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अब रोज-रोज शूगर की दवाई, इंजेक्शन, दर्द से मिलेगा छुटकारा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 12 Mar 2016 07:15 PM IST
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डायबिटीज, हेल्थ
- फोटो : फाइल फोटो
शुगर के मरीजों को रोज-रोज इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा मिल सकेगा। यही नहीं अब उन्हें हर रोज दवा लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। बस हफ्ते में एक दिन इंजेक्शन लेना होगा, वह भी दर्द रहित होगा। इसके बाद मरीजों के मधुमेह स्तर में कमी तो आएगी ही साथ ही उनका वजन भी कम हो सकेगा।
पीजीआई के एंडोक्रायनोलॉजिस्ट डॉ. समीर अग्रवाल की मानें तो डूलागलूटाइड दवाई शुगर के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। एक हफ्ते पहले ही इस दवा को देश में लाया गया है। अब यह मार्केट में भी आसानी से उपलब्ध है जिसकी कीमत महज दो हजार रुपये है।
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पीजीआई के एंडोक्रायनोलॉजिस्ट डॉ. समीर अग्रवाल की मानें तो डूलागलूटाइड दवाई शुगर के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। एक हफ्ते पहले ही इस दवा को देश में लाया गया है। अब यह मार्केट में भी आसानी से उपलब्ध है जिसकी कीमत महज दो हजार रुपये है।
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सप्ताह के एक बार इंजेक्शन के जरिए लेनी होगी
डायबिटीज, हेल्थ
- फोटो : फाइल फोटो
एंडोक्रायनोलॉजिस्ट डॉ. समीर अग्रवाल की मानें तो यह एक प्रकार का जीएलपी-1 ड्रग है, जिसे सप्ताह में एक बार इंजेक्शन के माध्यम से ले सकते हैं। यह शरीर मे अधिक इंसुलिन रिलीज करने और ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं तक पहुंचाने मे भी मदद करता है।
डॉ. समीर ने बताया कि यह दवा टाइप-2 मधुमेह रोग के इलाज मे कारगर साबित होगी। यह दवाई एक सप्ताह पूर्व ही भारत मे आई है, जिसकी यहां बहुत ज्यादा जरूरत थी। आंकड़े के अनुसार, भारत मे करीब 7 करोड़ मधुमेह के रोगी हैं, जो वर्ष 2040 तक बढ़कर करीब 12.50 करोड़ होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि भारत मे स्वास्थ्य मे होने वाले खर्च मे हर 11 रुपये मे से एक रुपया मधुमेह पर खर्च होता है। उन्होंने बताया कि चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी के कमरा नंबर 137 मे बुधवार और शनिवार को चलाए जा रहे स्पेशल मधुमेह क्लीनिक मे हर सप्ताह करीब 20 से 30 नए रोगी आ रहे हैं।
डॉ. समीर ने बताया कि यह दवा टाइप-2 मधुमेह रोग के इलाज मे कारगर साबित होगी। यह दवाई एक सप्ताह पूर्व ही भारत मे आई है, जिसकी यहां बहुत ज्यादा जरूरत थी। आंकड़े के अनुसार, भारत मे करीब 7 करोड़ मधुमेह के रोगी हैं, जो वर्ष 2040 तक बढ़कर करीब 12.50 करोड़ होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि भारत मे स्वास्थ्य मे होने वाले खर्च मे हर 11 रुपये मे से एक रुपया मधुमेह पर खर्च होता है। उन्होंने बताया कि चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी के कमरा नंबर 137 मे बुधवार और शनिवार को चलाए जा रहे स्पेशल मधुमेह क्लीनिक मे हर सप्ताह करीब 20 से 30 नए रोगी आ रहे हैं।