रावास खोलने पर संशय
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय एक नवंबर से भी छात्रावास खोलने के मूड में नहीं है। अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है जबकि एक नवंबर से अगर छात्रावास खुलने होते तो आदेश जारी कर दिए जाते। शोधार्थी परेशान हैं। वे पीयू आएंगे तो रहेंगे कहां? यह संकट उनके सामने खड़ा है। हालांकि पीयू प्रशासन की एक बैठक होगी। उसमें छात्रावास खोलने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
अनलॉक 5.0 के अंतर्गत विज्ञान संकाय के शोधार्थियों को पीयू में बुलाया जाना था। यह निर्णय भी लिया गया लेकिन इस पर पूरी तरह काम नहीं हो पाया। शोधार्थियों ने कहा कि वे प्रयोगशालाओं में यदि आएंगे तो फिर उनके रहने का संकट खड़ा होगा। इसलिए छात्रावास खोले जाने चाहिएं। पीयू ने पहले चरण में हर छात्रावास से शोधार्थियों के पंजीकरण का डाटा एकत्रित किया लेकिन बाद में यह मामला ठंडा हो गया। 400 से अधिक शोधार्थियों को पीयू आने को कहेग तो उनके रहने की भी व्यवस्था की जानी है। 25 अक्तूबर तक इस पर निर्णय हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ।
सूत्रों का कहना है कि अब छात्रावास खुलने की संभावनाएं कम हैं। हालांकि जो छात्र पहले से रह रहे हैं, वे निवास कर रहे हैं। नए विद्यार्थियों के सामने रहने की दिक्कतें आ रही हैं। शोधार्थियों ने भी पीयू प्रशासन से कई बार यह मांग की लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
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अनलॉक 5.0 के अंतर्गत विज्ञान संकाय के शोधार्थियों को पीयू में बुलाया जाना था। यह निर्णय भी लिया गया लेकिन इस पर पूरी तरह काम नहीं हो पाया। शोधार्थियों ने कहा कि वे प्रयोगशालाओं में यदि आएंगे तो फिर उनके रहने का संकट खड़ा होगा। इसलिए छात्रावास खोले जाने चाहिएं। पीयू ने पहले चरण में हर छात्रावास से शोधार्थियों के पंजीकरण का डाटा एकत्रित किया लेकिन बाद में यह मामला ठंडा हो गया। 400 से अधिक शोधार्थियों को पीयू आने को कहेग तो उनके रहने की भी व्यवस्था की जानी है। 25 अक्तूबर तक इस पर निर्णय हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ।
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सूत्रों का कहना है कि अब छात्रावास खुलने की संभावनाएं कम हैं। हालांकि जो छात्र पहले से रह रहे हैं, वे निवास कर रहे हैं। नए विद्यार्थियों के सामने रहने की दिक्कतें आ रही हैं। शोधार्थियों ने भी पीयू प्रशासन से कई बार यह मांग की लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
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