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पूर्व सैनिक की सुसाइड की राज खोलने में जुटी क्राइम ब्रांच, ये बड़ी कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Updated Sun, 06 Nov 2016 02:41 PM IST
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पूर्व फौजी रामकिशन
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ओआरओपी के लिए जंतर मंतर पर पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल ने सुसाइड कर ली। अब क्राइम ब्रांच उसकी मौत का राज खोलने में जुट गई है। इसके लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम ने रामकिशन के गांव बामला में डेरा डाल दिया है। साथ ही अपनी जांच तेज कर दी है। तीन-चार टीमों ने अलग-अलग एंगल से तफ्तीश आरंभ की है।
क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम ने बामला गांव में पूर्व सैनिकों के परिजनों से लंबी बात की तो ग्रामीणों से मिलकर जानकारी भी जुटाई। शनिवार को दिल्ली पुलिस की पांच सदस्यों की टीम बामला गांव पहुंची। टीम पहले पूर्व सैनिक रामकिशन के घर पहुंची और उनके बेटों और दूसरे परिजनों से बात की। 31 तारीख को रामकिशन की घर से दिल्ली रवानगी से लेकर मौत की सूचना तक सिलसिलेवार जानकारी एकत्र की।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गांव के सरपंच और प्रमुख लोगों से बात की। सरपंच के पति पवन ने बताया कि मुलाकात के लिए दिल्ली पुलिस का उनके पास फोन आया था। लेकिन, वे गांव से बाहर होने की वजह से मिल नहीं सके। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली पुलिस की एक टीम गोपनीय तरीके से अपना काम कर रही है।
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क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम ने बामला गांव में पूर्व सैनिकों के परिजनों से लंबी बात की तो ग्रामीणों से मिलकर जानकारी भी जुटाई। शनिवार को दिल्ली पुलिस की पांच सदस्यों की टीम बामला गांव पहुंची। टीम पहले पूर्व सैनिक रामकिशन के घर पहुंची और उनके बेटों और दूसरे परिजनों से बात की। 31 तारीख को रामकिशन की घर से दिल्ली रवानगी से लेकर मौत की सूचना तक सिलसिलेवार जानकारी एकत्र की।
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इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गांव के सरपंच और प्रमुख लोगों से बात की। सरपंच के पति पवन ने बताया कि मुलाकात के लिए दिल्ली पुलिस का उनके पास फोन आया था। लेकिन, वे गांव से बाहर होने की वजह से मिल नहीं सके। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली पुलिस की एक टीम गोपनीय तरीके से अपना काम कर रही है।
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गायब है रामकिशन का मोबाइल
पूर्व फौजी रामकिशन
पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल का मोबाइल गायब है। नंबर डॉयल करने पर नॉट रिचेबल आ रहा है। यह खुलासा रामकिशन के बेटे बलवंत उर्फ प्रदीप ने दिल्ली पुलिस को दिए अपने लिखित बयान में किया।
शनिवार को गांव में पहुंची दिल्ली पुलिस को दिए अपने बयान में बलवंत ने बताया कि हादसे के बाद दिल्ली पहुंचकर उसने अपने पापा के फोन की तलाश की तो नहीं मिला। इसके बाद नंबर डॉयल किया तो नॉट रिचेबल आ रहा है।
बलवंत ने अपना मोबाइल दिल्ली पुलिस को देने में अनिच्छा जाहिर की। अलबत्ता, जिस मोबाइल से बलवंत की अपने पिता से अंतिम बातचीत हुई, उसकी रिकॉर्डिंग पुलिस को जरूर दी है।
बलवंत ने कहा है कि उसके पिता के पास सल्फास कहां आई और किससे ली, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें किसी पर शक-शुबहा नहीं है।
शनिवार को गांव में पहुंची दिल्ली पुलिस को दिए अपने बयान में बलवंत ने बताया कि हादसे के बाद दिल्ली पहुंचकर उसने अपने पापा के फोन की तलाश की तो नहीं मिला। इसके बाद नंबर डॉयल किया तो नॉट रिचेबल आ रहा है।
बलवंत ने अपना मोबाइल दिल्ली पुलिस को देने में अनिच्छा जाहिर की। अलबत्ता, जिस मोबाइल से बलवंत की अपने पिता से अंतिम बातचीत हुई, उसकी रिकॉर्डिंग पुलिस को जरूर दी है।
बलवंत ने कहा है कि उसके पिता के पास सल्फास कहां आई और किससे ली, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें किसी पर शक-शुबहा नहीं है।
पूर्व सैनिक के साथियों से की लंबी पूछताछ
पूर्व फौजी रामकिशन
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैनिक के सहयोगी और एक नवंबर को दिल्ली में रामकिशन के साथ रहे सिंघानी गांव के जगदीश और राजकुमार से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। शनिवार देर शाम जगदीश ने अमर उजाला को बताया कि अभी राजकुमार और वह दिल्ली पुलिस के साथ हैं और दिल्ली से भिवानी आ रहे हैं। शुक्रवार से ही दोनों से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर दिल्ली से पता चला है कि दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
डेडबॉडी दिल्ली नहीं, बहादुगढ़ में दी
अपने बयान में बलवंत ने बताया कि उनके पिता की डेडबॉडी पुलिस ने दिल्ली में नहीं दी, बल्कि बहादुरगढ़ (हरियाणा) में दी। यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं था। उसे लात-घूंसों से पीटा गया और जबरदस्ती थाने ले गए।
डेडबॉडी दिल्ली नहीं, बहादुगढ़ में दी
अपने बयान में बलवंत ने बताया कि उनके पिता की डेडबॉडी पुलिस ने दिल्ली में नहीं दी, बल्कि बहादुरगढ़ (हरियाणा) में दी। यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं था। उसे लात-घूंसों से पीटा गया और जबरदस्ती थाने ले गए।
केंद्रीय मंत्री बोले, शहीद के दर्जे के लिए सीएम से करेंगे बात
विधानसभा सत्र के दौरान रामकिशन के मुद्दे पर बोलते खट्टर
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने भले ही रामकिशन को शहीद मानने से इनकार कर दिया हो लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार में मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने पूर्व सैनिक को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।
यहां पहुंचे अठावले ने कहा कि वे इस बारे में सीएम से बात करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि रामकिशन के पुत्र जसवंत भिवानी ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में आरपीआई से जुड़े हुए हैं। शनिवार को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के निधन पर शोक जताया।
गांव बामला पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए उन्होंने सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बात करते हुए अठावले ने कहा कि वह खुद सीएम से मुलाकात कर पूर्व सैनिक को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए बात करेंगे।
यहां पहुंचे अठावले ने कहा कि वे इस बारे में सीएम से बात करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि रामकिशन के पुत्र जसवंत भिवानी ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में आरपीआई से जुड़े हुए हैं। शनिवार को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के निधन पर शोक जताया।
गांव बामला पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए उन्होंने सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बात करते हुए अठावले ने कहा कि वह खुद सीएम से मुलाकात कर पूर्व सैनिक को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए बात करेंगे।