चंडीगढ़: सीआईआई में हुई बजट पर चर्चा, विशेषज्ञ बोले- उम्मीद ज्यादा थी, मिला कम
पीएम आवास योजना के तहत 48 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने, पूर्वोत्तर के विकास के लिए आवंटित 1500 करोड़ रुपये और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना सराहनीय कदम है।
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केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में बजट पेश किया। उन्होंने रोजगार, मकान और शिक्षा आदि के संबंध में कई बड़ी घोषणाएं कीं। हालांकि इस बार फिर से आयकर में कोई छूट नहीं दी गई। सेक्टर-31 स्थित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) में सुबह ही अर्थशास्त्री, उद्यमी, कारोबारी समेत विभिन्न वर्ग के लोग पहुंचे। सीआईआई में सभी ने बजट को लाइव सुना और फिर चर्चा की। विशेषज्ञों का कहना था कि बजट से उम्मीदें तो ज्यादा थीं लेकिन मिला कम। कहा कि पांच राज्यों में चुनाव है इसलिए माना जा रहा था कि बजट पर चुनाव का असर दिखेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
बजट में हेल्थ केयर के लिए नहीं दिखा कुछ
ये एक आशाजनक बजट है। विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक को उन्नत करने, इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए भी कदम उठाए गए हैं। कोविड की वजह से हेल्थ केयर में लोगों का काफी खर्चा हुआ है, इसलिए उम्मीद जताई जा रही थी कि बजट में हेल्थ केयर के लिए कुछ होगा लेकिन ऐसा कुछ दिखा नहीं। - मनीष गुप्ता, प्रेसिडेंट, सीआईआई चंडीगढ़
एमएसएमई को राहत मिलेगी
इस बजट से उम्मीद तो काफी ज्यादा थी लेकिन उतना ज्यादा मिला नहीं। हालांकि ‘एक राष्ट्र, एक पंजीकरण’ जैसे कई प्रयासों से एमएसएमई को काफी लाभ मिलेगा। सरकार का ध्यान विकास पर है, इसलिए बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी खर्च करने का प्रावधान किया गया है। - शैलेश अग्रवाल, प्रेसिडेंट, सीआईआई, हिमाचल प्रदेश
केंद्र ने अपनी कई योजनाओं का किया विस्तार
शॉर्ट और मिड टर्म के लिए ये बजट बहुत अच्छा है। केंद्र की कई योजनाओं का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया गया है। टैक्स की जटिलताओं को कम करने की कोशिश की गई है। जैविक खेती पर सरकार का जोर है। एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर बजट को अच्छा कहा जा सकता है। - अभिमन्यु मुंजाल, सीईओ, हीरो फिनकॉर्प
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। जनता के पास पैसा बचेगा, तभी वो खर्च करेगी और फिर इससे मार्केट में डिमांड पैदा होगी। हालांकि सरकार का ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा है, जो अच्छी बात है। नदियों को जोड़ने की योजना भी अच्छी है। कोरोना की वजह से जो उद्योग प्रभावित हुए, उम्मीद है अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट आएंगे। - कर्नल शैलेश पाठक, सीईओ, आर्ट-एंड-ग्लास आईएनसी
बजट को देखकर धड़कन नहीं बढ़ी
इस बार बजट को देखने के बाद धड़कन नहीं बढ़ी। पर्यटन उद्योग को राहत की उम्मीद थी लेकिन सरकार का ध्यान क्रेडिट देने पर है। पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग की तरह मानना चाहिए लेकिन अभी तक ऐसा देखने को नहीं मिला। हालांकि सरकार नए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी खर्च कर रही है। इसका फायदा अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग को मिलेगा। - मनमोहन कोहली, सीईओ, अरोमा ग्रुप
बजट पर चुनाव का असर नहीं
बजट में सड़कों, रेलवे व निवेश की योजनाओं के देखकर कहा जा सकता है कि ये बजट लांग टर्म को ध्यान में रख कर बनाया गया है। ईसीएलजीएस का विस्तार किया गया है, जिसका फायदा उद्योगपतियों को मिलेगा। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। माना जा रहा था कि पांच राज्यों में चुनाव का असर बजट पर देखा जाएगा, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। - नवीन मंगलानी, प्रेसिडेंट, चेंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
बजट देश को विकास की ओर ले जाएगा: पीएचडी चैंबर
पीएचडी चैंबर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक खन्ना ने बजट को बेहतर बताया। कहा कि यह बजट देश को विकास की ओर ले जाएगा, क्योंकि बजट के जरिए अगले तीन से पांच सालों के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। इस बार बजट में डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी पर जोर दिया गया है। बजट बुनियादी ढांचे पर विशेष रूप से आवास और निर्माण पर केंद्रित है।
रक्षा में पूंजीगत खरीद बजट का 68 फीसदी घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित किया गया है जो कि देश को औद्योगिक विकास की गति प्रदान करेगा। पीएचडी चैंबर के पंजाब स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष आरएस सचदेवा ने कहा कि सरकार ने सहकारी समितियों के लिए न्यूनतम अल्टरनेटिव टैक्स को निजी कंपनियों के बराबर मौजूदा 18.5 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है।
सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता की दिशा को गति बजट से मिलेगी। उन्होंने कहा कि किफायती आवास पर सरकार का फोकस रहा है। पीएम आवास योजना के तहत 48 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने, पूर्वोत्तर के विकास के लिए आवंटित 1500 करोड़ रुपये और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना सराहनीय कदम है। कहा कि एमएसएमई के उत्थान के लिए ट्रिलियन रुपये के प्रावधान और 13 मिलियन एमएसएमई के लिए अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था करना ठीक है।
पीएचडी चैंबर चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष मधुसूदन विज ने बजट को समग्र और संतुलित बताया। कहा कि यह बजट आर्थिक सुधार को बनाए रखेगा, जिसमें सभी क्षेत्रों को लाभ प्राप्त होगा। कहा कि बजट ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा का समर्थन करने के लिए विकास पर केंद्रित है। पीएचडी चैंबर हरियाणा स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष मोहित जैन ने कहा कि सरकार ने कारोबार सुगमता के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। बजट 2022 गेहूं और धान वाले किसानों को एमएमपी का 2.37 लाख करोड़ रुपये का सीधा भुगतान सराहनीय फैसला है। सरकारी खरीद में बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में जमानत बांड के उपयोग की स्वीकृति का स्वागत किया।