फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Doctors will run health improvement campaign

Chandigarh News: आंदोलन की राह पर डाॅक्टर, चलाएंगे स्वास्थ्य सुधार अभियान

Mon, 01 Jul 2024 05:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2024 05:05 AM IST
विज्ञापन
Doctors will run health improvement campaign
लंबित मांगों को लेकर आज डाॅक्टर दिवस पर काले बिल्ले लगाकर जताएंगे विरोध
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लंबित मांगों पर सरकार की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने से हरियाणा के डाक्टरों में रोष बढ़ता जा रहा है। इसके विरोध में 1 जुलाई को डाॅक्टर दिवस पर प्रदेशभर के डाॅक्टर काले बल्ले लगाकर काम करेंगे। यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) जुलाई में स्वास्थ्य सुधार आंदोलन शुरू करेगी। एचसीएमएस ने चेताया है कि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तो वह बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। रविवार को एचसीएमएस की राज्य कोर समिति की बैठक हुई। बैठक में 26 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक के बारे में जानकारी दी गई। सरकार और एसोसिएशन के बीच आपसी सहमति के बाद, डॉक्टरों ने छह महीने पहले अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद किसी मांग को पूरा नहीं किया गया। एसोसिएशन के राज्य महासचिव डॉ. अनिल यादव ने कहा कि सरकार के रवैये को देखते हुए डाॅक्टर डे को काला दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है।

डॉक्टरों के ये हैं मुद्दे, जो पूरे नहीं हुए
एसोसिएशन के राज्य प्रधान डाॅ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि चार महत्वपूर्ण मुद्दों में से, दो मुद्दे (स्पेशलिस्ट कैडर और पीजी कोर्स बॉन्ड में कमी) धीमी गति से आगे बढ़े थे, लेकिन अब अटके हुए हैं। दो अन्य मुद्दों (एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकने के लिए सेवा नियमों में संशोधन और केंद्रीय सरकारी डॉक्टरों के समान एसीपी, भत्तों का प्रावधान) के प्रस्ताव डीजी कार्यालय द्वारा अभी तक शुरू भी नहीं किए गए हैं। 3900 एमओ पदों में से लगभग 1100 पद, 636 एसएमओ पदों में से 250 पद और 8 निदेशक पदों में से 5 पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है। लेकिन स्पेशलिस्ट कैडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में पिछले चार महीने से अटका हुआ है, जबकि सीएम की मंजूरी मिल चुकी है। पीजी बॉन्ड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। इसी प्रकार, डॉक्टरों (एमओ से एसएमओ) के नियमित पदोन्नति की फाइल भी पिछले डेढ़ साल देरी से चल रही है और जो डॉक्टर 2002 में एमओ के रूप में शामिल हुए थे, वे अभी भी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed