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Punjab: सुप्रीम कोर्ट की फटकार भी नहीं जागी सरकार, पराली जलाने वाले जुर्माना करोड़ों का, वसूली सिर्फ 21 लाख

Wed, 29 Nov 2023 02:27 PM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 29 Nov 2023 02:27 PM IST
सार

आंकड़ों के मुताबिक सरकार ने पंजाब के 902 किसानों के लैंड रिकॉर्ड में रेड एंट्रियां दर्ज की हैं। अब उक्त किसान भविष्य में न तो किसी सरकारी योजना का लाभ ले सकेंगे और न ही अपनी जमीन को गिरवी रखकर लोन ले सकेंगे। साथ ही इन्हें किसी प्रकार की सब्सिडी भी नहीं मिलेगी।

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Despite being reprimanded by Supreme Court, Punjab govt showing slowness in action against stubble burning
पराली जलाना

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट से दो बार फटकार लगने के बावजूद पंजाब सरकार पराली जलाने वालों के खिलाफ एक्शन लेने में सुस्ती दिखा रही है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में अब तक पराली जलाने वाले 9209 किसानों पर दो करोड़ 37 लाख 87500 रुपये का पर्यावरण मुआवजा (जुर्माना) लगाया गया है, लेकिन वसूली केवल 21 लाख 35 हजार रुपये की हो सकी है।

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बेशक धान की कटाई पूरी होने के चलते बीते कुछ दिनों से पराली कम जल रही है, लेकिन कई प्रमुख शहरों का एक्यूआई अब भी खराब श्रेणी में है। माहिरों का मानना है कि अगर सरकार धीमी गति से एक्शन न लेती, तो पराली जलाने के मामले कई दिन पहले ही कम हो सकते थे। 
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पीपीसीबी के चेयरमैन आदर्श पाल विग के मुताबिक जिन किसानों पर जुर्माने की राशि बकाया है, उनसे वसूली के लिए संबंधित जिला प्रशासन अधिकारियों की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि नियमानुसार चालान प्राप्त होने के 30 दिन के अंदर किसान को जुर्माना देना होता है।

पंजाब में अब तक 36632 पराली जलाने के केस आए
पंजाब में अब तक पराली जलाने के कुल 36632 मामले सामने आ चुके हैं। भले ही यह बीते साल 2022 के मुकाबले करीब 29 फीसदी कम हैं, लेकिन सरकार ने लक्ष्य 50 फीसदी कम करने का रखा था। पराली जलाने से लगातार पंजाब समेत दिल्ली में फैल रहे प्रदूषण को लेकर मान सरकार कटघरे में है। इस बार सख्ती करते हुए पराली जलाने वाले 9209 किसानों पर अब तक 2 करोड़ 37 लाख 87500 रुपये का जुर्माना किया गया है, लेकिन वसूली करने में सुस्ती बरती गई। 


902 किसानों के लैंड रिकॉर्ड में रेड एंट्री
आंकड़ों के मुताबिक सरकार ने पंजाब के 902 किसानों के लैंड रिकॉर्ड में रेड एंट्रियां दर्ज की हैं। अब उक्त किसान भविष्य में न तो किसी सरकारी योजना का लाभ ले सकेंगे और न ही अपनी जमीन को गिरवी रखकर लोन ले सकेंगे। साथ ही इन्हें किसी प्रकार की सब्सिडी भी नहीं मिलेगी। मौजूदा धान सीजन में अब तक 1060 किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

नहीं सुधर रहा एक्यूआई स्तर
पंजाब में बीते कुछ दिनों से लगातार पराली जलाने के मामले 100 से कम रह रहे हैं। मंगलवार को भी पराली जलाने के मामले केवल 18 रिपोर्ट किए गए, लेकिन एक्यूआई स्तर में सुधार नहीं आ रहा है। मंगलवार को भी बठिंडा का एक्यूआई 307 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा जालंधर का 206 और लुधियाना का 269 रहा। यह खराब श्रेणी में आता है। वहीं, पटियाला का 124, अमृतसर का 195, खन्ना का 118 व मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 114 रहा।

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