{"_id":"58919a084f1c1b0b13e819e3","slug":"dera-sacha-sauda-and-gurmeet-ram-rahim-supported-akali-bjp-in-assembly-election-2017","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"विस चुनावः डेरा सच्चा सौदा ने किया अकाली-भाजपा गठबंधन का समर्थन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विस चुनावः डेरा सच्चा सौदा ने किया अकाली-भाजपा गठबंधन का समर्थन
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:34 AM IST
विज्ञापन
गुरमीत राम रहीम
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव 2017 के लिए डेरा सच्चा सौदा ने अकाली-भाजपा गठबंधन को समर्थन किया है। इसका अधिकारिक ऐलान भी कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, डेरे की पॉलिटिकल विंग ने यह फैसला लिया और एक प्रेस वार्ता करके इसकी घोषणा की दी।
बता दें कि इससे पहले यूपी और पंजाब चुनाव के मद्देनजर किसी एक पार्टी को समर्थन दिए जाने के सवाल पर डेरा प्रमुख ने कहा कि वे और डेरा किसी पार्टी को समर्थन नहीं करते, लेकिन उस राज्य की साध-संगत अपने स्तर पर किसी एक पार्टी को चुनती है, जो साध-संगत की बात को सुनती है और बुरे कार्यों पर लगाम कसने का शपथ पत्र साध-संगत को देती है।
डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग के चेयरमैन राम सिंह का कहना था कि डेरा धर्म या जाति के नाम पर किसी का समर्थन नहीं करता। हर विधानसभा क्षेत्र में साध संगत के पदाधिकारी साध संगत से उम्मीदावारों के बारे में राय ले रहे हैं, बाद में राजनीतिक विंग की बैठक में चर्चा की जाएगी, साध संगत को जो अच्छा लगेगा, वहां जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले यूपी और पंजाब चुनाव के मद्देनजर किसी एक पार्टी को समर्थन दिए जाने के सवाल पर डेरा प्रमुख ने कहा कि वे और डेरा किसी पार्टी को समर्थन नहीं करते, लेकिन उस राज्य की साध-संगत अपने स्तर पर किसी एक पार्टी को चुनती है, जो साध-संगत की बात को सुनती है और बुरे कार्यों पर लगाम कसने का शपथ पत्र साध-संगत को देती है।
विज्ञापन
डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग के चेयरमैन राम सिंह का कहना था कि डेरा धर्म या जाति के नाम पर किसी का समर्थन नहीं करता। हर विधानसभा क्षेत्र में साध संगत के पदाधिकारी साध संगत से उम्मीदावारों के बारे में राय ले रहे हैं, बाद में राजनीतिक विंग की बैठक में चर्चा की जाएगी, साध संगत को जो अच्छा लगेगा, वहां जाएगी।
विज्ञापन
पंजाब की सियासत पर धार्मिक डेरों का खास प्रभाव
ram rahim singh
पंजाब की सियासत पर धार्मिक डेरों का प्रभाव बहुत है। लगातार बढ़ती डेरों के समर्थकों की तादाद एक बड़े वोट बैंक में तबदील हो गई है। डेरे सूबे की कई सीटों पर जीत-हार तय करने की ताकत रखते हैं।
समाजशास्त्रियों के अनुसार पंजाब में सामाजिक व आर्थिक स्तर पर भेदभाव और डेरों में जाति, धर्म का बंधन न होने के कारण भी लोग डेरों की तरफ आकर्षित हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने डेरों से जुड़ने के बाद नशा छोड़ा।
डेरों ने समाजसेवी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। पंजाब मे छोटे-बड़े मिलाकर करीब नौ हजार डेरे हैं। इनमें तीन सौ ऐसे हैं, जिनका अच्छा खासा प्रभाव है। कुछ डेरों के समर्थकों की संख्या लाखों में है, कई डेरों का विस्तार तो विदेशों तक है।
समाजशास्त्रियों के अनुसार पंजाब में सामाजिक व आर्थिक स्तर पर भेदभाव और डेरों में जाति, धर्म का बंधन न होने के कारण भी लोग डेरों की तरफ आकर्षित हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने डेरों से जुड़ने के बाद नशा छोड़ा।
डेरों ने समाजसेवी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। पंजाब मे छोटे-बड़े मिलाकर करीब नौ हजार डेरे हैं। इनमें तीन सौ ऐसे हैं, जिनका अच्छा खासा प्रभाव है। कुछ डेरों के समर्थकों की संख्या लाखों में है, कई डेरों का विस्तार तो विदेशों तक है।
डेरा सच्चा सौदा
ram rahim singh
- फोटो : Twitter/@taran_adarsh
सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की तादाद करीब चार करोड़ मानी जाती है, जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में हैं। पंजाब की सियासत के गढ़ मालवा की 35 सीटों पर डेरे का काफी प्रभाव है।
कहा जाता है कि 2007 में डेरे ने कांग्रेस को समर्थन किया, जिसके बूते पार्टी ने मालवा में शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस नेता हरमिंदर जस्सी संत गुरमीत राम रहीम के समधी हैं। कहा जाता है कि 2009 लोकसभा चुनाव में शिअद ने बठिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल को जिताने के लिए डेरे का समर्थन हासिल कर लिया था।
कहा जाता है कि 2007 में डेरे ने कांग्रेस को समर्थन किया, जिसके बूते पार्टी ने मालवा में शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस नेता हरमिंदर जस्सी संत गुरमीत राम रहीम के समधी हैं। कहा जाता है कि 2009 लोकसभा चुनाव में शिअद ने बठिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल को जिताने के लिए डेरे का समर्थन हासिल कर लिया था।