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CTET पास युवती को नहीं दिया भर्ती में चांस, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 31 Oct 2016 08:08 PM IST
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कोर्ट
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सीटेट पास होने के बावजूद शिक्षक भर्ती से बाहर कर दिया गया। फैसले के खिलाफ लड़की ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पंजाब में शिक्षक पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाली गुरदासपुर की रूपिंदर कौर सीटेट पास कर चुकी हैं। उसके बावजूद केवल इस आधार पर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया कि उसने पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (पीएसटीईटी) पास नहीं किया है।
शिक्षक भर्ती निदेशालय के इस फैसले को रूपिंदर कौर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। रूपिंदर कौर की याचिका पर जस्टिस जसवंत सिंह ने पंजाब सरकार सहित डीपीआई (सेकेंडरी एजुकेशन), एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के निदेशक और एनसीटीई को 15 दिसंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने शिक्षिका के पद पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य सीटीईटी पास की हुई है। यह परीक्षा केंद्रीय स्तर पर ली जाती है। इसी तरह पंजाब सरकार शिक्षकों के पद के लिए पीएसटीईटी कराती है। दोनों ही परीक्षाएं शिक्षक पद पर आवेदन के लिए अनिवार्य हैं।
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पंजाब में शिक्षक पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाली गुरदासपुर की रूपिंदर कौर सीटेट पास कर चुकी हैं। उसके बावजूद केवल इस आधार पर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया कि उसने पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (पीएसटीईटी) पास नहीं किया है।
शिक्षक भर्ती निदेशालय के इस फैसले को रूपिंदर कौर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। रूपिंदर कौर की याचिका पर जस्टिस जसवंत सिंह ने पंजाब सरकार सहित डीपीआई (सेकेंडरी एजुकेशन), एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के निदेशक और एनसीटीई को 15 दिसंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने शिक्षिका के पद पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य सीटीईटी पास की हुई है। यह परीक्षा केंद्रीय स्तर पर ली जाती है। इसी तरह पंजाब सरकार शिक्षकों के पद के लिए पीएसटीईटी कराती है। दोनों ही परीक्षाएं शिक्षक पद पर आवेदन के लिए अनिवार्य हैं।
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पीएसटीईटी पास न करने का हवाला देकर किया बाहर
डेमो पिक
याचिकाकर्ता ने पंजाब सरकार की ओर से गत वर्ष नवंबर माह में सोशल स्टडीज के 1500 और पंजाबी भाषा के 1000 पदों की भर्ती के मांगे गए आवेदन के तहत इन पदों पर आवेदन किया, लेकिन 27 सितंबर को याचिकाकर्ता को यह कहते हुए भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से रोक दिया गया कि उसने पीएसटीईटी परीक्षा पास नहीं की है।
रूपिंदर कौर की पैरवी करते हुए एडवोकेट रंजीवन सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि एनसीटीई ने शिक्षक पद पर आवेदन के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य किया है। इस तरह, तय प्रावधानों के तहत याचिकाकर्ता ने सीटीईटी पास की हुई है। लिहाजा, उसे भर्ती प्रक्त्रिस्या में शामिल होने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस पद पर आवेदन के लिए पीएसटीईटी भी पास होने की अनिवार्यता पूरी तरह गलत है, क्योंकि एक बार परीक्षा पास करने के बाद किसी आवेदक से बार-बार परीक्षा नहीं ली जा सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
रूपिंदर कौर की पैरवी करते हुए एडवोकेट रंजीवन सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि एनसीटीई ने शिक्षक पद पर आवेदन के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य किया है। इस तरह, तय प्रावधानों के तहत याचिकाकर्ता ने सीटीईटी पास की हुई है। लिहाजा, उसे भर्ती प्रक्त्रिस्या में शामिल होने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस पद पर आवेदन के लिए पीएसटीईटी भी पास होने की अनिवार्यता पूरी तरह गलत है, क्योंकि एक बार परीक्षा पास करने के बाद किसी आवेदक से बार-बार परीक्षा नहीं ली जा सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।