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ये कैसा हिसाब: सड़क-दूरी और बस एक समान, फिर भी किराये में 100 रुपये का अंतर, CTU का बड़ा आरोप
Mon, 24 Jun 2024 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 24 Jun 2024 03:40 PM IST
सार
चंडीगढ़ से रोजाना शिमला, हमीरपुर जाने वाली सीटीयू और हिमाचल रोडवेज की बसों की टिकट में बहुत अंतर है। सीटीयू ने इस मामले में एचआरटीसी पर नियमों से न चलने का आरोप लगाया है।
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सीटीयू की बसें
- फोटो : https://chdctu.gov.in/
विस्तार
चंडीगढ़ आईएसबीटी-17 से दिल्ली के लिए चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू), हरियाणा रोडवेज और हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की कई एचवीएसी बसें रोजाना जाती हैं।
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दिल्ली तक सड़क-दूरी और बस तीनों एक समान हैं लेकिन किराया अलग-अलग है। किराए में अंतर भी पांच या 10 रुपये का नहीं, बल्कि 100 रुपये तक है। ये कोई सामान्य बात नहीं है। सबसे कम किराया एचआरटीसी का है। सीटीयू का आरोप है कि वह नियमों के हिसाब से नहीं चल रहे हैं, जिससे अन्य रोडवेज को नुकसान हो रहा है। मामले को नॉदर्न जोनल काउंसिल की बैठक में ले जाने की तैयारी है।
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इन तीनों रोडवेज का किराया अलग-अलग होने की वजह से लोग कंफ्यूज हैं। लोगों को ऐसा लग रहा है कि सीटीयू ज्यादा किराया ले रहा है लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं है। हिमाचल रोडवेज मनमर्जी तरीके से नियमों के खिलाफ जाकर कम पैसा वसूल रहा है, क्योंकि सभी परिवहन सचिव की ओर से फेयर नोटिफिकेशन के अनुसार बसें चलाने के लिए बाध्य होते हैं। यह रेट हर राज्य की ओर से तय किए जाते हैं। जब भी कोई बस उस राज्य में दाखिल होती है तो संबंधित राज्य के फेयर नोटिफिकेशन का पालन करना पड़ता है।
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सीटीयू फेयर नोटिफिकेशन के अनुसार ही बसें चल रहा है लेकिन हिमाचल रोडवेज ने नियमों को दरकिनार कर अपने रेट तय किए हैं और उसी हिसाब से बसें चला रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट-1988 की भी अवहेलना कर रहे हैं। इस वजह से सीटीयू को घाटा भी हो रहा है, क्योंकि जिस बस का किराया कम होगा, लोग उसी में सफर करेंगे। सीटीयू ने एचआरटीसी के अधिकारियों को लिखित में शिकायत की है। इस संबंध में तीन बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है लेकिन अब तक एचआरटीसी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
नॉदर्न जोनल काउंसिल की बैठक में उठेगा मुद्दा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नॉदर्न जोनल काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हैं। यह बैठक आमतौर पर वर्ष में दो बार आयोजित की जाती हैं लेकिन कई बार साल में एक बैठक भी होती है। वर्तमान में चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान इसके सदस्य है। जब भी बैठक होती है तो इन राज्यों के मुख्यमंत्री व यूटी के प्रशासक व एलजी शामिल होते हैं। बैठक में वह मुद्दे उठाए जाते हैं तो कई राज्यों से जुड़े होते हैं और मौके पर हल निकालने की कोशिश होती है। हिमाचल की तरफ से कम किराया लेने का मामला इसलिए इस बैठक में लाया जा रहा है ताकि उच्च स्तर के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आए। बता दें कि बैठक के आयोजन से पहले प्रशासन की तरफ से सभी विभागों से अंतरराज्यीय मुद्दों की जानकारी मांगी गई है। सीटीयू ने यह मुद्दा प्रशासन को भेजा है ताकि नॉदर्न जोनल काउंसिल की बैठक में इस पर चर्चा हो सके।
चंडीगढ़ से दिल्ली (एसी बस)
रोडवेज किराया
सीटीयू 425
हरियाणा रोडवेज 432
हिमाचल सड़क परिवहन निगम 320
चंडीगढ़ से शिमला (एसी बस)
रोडवेज किराया
सीटीयू 323
हरियाणा रोडवेज 270
हिमाचल सड़क परिवहन निगम 260
चंडीगढ़ से हमीरपुर (एसी बस)
सीटीयू 383
हिमाचल सड़क परिवहन निगम 345
एचआरटीसी की ओर से किराए के नोटिफिकेशन के अनुसार किराया नहीं लेने का मामला संबंधित राज्य के साथ उठाया गया है। रिमाइंडर भी भेजे गए हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा। -प्रद्युमन सिंह, निदेशक, सीटीयू