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चंडीगढ़ः कचरे के पहाड़ से मुक्त होगा डड्डूमाजरा, गर्वनर ने किया प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन

Sat, 21 Dec 2019 02:24 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 21 Dec 2019 02:24 PM IST
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Daddumajra will get rid of the mountain of garbage, Inauguration of processing plant
प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला
40 साल से डंपिंग ग्राउंड का दंश झेल रहे डड्डूमाजरा के लिए यह खुशी का मौका है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने कचरा प्रोसेस प्लांट का उद्घाटन कर इससे मुक्ति की नींव रख दी।
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प्रशासक ने कहा कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में और मैं हर महीने प्लांट का निरीक्षण करूंगा। जिससे पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और उसमें कितनी तेजी है। वहीं, सांसद खेर ने इस बड़ी समस्या के समाधान के लिए पूर्व मेयर अरुण सूद, आशा जसवाल, देवेश मोदगिल और राजेश कालिया को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं के अथक प्रयासों से आज यह प्लांट लग पाया है।
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तकरीबन 40 साल से कचरा फेंकने से बने 35 फुट के कचरे के पहाड़ को खत्म करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए शहर में कई आंदोलन और राजनीतिक चर्चाओं का मुद्दा रहे डंपिंग ग्राउंड के निस्तारण का काम शुरू होते ही लोगों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया। जैसे ही प्रशासक ने मशीन का बटन दबाया लोगों ने खुशी जाहिर की। सांसद और प्रशासक ने डंपिंग ग्राउंड से लौटकर पार्क में बने मंच से लोगों को संबोधित किया।
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सांसद किरण खेर ने कहा कि वर्ष 2014 में वें सांसद नहीं थी, लेकिन लोगों के धरने पर बैठने की सूचना मिली। उसमें वर्तमान मेयर राजेश कालिया भी शामिल थे। मैंने जूस पिलाकर हड़ताल खत्म कराई थी। तबसे मन में कसक थी कि डंपिंग ग्राउंड को खत्म करना है। योजनाओं को लागू करने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन आज काफी खुशी हुई है।

प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि वास्तव में आज का दिन ऐतिहासिक है। वर्ष 1980 में डड्डूमाजरा कॉलोनी बनाकर उन्हें अच्छे आवास का सपना दिखाया, लेकिन पिछले 40 साल से जो लोग इस दूषित हवा में रह रहे हैं, उनकी चिंता ही नहीं की गई। लोग चंडीगढ़ में रहने का सपना देखते हैं, लेकिन डड्डूमाजरा में कौन रहना चाहेगा। आज इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करते हुए काफी खुशी हो रही है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए सांसद और मैं लगातार आएंगे। जिससेकाम में कोई लापरवाही न हो।

कमिश्नर साहब... यहां कचर डला है, कब उठेगा...

प्रशासक ने कहा कि इंदौर मे स्टेशन के बाहर छोटी सी दुकान भी अपने सामने कचरा नहीं करती। यहां कचरा देखकर लोग कमिश्नर को फोन लगाकर पूछते हैं, कि कचरा कब उठेगा, लेकिन खुद नहीं हटा सकते। इसी तरह जयपुर में प्रथा है कि लोग शाम के समय दुकानों से कचरा नहीं निकालते। रात के समय कर्मचारी सड़कें साफ करते थे और सुबह दुकानदार कचरा निकालकर सड़कों पर रख देते थे। समस्या समझने के बाद दुकानदारों को समझाया गया। उसके बाद दुकानदारों ने अपनी सोच बदली और कचरा निकालने का समय भी बदला। इसी तरह चंडीगढ़ के लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी।

दयाल कृष्ण और नरेंद्र चौधरी को मिला सम्मान
डंपिंग ग्राउंड के लिए संघर्ष करने वाले दयाल कृष्ण और नरेंद्र चौधरी को मेयर ने मंच पर बुलाया। मेयर ने कहा कि यह दोनों ही व्यक्ति हैं, जो संघर्ष के दिनों से साथ हैं। इस कचरे के पहाड़ को हटाने में जितनी मेहनत मैंने की है, उतनी ही मेहनत दयाल कृष्ण और नरेंद्र चौधरी ने की। इसलिए यह दोनों भी बधाई के पात्र हैं। दोनों को प्रशासक ने पौधों के रूप में स्मृति चिह्न दिया।

चंडीगढ़ में पैसे वाले लोग हैं, इसलिए बढ़ रहीं चेन छीनने की घटनाएं
शहर में लगातार चेन छीनने की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ में पैसे वाले लोग काफी हैं। इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों से अपराधी आकर यहां चेन छीनने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासक ने चंडीगढ़ के कानून व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए डीजीपी संजय बेनीवाल को बधाई दी।

अब फोटो खिंचाने वाले मेयर नहीं कालिया
कार्यक्रम के अंत में भाजपा पार्षद व सेनीटेशन कमेटी के अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली ने कहा कि मेयर बनने के बाद राजेश कालिया सबसे पहले डंपिंग ग्राउंड पहुंचे। डंपिंग ग्राउंड में खड़े मेयर की फोटो कई समाचार पत्रों में लगी। लगभग पूरा कार्यकाल खत्म होने को है, लोग मेयर को फोटो खिंचाने वाला मेयर कह कर संबोधित करने लगे, लेकिन आज उन्होंने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट की शुरूआत कराकर बता दिया कि वह फोटो खिंचाने वाले मेयर नहीं, बल्कि काम करने वाले मेयर हैं। असल मायने में आज लोगों के अच्छे दिन आ गए हैं।

चंडीगढ़ के लोगों को भी आगे आना होगा: सांसद

हम आज बात करते हैं कि इंदौर हमसे आगे, भोपाल काफी स्वच्छ है, लेकिन असल बात यह है कि वहां के लोगों ने ठाना है कि हमें स्वच्छता अभियान में नंबर एक पर आना है। इंदौर का टूर हर बार इसलिए किया गया कि वहां की व्यवस्थाओं को देखा जा सके, लेकिन असल बात यह है कि वहां के लोग निगम पर आश्रित नहीं हैं। यही सोच हमें लानी होगी। कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगना मेयर राजेश कालिया के लिए किसी सपने से कम नहीं है। मुझे खुशी है कि मैं अपने कार्यकाल में एक और वादा पूरा करने में सफल रही हूं।  

अपने क्षेत्र के लिए जो किया, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी: मेयर
अपने क्षेत्र के लिए कुछ ऐसा कर जाना जो पूरे शहर के लिए अच्छा हो, इससे बड़ी पुंजी कोई नहीं। आज इतनी खुशी है कि डंपिंग ग्राउंड हटाने के लिए जो लड़ाई शुरू की थी, उसे अपने कार्यकाल में अंजाम दिया है। इस पूरे काम में प्रशासक और सांसद के साथ ही कमिश्नर केके यादव का काफी सहयोग मिला है।
- राजेश कालिया, मेयर

चंडीगढ़ की सबसे सुंदर कालोनी बनेगी डड्डूमाजरा: प्रशासक
40 सालों से डड्डूमाजरा के लोगों को विकास के नाम पर केवल गुमराह किया गया। अच्छी कॉलोनी के नाम पर लोगों को यहां बसा तो दिया, लेकिन सुविधाओं के नाम पर केवल गंदी हवा मिली। इनके स्वास्थ्य पर काफी गहरा प्रभाव पड़ा है। आज मंच से आश्वासन देता हूं कि डड्डूमाजरा चंडीगढ़ की सबसे खूबसूरत कॉलोनी बनेगी। यहां के लोगों को डड्डूमाजरा का निवासी होने पर गर्व होगा। मुझे खुशी है कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव वर्ष में यह शुभ कार्य हुआ है।
- वीपी सिंह बदनौर, प्रशासक

लोगों ने खुशी से दीवाली की तरह मनाया आयोजन

डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के कचरे को प्रोसेस करने के लिए शुरू किए प्लांट के उद्घाटन के बाद एक कार्यक्रम नजदीक के पार्क में रखा गया था। उद्घाटन के बाद यहां एरिया के लोगों को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरन खेर लोगों को संबोधित करने आ रहे थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने को लोग बड़े उत्साह से पहुंच रहे थे।

नए कपड़ों के साथ ही उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि लोग कितने खुश हैं।ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दशल कृष्ण ने बताया कि आज का दिन जैसे हमारे लिए दीवाली का दिन है। आज मन हो रहा है कि पटाखे भी फोड़ें। घुट-घुट कर जीने वाली जिंदगी से अब बस कुछ दिनों में राहत मिलेगी।

डड्डूमाजरा के लोगों के संघर्ष में ‘अमर उजाला’ ने काफी सहयोग दिया है। वहीं, नरेंद्र चौधरी ने कहा कि मेयर राजेश कालिया के साथ संघर्ष किया गया था। तबसे लेकर आज तक अमर उजाला यहां के लोगों के नरकीय जीवन के बारे में अफसरों और राजनेताओं को बताता रहा है। दोनों ने अमर उजाला के सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
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