11वां ग्लोबल वीक समारोहः धर्मगुरु दलाई लामा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित
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चितकारा यूनिवर्सिटी के पंजाब कैंपस में सोमवार को धर्म गुरु दलाई लामा पहुंचे। चितकारा विश्वविद्यालय पहुंचने पर चांसलर डॉ. अशोक चितकारा, कुलपति डॉ. मधु चितकारा और चितकारा विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे तिब्बती छात्रों ने उनका स्वागत किया। समारोह में उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि, डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डीलिट) से सम्मानित किया।
दलाई लामा को चितकारा यूनिवर्सिटी में 14 अक्तूबर से आयोजित ग्लोबल वीक-2019 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा की आज के समय की चुनौती का सामना करने के लिए मनुष्य को सार्वभौमिक उत्तरदायित्व की व्यापक भावना का विकास करना चाहिए।
सबको यह सीखने की जरूरत है कि हम न केवल अपने लिए कार्य करें बल्कि पूरे मानवता के लाभ के लिए कार्य करें। दलाई लामा ने ‘द नीड फार यूनिवर्सल एथिक्स इन एजुकेशन’ विषय पर भाषण दिया।
लामा ने कहा कि भविष्य का आकार हमारे हाथों में है। 21वीं शताब्दी के शिक्षक और शिक्षार्थी मिलकर एक ऐसी दुनिया का निर्माण कर सकते हैं जो अधिक खुश और अधिक शांतिपूर्ण होगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि हमें अपने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों में दूसरों के लिए दया और चिंता जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
दलाई लामा चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉक्टर अशोक चितकारा व वाइस चांसलर डॉक्टर मधु चितकारा से मिले। उनके साथ सार्थक संवाद किया। डॉक्टर मधु चितकारा ने बताया कि वह दलाई लामा को उनके बीच में पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान चंडीगढ़ में कनाडा की दूत सुश्री मिया येन, डॉ. नियति चितकारा, प्रिंसिपल, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल, कुमार अनिल, आईएएस, डीसी-पटियाला, नाजुक कुमार, एसडीएम (सेंट्रल) चंडीगढ़ प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और पंजाब के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल थे। 14 से 18 अक्तूबर तक आयोजित इस 11वें ग्लोबल वीक समारोह में 22 देशों की 39 यूनिवर्सिटीज के 55 से ज्यादा डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं।