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Chandigarh News: सूरदास के कृष्ण प्रेम का वर्णन सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
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श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बाल लीलाओं का किया भावपूर्ण वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-45 के सब्जी मंडी मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को महाकवि सूरदास के अनन्य कृष्ण प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास विजय शास्त्री ने सूरदास के जीवन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और समर्पण का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान को केवल आंखों से नहीं, बल्कि मन के निर्मल भावों से अनुभव किया जा सकता है। सूरदास की कृष्ण भक्ति और विरह भाव इस बात का उदाहरण है कि सच्चे प्रेम और समर्पण से भक्त और भगवान के बीच आत्मीय संबंध स्थापित होता है।
कथा के दौरान भक्ति भजनों की प्रस्तुति से पंडाल भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। कथा के विश्राम अवसर पर श्री बांके बिहारी की महाआरती की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-45 के सब्जी मंडी मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को महाकवि सूरदास के अनन्य कृष्ण प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास विजय शास्त्री ने सूरदास के जीवन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और समर्पण का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान को केवल आंखों से नहीं, बल्कि मन के निर्मल भावों से अनुभव किया जा सकता है। सूरदास की कृष्ण भक्ति और विरह भाव इस बात का उदाहरण है कि सच्चे प्रेम और समर्पण से भक्त और भगवान के बीच आत्मीय संबंध स्थापित होता है।
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कथा के दौरान भक्ति भजनों की प्रस्तुति से पंडाल भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। कथा के विश्राम अवसर पर श्री बांके बिहारी की महाआरती की गई।
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