चर्च में तोड़फोड़, सड़क से संसद तक गूंजा मुद्दा
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हिसार के कैमरी गांव में एक निर्माणाधीन चर्च में हुई तोड़फोड़ का मुद्दा गरमा गया है। एक तरफ हिसार में जहां हिंदूवादी संगठनों और पांच गांव की पंचायतों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया वहीं प्रदेश की विधानसभा और दिल्ली में राज्यसभा में भी यह मुद्दा गूंजा।
राज्य सभा सांसदों ने देश में अल्पसंख्यकों पर हमले की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए राज्य सरकारों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि चर्च पर हुए हमले के मामले में दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उधर, इस मामले में हिसार के डीआईजी सौरभ सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों से शिकायत मिली है मामला संवेदनशील है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
निर्माणाधीन चर्च में की गई थी तोड़फोड़
गौरतलब है कि गत शनिवार को हिसार के गांव कैमरी में एक निर्माणाधीन चर्च पर कुछ लोगों ने हमला कर वहां लगे क्रॉस को तोड़ दिया था और उसके स्थान पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दी थी। इसे लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया था और पादरी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद प्रशासन ने मूर्ति को हटवाकर वहां पुन: क्रॉस लगवा दिया था। लेकिन सोमवार को यह मामला फिर गरमा उठा और पांच गांव के ग्रामीणों ने पंचायत कर पादरी पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। वहीं कुछ हिंदूवादी संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। पंचायत लघुसचिवालय में धर्मांतरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है।
राज्य सभा में उठा मुद्दा
राज्य सभा में भी चर्च में हुई तोड़फोड़ का मामला उठा। विपक्ष ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस बीच, सरकार ने कहा है कि देश के सांप्रदायिक सौहार्द को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। सदन में चर्चा कराने का नोटिस देने वाले सीपीआई के डी राजा ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों का सुरक्षित न होना गंभीर स्थिति है। ‘मैं बड़े ही दर्द और पीड़ा के साथ इस मुद्दे को उठा रहा हूं। देश में ईसाईयों पर हमले बढ़े हैं। यह काफी चौंकाने वाला है।
इस गंभीर मामले से देश के सभी लोग चिंतित हैं।’ राजा ने भाजपा के एक नेता के उस बयान का भी उदाहरण दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भगवान केवल मंदिर में बसते हैं और कहीं नहीं।
राजा से सहमति जताते हुए संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि संबंधित राज्य सरकारों को सभी जरूरी कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उचित नोटिस के बाद इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने पर भी सहमति जताई। नकवी ने कहा कि हम इस तरह की घटनाओं के खिलाफ हैं। जिन राज्यों में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं वहां की सरकारों को दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए।
गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट
हिसार के कैमरी गांव में चर्च में हुई तोड़फोड़ और पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में नन के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है। इस मामले में दोनों राज्यों से केंद्र ने रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि अब तक इस पर क्या कार्रवाई हुई। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि मामले पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, कितने आरोपी पकड़े गए हैं और कितनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही चर्च की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। गृह मंत्रालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि राज्य सह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं होगी।