{"_id":"5b7b0a1942c79246773ea2f9","slug":"two-drug-smugglers-arrested-in-mohali-with-heroin","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहालीः करोड़ों की होरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने की कार्रवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मोहालीः करोड़ों की होरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने की कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
Updated Tue, 21 Aug 2018 09:49 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में अफ्रीकी तस्कर
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पंजाब व हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरों में हेरोइन सप्लाई करने वाले दो युवकों को स्पेशल टास्क फोर्स ने एक किलोग्राम हेरोइन समेत काबू किया है। आरोपियों में एक नाईजीरियन व दूसरा हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। आरोपियों ने कार के डैश बोर्ड में हेरोइन छिपा रखी थी। आरोपियों की पहचान डेविड बोकाया निवासी साउथ अफ्रीका व मौजूदा निवासी दिल्ली व अमनिंदर सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गांव मजारा सोनाली थाना व जिला ऊना हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। हेरोइन की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में करीब पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एसटीएफ द्वारा आरोपियों के खिलाफ फेज-चार स्थित एसटीएफ के थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। एसटीएफ रूपनगर रेंज रूपनगर के सहायक इंस्पेक्टर जनरल हरप्रीत सिंह का कहना है कि इनसे बड़े खुलासे की उम्मीद है।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग चंडीगढ़ फर्नीचर मार्केट साइड से हेरोइन तस्करी करने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एसटीएफ के एएसआई पवन कुमार की अगुवाई में फेज-तीन पांच की लाइटों पर नाका लगाया गया। तभी स्विफ्ट कार नंबर एचपी 72-8683 आई। एसटीएफ ने कार को रुकवाकर चेक किया तो कार के डैश बोर्ड से एक किलो हेरोइन बरामद हुई।
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डेविड मई में ही आया था टूरिस्ट वीजा पर
डेविड ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया है कि वह मूलरूप से साउथ अफ्रीका का है। 12 मई 2018 को वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। साथ ही दिल्ली स्थित विकास पुरी में रहता है। गलत संगत में पड़ गया था। इसके बाद वह इस कारोबार में लग गया। अपने दोस्त के साथ रविवार को मोहाली और चंडीगढ़ में हेरोइन सप्लाई करने आया था।
आठ महीने से बेच रहा था हेरोइन
दूसरी तरफ अमनिंदर सिंह ने बताया कि वह आठ महीने पहले हेरोइन खाने व बेचने लगा था। वह दिल्ली से हेरोइन लाकर बेचता था। इससे उसे अच्छे पैसे बचते थे। इनसे वह लग्जरी जीवन जी रहा था।
व्हाट्सएप पर होती थी डील
अमनिंदर ने पूछताछ में एसटीएफ को पता चला है कि डेविड और अमनिंदर एक दूसरे से व्हाट्सएप पर कॉल करते थे। अमनिंदर उसे दिल्ली में हेरोइन की सप्लाई लेने से पहले फोन कर देता था। साथ ही उसे हेरोइन तैयार करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद दोनों हेरोइन लाकर शहर में बेचते थे।
हिमाचल के ऊना व कांगड़ा में भी ग्राहक
आरोपियों से एसटीएफ को पता चला है कि वह पंजाब व हिमाचल के विभिन्न शहरों में हेरोइन की सप्लाई करते थे। हेरोइन की सप्लाई कांगड़ा और ऊना जिले के नामी लोगों को जाती थी। अब एसटीएफ यह पता लगाने में लग गई है कि आखिरी इनके ग्राहक कौन हैं। एसटीएफ की तरफ से अब तक बीस नाईजीरियन इस साल में पकड़े गए हैं। एसटीएफ का कहना है कि आरोपियों की सप्लाई चेन तोड़ जा रही है। जल्दी ही अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा।
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एसटीएफ द्वारा आरोपियों के खिलाफ फेज-चार स्थित एसटीएफ के थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। एसटीएफ रूपनगर रेंज रूपनगर के सहायक इंस्पेक्टर जनरल हरप्रीत सिंह का कहना है कि इनसे बड़े खुलासे की उम्मीद है।
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ऐसे पकड़े गए आरोपी
जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग चंडीगढ़ फर्नीचर मार्केट साइड से हेरोइन तस्करी करने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एसटीएफ के एएसआई पवन कुमार की अगुवाई में फेज-तीन पांच की लाइटों पर नाका लगाया गया। तभी स्विफ्ट कार नंबर एचपी 72-8683 आई। एसटीएफ ने कार को रुकवाकर चेक किया तो कार के डैश बोर्ड से एक किलो हेरोइन बरामद हुई।
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डेविड मई में ही आया था टूरिस्ट वीजा पर
डेविड ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया है कि वह मूलरूप से साउथ अफ्रीका का है। 12 मई 2018 को वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। साथ ही दिल्ली स्थित विकास पुरी में रहता है। गलत संगत में पड़ गया था। इसके बाद वह इस कारोबार में लग गया। अपने दोस्त के साथ रविवार को मोहाली और चंडीगढ़ में हेरोइन सप्लाई करने आया था।
आठ महीने से बेच रहा था हेरोइन
दूसरी तरफ अमनिंदर सिंह ने बताया कि वह आठ महीने पहले हेरोइन खाने व बेचने लगा था। वह दिल्ली से हेरोइन लाकर बेचता था। इससे उसे अच्छे पैसे बचते थे। इनसे वह लग्जरी जीवन जी रहा था।
व्हाट्सएप पर होती थी डील
अमनिंदर ने पूछताछ में एसटीएफ को पता चला है कि डेविड और अमनिंदर एक दूसरे से व्हाट्सएप पर कॉल करते थे। अमनिंदर उसे दिल्ली में हेरोइन की सप्लाई लेने से पहले फोन कर देता था। साथ ही उसे हेरोइन तैयार करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद दोनों हेरोइन लाकर शहर में बेचते थे।
हिमाचल के ऊना व कांगड़ा में भी ग्राहक
आरोपियों से एसटीएफ को पता चला है कि वह पंजाब व हिमाचल के विभिन्न शहरों में हेरोइन की सप्लाई करते थे। हेरोइन की सप्लाई कांगड़ा और ऊना जिले के नामी लोगों को जाती थी। अब एसटीएफ यह पता लगाने में लग गई है कि आखिरी इनके ग्राहक कौन हैं। एसटीएफ की तरफ से अब तक बीस नाईजीरियन इस साल में पकड़े गए हैं। एसटीएफ का कहना है कि आरोपियों की सप्लाई चेन तोड़ जा रही है। जल्दी ही अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा।