Chandigarh: कौशल से नहीं हो रहा युवाओं का विकास, सर्टिफिकेट होने के बावजूद नौकरी नहीं
आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत 18730 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें करीब 15 हजार युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए जबकि नौकरी 6219 युवाओं को ही मिली। बाकी बेरोजगार घूम रहे हैं।
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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरुआत शहर में भव्य तरीके से हुई थी। शुरुआत में शहर के कई युवाओं ने ट्रेनिंग ली और उन्हें अच्छी नौकरी भी मिली लेकिन अब कौशल विकास सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गया है। ट्रेनिंग केंद्र बंद हो गए हैं। घर बैठे युवाओं को सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। मार्केट में नौकरी है नहीं। प्लेसमेंट दिखाने के नाम पर भी फर्जीवाड़ा चल रहा है।
शहर में युवाओं के कौशल विकास पर पिछले सात साल में करोड़ों रुपये खर्चे गए, लेकिन नौकरी पाने वालों की संख्या काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत 18730 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें करीब 15 हजार युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए जबकि नौकरी 6219 युवाओं को ही मिली। बाकी बेरोजगार घूम रहे हैं। जिन्हें नौकरी मिली भी थी, वह अब छोड़ चुके हैं क्योंकि कंपनियां उन्हें 10 हजार से 12 हजार रुपये ही दे रही थीं। प्लेसमेंट की संख्या को ज्यादा दिखाने के लिए भी फर्जीवाड़ा चल रहा है। युवाओं को नौकरी देने के एक महीने बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। ये सभी कौशल विकास के मिशन को पीछे खींचते जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर चंडीगढ़ प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोविड की वजह से भी बहुत असर पड़ा है। कई कोर्स पूरे नहीं हो पाए। नामांकन में भी कमी आई है। उन्होंने कोर्स पूरा करने के बाद भी प्लेसमेंट न होने के पीछे छात्रों में जागरूकता और योग्यता की कमी बताया।
तीन तरह के होते हैं कोर्स
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। करोड़ों युवाओं को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई गई थी। पीएमकेवीवाई में तीन तरह के कोर्स होते हैं, इनमें तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। इसके अलावा कोर्स कराने वाले केंद्र स्टूडेंट्स के लिए कंपनियों में इंटरव्यू भी आयोजित कराते हैं, ताकि इन्हें रोजगार मिल सके। इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है, जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।
कौशल विकास योजना की वर्तमान स्थिति
- ट्रेनिंग केंद्रों में खानापूर्ति
- बिना ट्रेनिंग पूरी किए ही बांटे जा रहे सर्टिफिकेट
- ऐसे सर्टिफिकेट पर नहीं मिल रही नौकरी
- सिर्फ प्लेसमेंट दिखाने के लिए ज्वाइनिंग, भर्ती के बाद निकाले जा रहे युवा
- 8 से 10 हजार में युवाओं को करना पड़ रहा काम
- कोविड की वजह से कई ट्रेनिंग केंद्र बंद
क्या कहते हैं पीएमकेवीवाई के आंकड़े (2015 से 31-12-2021 तक)
प्रशिक्षित प्रमाणित प्लेसमेंट
18730 1 4,925 6219
आवंटित धनराशि कुल फंड मिला कुल फंड का उपयोग
13 करोड़ 87 लाख 8 करोड़ 12 लाख 76 हजार 5 करोड़ 95 लाख 45 हजार
-पीएमकेवीवाई (2.0 और 3.0) के तहत 31-12-2021 तक मिला फंड