एक कातिल सिख कौम को क्या दिशा दे सकता है: बादल
पंथक संगठनों की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह को अकाल तख्त का जत्थेदार बनाने पर पहली बार खुलकर बोले उपमुख्यमंत्री बादल।
दरअसल उपमुख्यमंत्री और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार को अपने अमृतसर दौरे के दौरान कहा कि एक कातिल सिख कौम को क्या दिशा दे सकता है। सुखबीर शुक्रवार को अपनी पत्नी व केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और अपनी बेटी के साथ श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे थे।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में सुखबीर ने कहा कि तथाकथित सरबत खालसा की ओर से ओर से जगतार सिंह हवारा को श्री अकाल तख्त साहिब जैसी पवित्र स्थली का जत्थेदार नियुक्त किया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि दस नवंबर वाला सरबत खालसा एक ड्रामा था। सरबत खालसा बुलाने की एक मर्यादा है।
खेतों में कभी सरबत खालसा नहीं बुलाया जा सकता। अगर एक रीत शुरू हो गई तो किसी भी गांव का सरपंच या पार्षद भी भविष्य में सरबत खालसा बुला लिया करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने के निर्देश विदेशों से मिल रहे हैं।
इनको बेनकाब कर सूबा सरकार इनका असली चेहरा जल्दी ही लोगों के सामने लेकर आएगी। पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई समेत ऐसी कई शक्तियां हैं जो पंजाब को सीरिया और अफगानिस्तान बनाना चाहती है।
आरोप लगाया, यह सब कांग्रेस के इशारों पर हो रहा है
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले यह सब होना स्पष्ट करता है कि यह सब कांग्रेस के इशारों पर हो रहा है। आगामी चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास कर रही है।
इसका एकमात्र उद्देश्य है, पंजाब की सत्ता प्राप्त करना। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से फरीदकोट के दो गांवों में पीड़ित परिवारों के साथ हमदर्दी व्यक्त करने के बारे में सुखबीर ने कहा कि आने वाले चुनाव के लिए यह कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस लीडरशिप से सवाल किया कि वह आज तक 84 दंगा पीड़ितों के पास दुख व्यक्त करने के लिए क्यों नहीं गए।
विरोधियों से बर्दाश्त नहीं हो रहा पंजाब का विकास
सरबत खालसा में रखे गए प्रस्तावों के बारे में सुखबीर ने कहा कि पंजाब विरोधी शक्तियों से पिछले आठ साल से पंजाब में हुआ विकास बर्दाश्त नहीं हो रहा और वह माहौल को खराब कर पंजाब को विकास की राह से भटकाना चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि 1984 के कत्लेआम के लिए जिम्मेदार कांग्रेस के खिलाफ कोई प्रस्ताव पारित क्यों नहीं किया गया।
गुरु घर की मर्यादा भंग करने वाले सिख नहीं
सुखबीर ने श्री हरमंदिर साहिब परिसर में पिछले दिनों कुछ लोगों की तरफ से मर्यादा भंग किए जाने को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि गुरु के घर में इस तरह की कार्रवाई करने वाले सिख नहीं हो सकते। सरकार और शिरोमणि कमेटी टास्क फोर्स की तरफ से हुल्लड़बाजी करने वालों को क्यों नहीं रोका गया, इस सवाल पर सुखबीर ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब परिसर में पंजाब सरकार की न तो कोई दखलंदाजी रही है और न ही रहेगी।