शहीदी दिवस पर पाक में 'भगत सिंह' की मांग
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शहीदी दिवस पर भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी भगत सिंह के प्रशंसकों की मांग ने जोर पकड़ लिया। उनकी लंबे समय से मांग थी कि लाहौर के फुव्वारा चौक बनाम शादमन चौक का नाम ‘शहीद भगत सिंह चौक’ रखा जाए।
2012 में शहीद के जन्म दिवस से कुछ दिन पहले लाहौर जिला प्रशासन ने चौक का नाम ‘भगत सिंह चौक’ रखा तो जरूर, लेकिन इसके कुछेक घंटों बाद ही पाकिस्तानी चरमपंथी संगठन हुरमत-ए-रसूल के विरोध की वजह से चौक का नाम ‘हुरमत-ए-रसूल चौक’ रख दिया गया।
‘भगत सिंह चौक’ के नाम पर लगाई ‘हबीब जालिब चौक’ की मुहर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला बिगड़ते देख दिलकश लाहौर कमेटी ने चौक का नाम एक बार पुन: बदलते हुए उसे हबीब जालिब चौक नाम से मान्यता दे दी।
शहीद भगत सिंह, सुखदेव तथा राजगुरु के बलिदान दिवस पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए इतिहासशोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने बताया कि भले ही चरमपंथी संगठनों द्वारा सार्वजनिक तौर पर यह धमकी भी दी जा चुकी है कि अब चौक का नाम नहीं बदला जाएगा और पाकिस्तान में इस्लाम धर्म से जुड़े नाम, शख्सियतों और विचारधारा को ही बढ़ावा दिया जा सकता है।
इसके बावजूद लाहौर की भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन, इंस्टीट्यूट फॉर पीस एंड सैकूलर स्टीडज, अलग-अलग सामाजिक संस्थायों द्वारा चरमपंथियों के दबाव के बावजूद आज न सिर्फ शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवस ही मनाया गया बल्कि उक्त चौक का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की मांग भी पुन: दोहराई गई।