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गुंडागर्दीः पुलिस ने सरेआम दो लोगों को पीटा, सीसीटीवी में कैद घटना, एएसआई लाइन हाजिर
Wed, 30 Oct 2019 01:43 PM IST
खुशबू गोयल
गुरपाल सिंह, अमर उजाला, जीरकपुर
गुरपाल सिंह, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 30 Oct 2019 01:43 PM IST
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युवकों को पीटते हुए पुलिस वाले
- फोटो : अमर उजाला
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सेवा, सुरक्षा व सहयोग का नारा लगाने वाली पुलिस अब सरेआम गुंडागर्दी पर उतारू हो गई है। आए दिन पुलिस द्वारा किए गए हाथापाई के मामले सामने आने लगे हैं। जीरकपुर पुलिस की ऐसी ही एक करतूत को देखकर लोगों में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने पुलिस को गुंडागर्दी का लाइसेंस दे दिया है।
अभी हाल ही 26 अक्तूबर की रात को जीरकपुर स्थित होटल रॉयल सिटी में जीरकपुर थाने में तैनात एक एएसआई और दो हेड कांस्टेबलों ने होटल के कमरे से बाहर निकालकर दो लोगों की बेरमी से पिटाई कर दी। जब दोनों व्यक्तियों ने कारण पूछा तो पुलिस ने अपनी प्राइवेट गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई और जबरन आपसी समझौता करा दिया। इसके बाद पीड़ित दोनों व्यक्तियों ने सीसीटीवी फुटेज के साथ मामले की शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों को दी। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पिटाई करने वाले एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया है।
वहीं दोनों हेड कांस्टेबलों की इनक्वायरी मार्क कर दी गई है। दरअसल चंडीगढ़ बैरियर स्थित जीरकपुर के होटल रॉयल सिटी में 26 अक्तूबर की रात गुरविंदर सिंह और राजकुमार यादव अपने दोस्त से रात करीब 11 बजे मिलने गए थे। तभी रात करीब 11.15 मिनट पर वहां तीन पुलिस कर्मी एएसआई हरजिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल ओंकार सिंह व बिरेंदर सिंह पहुंचे। गुरविंदर सिंह ने बताया कि अभी वह बात कर रही रहे थे, तभी उनके कमरे के पास पुलिस पहुंच गई। इतने में हेड कांस्टेबल ओंकार सिंह ने एएसआई हरजिंदर सिंह को बताया कि इनमें गुरविंदर सिंह ने एक बार उनकी वीडियो बनाई थी।
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फिर क्या था, एएसआई का गुरविंदर सिंह पर गुस्सा फूट गया। बीच बचाव में सामने आए राजकुमार यादव को हेड कांस्टेबल ने दो तमाचा लगाकर किनारे पकड़ कर ले गया और उसके बाद गुरविंदर सिंह की तीनों पुलिस कर्मियों ने जमकर पिटाई की। जब दोनों ने कारण पूछा तो एएसआई ने कहा इन्हें थाने लेकर चलो, ये ऐसे नहीं मानेंगे। इसके बाद दोनों को पुलिस होटल के बाहर लेकर गई। इतने में गुरविंदर सिंह ने एएसआई से कहा कि पुलिस कर्मियों और हमारा मेडिकल करवाओ।
इसके बाद तीन पुलिस के मुलाजिम भड़क गए और दोनों को अपनी निजी कार में बैठाया और दोनों की गाड़ी में जमकर पिटाई की। थाने ले जाने के बाद भी गुरविंदर सिंह और राजकुमार यादव अपना मेडिकल कराने की बात तीन पुलिस के मुुलाजिमों से करते रहे। इसके बाद तीनों ने थाने से मेडिकल कराने के बहाने दोनों को बाहर लेकर गए और अपनी निजी गाड़ी में थाने के बाहर घुमाते रहे, लेकिन इस बीच मेडिकल नहीं करवाया और दोनों को लेकर थाने पहुंच गए।
गुरविंदर ने बताया कि एक पुलिस मुलाजिम ने थाने में अपने मनमर्जी के हिसाब से राजीनामा पंजाबी में तैयार किया और दोनों को पंजाबी नहीं आती। इसके बाद एएसआई ने जबरन राजीनामा पर हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन तीनों पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की सारी करतूतें सीसीटीवी फुटेज कैद हो गई थी। अगर ये मामला सीसीटीवी फुटेज में कैद नहीं होती, तो यहां पुलिस मामले को पहले दबा जाती।
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अभी हाल ही 26 अक्तूबर की रात को जीरकपुर स्थित होटल रॉयल सिटी में जीरकपुर थाने में तैनात एक एएसआई और दो हेड कांस्टेबलों ने होटल के कमरे से बाहर निकालकर दो लोगों की बेरमी से पिटाई कर दी। जब दोनों व्यक्तियों ने कारण पूछा तो पुलिस ने अपनी प्राइवेट गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई और जबरन आपसी समझौता करा दिया। इसके बाद पीड़ित दोनों व्यक्तियों ने सीसीटीवी फुटेज के साथ मामले की शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों को दी। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पिटाई करने वाले एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया है।
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वहीं दोनों हेड कांस्टेबलों की इनक्वायरी मार्क कर दी गई है। दरअसल चंडीगढ़ बैरियर स्थित जीरकपुर के होटल रॉयल सिटी में 26 अक्तूबर की रात गुरविंदर सिंह और राजकुमार यादव अपने दोस्त से रात करीब 11 बजे मिलने गए थे। तभी रात करीब 11.15 मिनट पर वहां तीन पुलिस कर्मी एएसआई हरजिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल ओंकार सिंह व बिरेंदर सिंह पहुंचे। गुरविंदर सिंह ने बताया कि अभी वह बात कर रही रहे थे, तभी उनके कमरे के पास पुलिस पहुंच गई। इतने में हेड कांस्टेबल ओंकार सिंह ने एएसआई हरजिंदर सिंह को बताया कि इनमें गुरविंदर सिंह ने एक बार उनकी वीडियो बनाई थी।
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फिर क्या था, एएसआई का गुरविंदर सिंह पर गुस्सा फूट गया। बीच बचाव में सामने आए राजकुमार यादव को हेड कांस्टेबल ने दो तमाचा लगाकर किनारे पकड़ कर ले गया और उसके बाद गुरविंदर सिंह की तीनों पुलिस कर्मियों ने जमकर पिटाई की। जब दोनों ने कारण पूछा तो एएसआई ने कहा इन्हें थाने लेकर चलो, ये ऐसे नहीं मानेंगे। इसके बाद दोनों को पुलिस होटल के बाहर लेकर गई। इतने में गुरविंदर सिंह ने एएसआई से कहा कि पुलिस कर्मियों और हमारा मेडिकल करवाओ।
इसके बाद तीन पुलिस के मुलाजिम भड़क गए और दोनों को अपनी निजी कार में बैठाया और दोनों की गाड़ी में जमकर पिटाई की। थाने ले जाने के बाद भी गुरविंदर सिंह और राजकुमार यादव अपना मेडिकल कराने की बात तीन पुलिस के मुुलाजिमों से करते रहे। इसके बाद तीनों ने थाने से मेडिकल कराने के बहाने दोनों को बाहर लेकर गए और अपनी निजी गाड़ी में थाने के बाहर घुमाते रहे, लेकिन इस बीच मेडिकल नहीं करवाया और दोनों को लेकर थाने पहुंच गए।
गुरविंदर ने बताया कि एक पुलिस मुलाजिम ने थाने में अपने मनमर्जी के हिसाब से राजीनामा पंजाबी में तैयार किया और दोनों को पंजाबी नहीं आती। इसके बाद एएसआई ने जबरन राजीनामा पर हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन तीनों पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की सारी करतूतें सीसीटीवी फुटेज कैद हो गई थी। अगर ये मामला सीसीटीवी फुटेज में कैद नहीं होती, तो यहां पुलिस मामले को पहले दबा जाती।
ऐसे हुआ एएसआई लाइन हाजिर
इन तीनों पुलिस कर्मियों की मारपीट की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस फुटेज के सहारे पीड़ित गुरविंदर सिंह और राजकुमार यादव ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी कुलदीप सिंह चलह ने मामला संज्ञान में आने के बाद एसएचओ जीरकपुर को मामले की जांच के लिए कहा। इस मामले में एसएचओ गुरचरण सिंह ने बताया कि उनके द्वारा मामले की गंभीरता से जांच करते हुए एएसआई हरजिंदर सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया है और दोनों हेड कांस्टेबलों की इनक्वायरी मार्क कर आला अधिकारियों को भेज दिया गया है। अब आगे का फैसला जांच के बाद वही करेंगे।
एक पत्रकार को भी एक एएसआई ने बनाया था निशाना
एक फ्री लांसर पत्रकार जगजीत सिंह कलेर पर बलटाना के सन्नी एनक्लेव में कवरेज के दौरान मुबारकपुर चौकी में तैनात एएसआई नरपिंदर सिंह ने तमाचा मारकर उनका कैमरा छिन लिया था। जगजीत सिंह कलेर ने बताया कि पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद भी एएसआई पर कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या कहते हैं कांग्रेस के जिला प्रधान
दीपिन्द्र ढिल्लों ने बताया के उनको मामले के बारे में पता नही है लेकिन अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो यह ठीक नही है पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए है । उन्होंने कहा के मामले के बारे में पूरी जानकारी लेकर एस एस पी मोहली से बात कर उनके खिलाफ सख्त करवाई के लिये कहा जाएगा । इस बात को उच्च अधिकारों तक पहुंचाया जाएगा ।
क्या कहते हैं विधायक
विधायक एनके शर्मा का कहना है कि जीरकपर में पुलिस का गुंडा राज चल रहा है, पुलिस लोगों की मदद करने की बजाए उनके साथ जगबर्दस्ती करने में विश्वाश कर रही है । उन्होंने ने बताया कि बलटाना चौकी इंचार्ज ने तो हद कर रखी है, बलटाना क्षेत्र में किसी ने फ्लैक्स बोर्ड फाड् दिए हैं जिसके लिए उनके पार्षद को धमकाया जा रहा है और जबरदस्ती थाने में बुला कर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है । उन्होंने ने बताया के आम लोग, पत्रकार और चुने हुए नुमाइंदो को भी पीटा जा रहा है।
एक पत्रकार को भी एक एएसआई ने बनाया था निशाना
एक फ्री लांसर पत्रकार जगजीत सिंह कलेर पर बलटाना के सन्नी एनक्लेव में कवरेज के दौरान मुबारकपुर चौकी में तैनात एएसआई नरपिंदर सिंह ने तमाचा मारकर उनका कैमरा छिन लिया था। जगजीत सिंह कलेर ने बताया कि पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद भी एएसआई पर कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या कहते हैं कांग्रेस के जिला प्रधान
दीपिन्द्र ढिल्लों ने बताया के उनको मामले के बारे में पता नही है लेकिन अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो यह ठीक नही है पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए है । उन्होंने कहा के मामले के बारे में पूरी जानकारी लेकर एस एस पी मोहली से बात कर उनके खिलाफ सख्त करवाई के लिये कहा जाएगा । इस बात को उच्च अधिकारों तक पहुंचाया जाएगा ।
क्या कहते हैं विधायक
विधायक एनके शर्मा का कहना है कि जीरकपर में पुलिस का गुंडा राज चल रहा है, पुलिस लोगों की मदद करने की बजाए उनके साथ जगबर्दस्ती करने में विश्वाश कर रही है । उन्होंने ने बताया कि बलटाना चौकी इंचार्ज ने तो हद कर रखी है, बलटाना क्षेत्र में किसी ने फ्लैक्स बोर्ड फाड् दिए हैं जिसके लिए उनके पार्षद को धमकाया जा रहा है और जबरदस्ती थाने में बुला कर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है । उन्होंने ने बताया के आम लोग, पत्रकार और चुने हुए नुमाइंदो को भी पीटा जा रहा है।