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मीडिया के सामने रो पड़े दिल्ली पुलिस के ACP, जानिए क्या है मामला?
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 26 Dec 2016 09:41 AM IST
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दिल्ली के एसीपी विजय कुमार तोमर
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मीडिया से बात करते-करते दिल्ली पुलिस के एसीपी रो पड़े। मामले की खोजबीन की गई तो वजह खुलकर सामने आई। दरअसल, हॉस्टल में उनकी बेटी उत्पीड़न हो रहा है। चेयरमैन उसे परेशान करता है और अधिकारी वीडियो बनाने की धमकी देते हैं। ये सब हो रहा है, रोहतक में बहुअकबर पुर स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनिरी एजूकेशन एंड रिसर्च में।
दिल्ली के सरोजनी नगर निवासी पीड़िता छात्रा की मां किरण ने संस्थान के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। छात्रा के पिता विजय कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में एसीपी है। छात्रा हिसार के लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनिरी (लुवास) से संबंधित बहुअकबरपुर के आईआईवीईआर संस्थान में बैचलर ऑफ वेटरनिरी साइंस की छात्रा है।
परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी इंटरनल एग्जाम में फेल हो गई। आरोप है कि हॉस्टल की फीस भी एक से दो लाख कर दी गई। यह भी आरोप है कि युवक-युवती को आपस में बातचीत करते देख चेयरमैन कालेज से निकालने की धमकी देते हैं। कॉलेज में पढ़ाई करने वाला चेयरमैन का बेटा हॉस्टल में घूमता रहता है, जोकि नियमों के खिलाफ है।
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जब कोई छात्रा शिकायत की बात कहती है तो उन्हें अनुपस्थित करने का भय दिखाया जाता है। इंस्टीट्यूट में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हुए हैं। अपनी बेटी के बारे में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए एसीपी भावुक हो गए और उन्होंने इंस्टीट्यूट ही नहीं पुलिस पर भी इंस्टीट्यूट चेयरमैन से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बहु अकबरपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ वेटनरी के सामने मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक हो गए और रोने लगे।
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दिल्ली के सरोजनी नगर निवासी पीड़िता छात्रा की मां किरण ने संस्थान के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। छात्रा के पिता विजय कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में एसीपी है। छात्रा हिसार के लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनिरी (लुवास) से संबंधित बहुअकबरपुर के आईआईवीईआर संस्थान में बैचलर ऑफ वेटरनिरी साइंस की छात्रा है।
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परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी इंटरनल एग्जाम में फेल हो गई। आरोप है कि हॉस्टल की फीस भी एक से दो लाख कर दी गई। यह भी आरोप है कि युवक-युवती को आपस में बातचीत करते देख चेयरमैन कालेज से निकालने की धमकी देते हैं। कॉलेज में पढ़ाई करने वाला चेयरमैन का बेटा हॉस्टल में घूमता रहता है, जोकि नियमों के खिलाफ है।
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जब कोई छात्रा शिकायत की बात कहती है तो उन्हें अनुपस्थित करने का भय दिखाया जाता है। इंस्टीट्यूट में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हुए हैं। अपनी बेटी के बारे में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए एसीपी भावुक हो गए और उन्होंने इंस्टीट्यूट ही नहीं पुलिस पर भी इंस्टीट्यूट चेयरमैन से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बहु अकबरपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ वेटनरी के सामने मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक हो गए और रोने लगे।
पोल खुलने पर हॉस्टल बदलने का दबाव बनाने लगे
दिल्ली के एसीपी विजय कुमार तोमर
छात्रा के पिता और माता ने कहा कि अधिकारियों की जब पोल खुलने वाली हुई तो वे हॉस्टल का कमरा बदलवाने की जुगत में लग गए। जब उनकी बेटी ने ऐसा करने से मना किया तो उसकी वीडियो बनाने की धमकी दी गई।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी छात्रा की वीडियो बना सकते हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं। शुक्रवार देर रात दिल्ली के एसीपी विजय कुमार तोमर और उनकी पत्नी किरण संस्थान पहुंचे।
इस दौरान उनकी बेटी ने बताया कि उसे हास्टल में दूसरे कमरे में जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उसे जबरन दूसरे कमरे में शिफ्ट होने को कहा जा रहा था। जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसे धमकी दी गई कि वह उसकी वीडियो बनाएंगे।
छात्रा की बात सुनकर परिजनों ने संस्थान के अधिकारियों पर सवाल खडे़ किये। उन्होंने कहा कि वे आखिर किसलिए उनकी बेटी का कमरा बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं। जब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में है तो वे ऐसा दबाव क्यों बना रहे हैं?
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी छात्रा की वीडियो बना सकते हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं। शुक्रवार देर रात दिल्ली के एसीपी विजय कुमार तोमर और उनकी पत्नी किरण संस्थान पहुंचे।
इस दौरान उनकी बेटी ने बताया कि उसे हास्टल में दूसरे कमरे में जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उसे जबरन दूसरे कमरे में शिफ्ट होने को कहा जा रहा था। जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसे धमकी दी गई कि वह उसकी वीडियो बनाएंगे।
छात्रा की बात सुनकर परिजनों ने संस्थान के अधिकारियों पर सवाल खडे़ किये। उन्होंने कहा कि वे आखिर किसलिए उनकी बेटी का कमरा बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं। जब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में है तो वे ऐसा दबाव क्यों बना रहे हैं?
हाईकोर्ट में पहुंच गया मामला, सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली के एसीपी विजय कुमार तोमर
गौरतलब है कि छात्रा की मां ने संस्थान के चेयरमैन सहित उनके परिवार के अन्य सदस्यों को हॉस्टल में बेटी को प्रताड़ित करने और धमकी देने का आरोप लगाया था। इस संबंध में सदर थाने में चेयरमैन भूपेंद्र सिंह मलिक, उनकी मां, पत्नी व बेटे के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज है। मामले की शिकायत लुवास के वीसी को भी दी गई है।
इस मामले में भी संस्थान के अधिकारियों से जवाब तलब दिया गया है। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद किरण तोमर पंजाब एवं हाईकोर्ट में भी इंस्टीट्यूट के खिलाफ याचिका लगाई थी कि इसकी मान्यता रद्द की जाए। क्योंकि यहां पर लड़कियों का उत्पीड़न होता हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई की और सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा हैं।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को अचानक इंस्टीट्यूट के कर्मचारियों ने एसीपी की बेटी के साथ अभद्रता की और उसे कमरा खाली कराने के लिए कहा। उसने कमरा खाली नहीं किया और अपने परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद एसीपी और उनकी पत्नी देर रात इंस्टीट्यूट में पहुंच गए। उन्होंने हंगामा किया।
सभी आरोप गलतः एमडी
इंस्टीट्यूट के एमडी भूपेंद्र मलिक का कहना है कि मुझ पर लगाए गए आरोप गलत है। कमरा बदलने के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत कहा गया था। कमरा नहीं बदला गया तो कोई विरोध भी नहीं किया गया।
इस मामले में भी संस्थान के अधिकारियों से जवाब तलब दिया गया है। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद किरण तोमर पंजाब एवं हाईकोर्ट में भी इंस्टीट्यूट के खिलाफ याचिका लगाई थी कि इसकी मान्यता रद्द की जाए। क्योंकि यहां पर लड़कियों का उत्पीड़न होता हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई की और सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा हैं।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को अचानक इंस्टीट्यूट के कर्मचारियों ने एसीपी की बेटी के साथ अभद्रता की और उसे कमरा खाली कराने के लिए कहा। उसने कमरा खाली नहीं किया और अपने परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद एसीपी और उनकी पत्नी देर रात इंस्टीट्यूट में पहुंच गए। उन्होंने हंगामा किया।
सभी आरोप गलतः एमडी
इंस्टीट्यूट के एमडी भूपेंद्र मलिक का कहना है कि मुझ पर लगाए गए आरोप गलत है। कमरा बदलने के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत कहा गया था। कमरा नहीं बदला गया तो कोई विरोध भी नहीं किया गया।