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पंजाब विस सेशन पर सस्पेंस: गवर्नर ने मांगा विशेष सत्र का एजेंडा, पूछा-क्या है इसकी जरूरत
Thu, 15 Jun 2023 08:24 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 15 Jun 2023 08:24 AM IST
सार
विधानसभा के सचिव की तरफ से बुधवार को राज भवन को पत्र लिखकर 19 और 20 जून को बुलाए जाने के बारे में सूचना दी गई। इसके बाद राज्यपाल की तरफ से विधानसभा स्पीकर को पत्र भेजा गया है, जिसमें उन्होंने पूछा कि आखिर अब सेशन बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी है।
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पंजाब
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पंजाब विधानसभा के 19 और 20 जून को बुलाए गए दो दिवसीय विशेष सेशन को लेकर सरकार और राजभवन में एक बार विवाद गहरा गया है। सेशन को लेकर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर पूछा है कि इस सेशन को बुलाने की क्या जरूरत है।
वहीं, सेशन के दौरान लाए जा रहे एजेंडों के बारे में विस्तार बताया जाए। इस दौरान तीन बार राजभवन व विधानसभा में पत्राचार हुआ। ऐसे में एक बार फिर सेशन को सस्पेंस खड़ा हो गया कि आखिर यह हो पाएगा कि नहीं है या फिर सरकार इसको लेकर संघर्ष करना पड़ेगा।
विधानसभा के सचिव की तरफ से बुधवार को राज भवन को पत्र लिखकर 19 और 20 जून को बुलाए जाने के बारे में सूचना दी गई। इसके बाद राज्यपाल की तरफ से विधानसभा स्पीकर को पत्र भेजा गया है, जिसमें उन्होंने पूछा कि आखिर अब सेशन बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी है। क्योंकि बजट सेशन पहले ही पास हो चुका है। ऐसे में अब इस तरह सेशन की क्या जरूरत है।
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इसके जवाब में कहा गया कि उन्होंने कुछ कामों से जुडे़ एजेंडे पास करने हैं। इसलिए सेशन बुलाया जा रहा है। इस तरह सेशन बुलाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि यह बजट सेशन का ही हिस्सा है, क्योंकि उस समय सेशन मुल्तवी किया गया था। साथ ही यह प्रावधान है कि इस तरह सेशन बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही ही सेशन में लाए जाने वाले एजेंडों के बारे में कहा कि जैसे ही एजेंडे तैयार हो जाएंगे तो इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा।
याद रहे कि यह पहला मौका नहीं है कि इस प्रकार की स्थिति बनी है। इससे पहले बजट सेशन को लेकर भी विवाद हुआ था। सरकार मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गई थी। इसके बाद बजट सेशन हुआ था। इस दौरान बजट पढ़ने को लेकर विवाद हुआ था।
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वहीं, सेशन के दौरान लाए जा रहे एजेंडों के बारे में विस्तार बताया जाए। इस दौरान तीन बार राजभवन व विधानसभा में पत्राचार हुआ। ऐसे में एक बार फिर सेशन को सस्पेंस खड़ा हो गया कि आखिर यह हो पाएगा कि नहीं है या फिर सरकार इसको लेकर संघर्ष करना पड़ेगा।
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विधानसभा के सचिव की तरफ से बुधवार को राज भवन को पत्र लिखकर 19 और 20 जून को बुलाए जाने के बारे में सूचना दी गई। इसके बाद राज्यपाल की तरफ से विधानसभा स्पीकर को पत्र भेजा गया है, जिसमें उन्होंने पूछा कि आखिर अब सेशन बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी है। क्योंकि बजट सेशन पहले ही पास हो चुका है। ऐसे में अब इस तरह सेशन की क्या जरूरत है।
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इसके जवाब में कहा गया कि उन्होंने कुछ कामों से जुडे़ एजेंडे पास करने हैं। इसलिए सेशन बुलाया जा रहा है। इस तरह सेशन बुलाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि यह बजट सेशन का ही हिस्सा है, क्योंकि उस समय सेशन मुल्तवी किया गया था। साथ ही यह प्रावधान है कि इस तरह सेशन बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही ही सेशन में लाए जाने वाले एजेंडों के बारे में कहा कि जैसे ही एजेंडे तैयार हो जाएंगे तो इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा।
याद रहे कि यह पहला मौका नहीं है कि इस प्रकार की स्थिति बनी है। इससे पहले बजट सेशन को लेकर भी विवाद हुआ था। सरकार मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गई थी। इसके बाद बजट सेशन हुआ था। इस दौरान बजट पढ़ने को लेकर विवाद हुआ था।