स्थापना दिवसः चंडीगढ़ के लोगों ने इतनी साइकिल चलाई... 10 बार धरती से जा सकते हैं चांद
अगस्त 2021 में पहले चरण में 1,250 साइकिल और 155 डॉकिंग स्टेशन शामिल किए गए थे। परियोजना का दूसरा चरण फरवरी 2022 में शुरू हुआ, जिसमें बेड़े में 1,250 नई साइकिलें शामिल हुईं। जनवरी 2023 में तीसरे चरण और 31 जुलाई 2023 से चौथा और आखिरी शुरू हुआ था, जो अब लगभग पूरा हो गया है।
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स्मार्ट सिटी का बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट शहर की हरियाली को बचाने में काफी मदद कर रहा है। 10 लाख लोगों ने करीब 40 लाख किमी साइकिल चलाई है। ये धरती से चांद पर 10 बार जाने के बराबर है। साइकिलों ने 998 मीट्रिक टन (एमटी) कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। ये एक लाख डीजल जलने पर होने वाला प्रदूषण है और साढ़े 16 हजार पेड़ लगाने जैसा है।
बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट ने शहरवासियों को साइकिल के प्रति प्रेरित किया है। अब रोजाना सुबह और शाम के समय काफी संख्या में लोग साइकिल चलाते हुए नजर आते हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी की यह परियोजना दिसंबर 2020 में पायलट चरण में 250 साइकिल और 25 डॉकिंग स्टेशनों के साथ शुरू की गई थी। शहर भर के 574 डॉकिंग स्टेशनों पर साइकिलों की कुल संख्या 5000 के करीब है।
स्मार्ट सिटी के आंकड़ों के अनुसार अब तक 9,98,720 बार साइकिलों की राइड हुई है। इन साइकिलों ने कुल 39,94,880 किमी का सफर तय किया है। इससे 998 मीट्रिक टन (एमटी) कार्बन उत्सर्जन बचा है। ग्रीनहाउस गैस इक्वीलेंसिस कैलकुलेटर के अनुसार 998 मीट्रिक टन (एमटी) कार्बन उत्सर्जन, करीब एक लाख डीजल और 11,17,913 पाउंड कोयला को जलाने के बराबर है, जिसे इन साइकिलों ने बचाया है। यह 12 करोड़ मोबाइल को चार्ज करने पर निकलने वाले सीओ2 के बराबर है।
12 बाय 12 किमी के शहर में बनाए गए हैं करीब 574 डॉकिंग स्टेशन
अगस्त 2021 में पहले चरण में 1,250 साइकिल और 155 डॉकिंग स्टेशन शामिल किए गए थे। परियोजना का दूसरा चरण फरवरी 2022 में शुरू हुआ, जिसमें बेड़े में 1,250 नई साइकिलें शामिल हुईं। जनवरी 2023 में तीसरे चरण और 31 जुलाई 2023 से चौथा और आखिरी शुरू हुआ था, जो अब लगभग पूरा हो गया है।
वर्तमान में कुल करीब 5000 साइकिलें शहर के 574 डॉकिंग स्टेशनों पर उपलब्ध हैं। हालांकि, प्रोजेक्ट के घोषणा के वक्त दावा किया गया था कि अप्रैल 2022 तक पब्लिक बाइक शेयरिंग के सभी चरण पूरे कर लिए जाएंगे लेकिन कई कारणों की वजह से इसमें देरी होती गई। बता दें कि पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ को केंद्र सरकार से सर्वश्रेष्ठ मोबिलिटी प्रोजेक्ट का भी पुरस्कार मिला है।
ऐसे इन साइकिलों को चला सकते हैं लोग
शहरवासी किसी भी डॉकिंग स्टेशन से आधे घंटे के लिए 10 रुपये में साइकिल ले सकते हैं, जबकि 500 रुपये की वार्षिक सदस्यता वाले लोगों के लिए यह शुल्क घटकर 5 रुपये प्रति आधा घंटा हो जाता है। स्मार्ट बाइक एप पर रजिस्टर करने के बाद साइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है।