पटियाला में हॉकी खिलाड़ी और दोस्त की गोली मारकर हत्या, ढाबे में मामूली विवाद के बाद वारदात
- ढाबे में मामूली विवाद के बाद अज्ञात युवकों ने दिया वारदात को अंजाम।
- दोनों थे पावरकॉम में मुलाजिम, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच।
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पटियाला जिले में बुधवार देर रात प्रताप नगर इलाके में एक ढाबे पर मामूली विवाद के बाद हॉकी के नेशनल खिलाड़ी और उसके दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) में मुलाजिम थे। थाना सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है।
वालीबॉल खेलने के बाद ढाबे पर गए थे खाना खाने
सिविल लाइन थाना इंचार्ज राहुल कौशल ने बताया कि अमरीक सिंह (35) पुत्र गुरजंट सिंह निवासी मजीठिया एनक्लेव पावरकॉम में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर था और कारपोरेशन की हाकी टीम का कप्तान था। वह राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका था। साथ ही सिमरजीत सिंह हैप्पी पुत्र दर्शन सिंह निवासी प्रताप नगर भी पावरकॉम में ही मुलाजिम था।
दोनों दोस्त थे। दोनों तकरीबन रोजाना 24 नंबर रेलवे फाटक के पास माता साहिब कौर गर्ल्स कॉलेज ऑफ एजूकेशन पीछे फ्लड लाइट व नेट लगाकर वालीबॉल खेलते थे। बुधवार रात भी दोनों वालीबाल खेलने के बाद फाटक के पास प्रताप नगर में पड़ते ज्ञान नेपाली ढाबे पर कुछ खाने चले गए।
खाने का सामान लेने को लेकर हुआ झगड़ा
बुधवार रात करीब पौने 11 बजे ढाबे पर खाने का सामान लेने को लेकर दोनों दोस्तों की दो युवकों के साथ कहासुनी हो गई। नौबत मारपीट तक आ गई थी। इसके बाद गुस्से से भरे दोनों आरोपी मौके से चले गए। कुछ देर बाद खाना खाकर अमरीक सिंह व सिमरजीत सिंह बाइक पर बैठकर जाने लग।
ढाबे से कुछ कदमों की दूरी पर मेन रोड पर चढ़ने ही वाले थे कि सामने से आरोपी राइफल लेकर पहुंच गए। आरोपियों ने बाइक को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बाइक पर आगे सिमरजीत सिंह बैठा था। उसके सिर पर एक गोली लगी। वह वहीं ढेर हो गया।
पीछे बैठे हाकी खिलाड़ी अमरीक सिंह के सिर, पेट और गुप्तांग में एक-एक गोली मारी गई। इससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक कुल सात गोलियां चलाई गईं हैं। गोलियों के खोल भी पुलिस को मौका-ए-वारदात से मिले हैं।
पुलिस के हाथ लगी आरोपियों की तस्वीर
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा अपने मूवी कैमरे में कैद की आरोपियों की तस्वीर हासिल कर ली है। फिलहाल पुलिस ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
पहला तेरा डैडी छड गया, ते हुन तू, मैं किस दे सहारे जीवां
मां बस यही कह रही थी कि पहले तेरा डैडी छड गया, ते हुन तू, ऐस बुढ़ापे विच हुन मैं किस दे सहारे जीवांगी। मजीठिया एनक्लेव के रहने वाले अमरीक सिंह पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की हाकी टीम के कप्तान थे और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी थे।
अमर उजाला से बात करते हुए अमरीक के परिवार वालों ने बताया कि अमरीक ने बड़ी छोटी उम्र में अपने पिता गुरजंट सिंह को खो दिया था। मां ने बड़ी मुश्किल से इकलौते बेटे को पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुंचाया था। पावरकॉम के सीनियर हाकी कोच रुपिंदर सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया की ओर से पटियाला के एनआईएस में स्थापित हॉकी के एक्सीलेंस सेंटर के जाने-माने पूर्व कोच इंद्रजीत सिंह गिल की निगरानी में अमरीक सिंह ने कोचिंग ली थी।
2005 में स्पोर्ट्स कोटे में उसकी पावरकाम में लोअर डिवीजनल क्लर्क (एलडीसी) के पद पर कांट्रैक्ट बेस पर नौकरी लगी थी। बाद में वह रेगुलर हो गया था। जानकारी के मुताबिक अमरीक का करीब पौने तीन साल का एक लडक़ा है। पत्नी अमनदीप कौर मालेरकोटला में बीडीपीओ के पद पर तैनात है।
जल्द प्रमोशन होने वाली थी, हाल ही में गोल्ड भी जीता था
पावरकॉम की इस जीत में अमरीक का बड़ा रोल था। वहीं इसी महीने की 5 से 9 फरवरी तक बडोदरा (गुजरात) में हुईं मास्टर गेम्स में पंजाब की तरफ से खेलते हुए अमरीक सिंह व उसकी टीम ने हाकी टूर्नांमेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया था। पंजाब को अपने इस अनमोल रतन पर मान था। अमरीक 15 सालों से हाकी खेल रहा था।