करोड़ों की ठगी कर शाही जिंदगी जी रही थी महिला कर्मचारी, नेट बैंकिंग को बनाया हथियार
पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड (पीएलडब्ल्यूबी) में नेट बैंकिंग के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी कर मुख्य आरोपी सहायक अकाउंटेंट हिना शाही जिंदगी जी रही थी। उसने ठगी के पैसों से जहां अपनी संपत्ति बनाई, वहीं कारें खरीदीं और परिवार संग विदेश में घूमकर खूब ऐश की। यह खुलासा पुलिस पूछताछ में हुआ है।
हिना से पूछताछ के आधार पर ही अब पुलिस ने हरमलजीत कौर निवासी सेक्टर-71 को गिरफ्तार किया है। जो कि बोर्ड की सीनियर क्लर्क है। एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने कहा कि हरमलजीत को अदालत ने नौ अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है।
ऐसे सामने आया था मामला
सहायक वेलफेयर कमिश्नर वेलफेयर एंड लेबर बोर्ड मोहाली ने करोड़ों रुपये की ठगी के संबंध में शिकायत दी थी। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड फेज-10 में ठेका आधार पर बतौर सहायक अकाउंटेंट के पद पर काम करने वाली हिना ने ठगी की थी। इसके बाद सिटी खरड़ थाने में पुलिस ने हिना के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी थी।
दो करोड़ रुपये निजी खातों में किए थे ट्रांसफर
एसएसपी ने बताया कि एसपी सिटी की अगुवाई में डीएसपी साइबर क्राइम समेत इंचार्ज ईओ विंग मोहाली की एक टीम बनाई थी। टीम ने हिना से पूछताछ की तो पता चला कि इस काम में उसके और भी साथी शामिल हैं। इन्होंने पंजाब लेबर व वेलफेयर बोर्ड फेज-10 के सरकारी बैंक खाते से अप्रैल 2015 से अब तक करीब दो करोड़ रुपये अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए थे।
हिना ही करती थी शापिंग की पेमेंट
जांच में पता चला है कि हरमलजीत कौर लेबर बोर्ड में हिना के साथ मिलकर रुपये ट्रांसफर करने के अलावा रिकॉर्ड में हेराफेरी का काम करती थी। इसके अलावा हरमलजीत कौर शॉपिंग करती थी तो उसका सारा खर्च हिना नेट बैंकिंग के माध्यम से अदा करती थी।
ठगी से खरीदे मकान, प्लॉट व कारें
जांच में सामने आया है कि हिना ने ठगी के रुपयों से माधम एनक्लेव खरड़ में एक मकान खरीदा हुआ था। इसके अलावा एक प्लॉट आठ मरले, आल्टो कार, होंडा डब्ल्यूआरवी कार व एलआईसी की पांच पॉलिसी खरीदी थीं।
खातों में पड़े हैं लाखों
हिना के इंडसइंड बैंक खाते में तीन लाख रुपये जमा हैं। उसके पति कुलवीर सिंह विर्क के खाते में ढाई लाख रुपये व तीन एफडी हैं। साल 2018-19 में दुबई, यूरोप व बाली में जाने के लिए दस लाख रुपये खर्च किए थे। अब भी उसने बाली की टिकटें बुक करवाई हुई थीं, लेकिन उससे पहले ही पकड़ी गई।