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चंडीगढ़ में गिराया जाएगा गुरुद्वारा: 25 साल की लड़ाई हार गई चरणजीत कौर, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
Thu, 17 Oct 2024 11:03 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 17 Oct 2024 11:03 PM IST
सार
चंडीगढ़ में गुरुद्वारा सांझा साहिब को गिराकर राउंड अबाउट का निर्माण होगा।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर 50-51 और 62-63 के चौराहे पर राउंड अबाउट का काम पूरा होगा, इसके लिए 1991 में जारी अधिसूचना के खिलाफ 1999 में दाखिल याचिका को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसमें दखल से इन्कार कर दिया है। ऐसे में याची 25 साल पुरानी लड़ाई हार गई है और इस स्थान से गुरुद्वारा सांझा साहिब को गिराकर राउंड अबाउट का निर्माण होगा।
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याचिका दाखिल करते हुए बाबा चरणजीत कौर ने 1991 में भूमि अधिग्रहण के लिए जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी। याची की दलील थी कि उसे इसके लिए कोई निजी नोटिस जारी नहीं किया गया। इसके साथ ही जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है उस पर धार्मिक इमारत मौजूद है। याची ने उसकी जमीन के साथ लगती जमीनों को अधिग्रहण मुक्त करने की दलील देते हुए समानता के आधार पर उसकी जमीन भी मुक्त करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि कानून के अनुसार उसे कोई निजी नोटिस देना जरूरी नहीं था, अखबारों में अधिसूचना के बारे में नोटिस जारी किया गया था।
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याची ने तय 30 दिन के भीतर आपत्तियां दर्ज करने के स्थान पर 8 साल बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसके साथ ही भूमि का अधिग्रहण जनहित के लिए किया जा रहा है, यह सड़क का हिस्सा है। याची के अनुसार गुरुद्वारे का निर्माण 1986 में हुआ था, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी एंट्री 1991 में की गई है। सुनवाई के दौरान याची ने अपील की कि इस भूमि का मुआवजा 9 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी करने का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में मुआवजे या ब्याज को लेकर कोई प्रार्थना मौजूद नहीं है और ऐसे में इस याचिका में मुआवजे का आदेश नहीं दिया जा सकता। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए राउंड अबाउट निर्माण का रास्ता साफ कर दिया।
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