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काफी देर तक नहीं खुला दरवाजा तो तोड़कर कमरे में गया बेटा, मंजर देख सभी रह गए सन्न
Sun, 04 Aug 2019 05:36 PM IST
ajay kumar
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 04 Aug 2019 05:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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चंडीगढ़ सेक्टर 40 ए के मकान नंबर 675 में रविवार सुबह बुजुर्ग दंपती का शव मिलने से हड़कंप मच गया। बंद कमरे में दोनों के रक्तरंजित शव बेड पर पड़े थे। दोनों का गला रेता गया था। बेटे का दावा है कि मां की बीमारी से परेशान उसके पिता ने ही पहले मां की चाकू से गला रेतकर हत्या की फिर उसी चाकू से अपना गला काट लिया।
बेटे की तहरीर पर सेक्टर 39 थाने की पुलिस ने मृतक पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बीमारी के कारण आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी गई है। पुलिस ने इसे जांच के लिए भेजा है। सेक्टर 40 निवासी लक्ष्मीदास (77) पंजाब पर्सनल डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड थे। वह पत्नी शशिबाला (74) के साथ ग्राउंड फ्लोर में रहते थे।
उनका बड़ा बेटा अनिल परिवार के साथ पहली मंजिल पर जबकि दूसरी मंजिल पर किरायेदार रहते थे। अनिल सुबह वॉक करके आया तो लगभग 8 बज रहे थे। काफी देर तक नीचे मां पिता के कमरे का दरवाजा खुला न देख अनिल ने खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो कुछ शक हुआ। तब तक परिवार के अन्य सदस्य भी नीचे आ गए। आखिरकार अनिल दूसरी साइड लगी खिड़की को तोड़कर अंदर पहुंचा तो बेड पर माता पिता का शव देख सन्न रह गया।
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पूरे कमरे में खून बिखरा था। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी भी आ गए। इसके बाद अनिल ने पुलिस बुला ली। पुलिस की सूचना पर फॉरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम भी मौके पहुंच गई और नमूने इकट्ठे किए। अनिल ने पुलिस को बताया कि पिता ने पहले चाकू से उसकी मां की हत्या की और फिर उसी चाकू से अपनी जान ले ली।
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बेटे की तहरीर पर सेक्टर 39 थाने की पुलिस ने मृतक पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बीमारी के कारण आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी गई है। पुलिस ने इसे जांच के लिए भेजा है। सेक्टर 40 निवासी लक्ष्मीदास (77) पंजाब पर्सनल डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड थे। वह पत्नी शशिबाला (74) के साथ ग्राउंड फ्लोर में रहते थे।
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उनका बड़ा बेटा अनिल परिवार के साथ पहली मंजिल पर जबकि दूसरी मंजिल पर किरायेदार रहते थे। अनिल सुबह वॉक करके आया तो लगभग 8 बज रहे थे। काफी देर तक नीचे मां पिता के कमरे का दरवाजा खुला न देख अनिल ने खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो कुछ शक हुआ। तब तक परिवार के अन्य सदस्य भी नीचे आ गए। आखिरकार अनिल दूसरी साइड लगी खिड़की को तोड़कर अंदर पहुंचा तो बेड पर माता पिता का शव देख सन्न रह गया।
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पूरे कमरे में खून बिखरा था। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी भी आ गए। इसके बाद अनिल ने पुलिस बुला ली। पुलिस की सूचना पर फॉरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम भी मौके पहुंच गई और नमूने इकट्ठे किए। अनिल ने पुलिस को बताया कि पिता ने पहले चाकू से उसकी मां की हत्या की और फिर उसी चाकू से अपनी जान ले ली।
काफी दिनों से बीमार थीं शशिबाला
लोगों ने बताया कि शशिकला काफी दिनों से बीमार थीं। वह न ठीक से बोल पाती थीं और बेड से उठ पाती थीं। उनका इलाज पीजीआई के न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में चल रहा था। ऐसे में दोनों ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। एक कामवाली बाई भी दोनों के लिए अलग से लगा रखी थी। लक्ष्मीदास घर के सामने वाले पार्क में टहलते थे। सुसाइड नोट में भी बीमारी के कारण ही आत्मघाती कदम उठाने की बात का जिक्र किया है।
बेड पर शव और वॉश बेसिन में खून ने उठाए सवाल?
मौका मुआयना करने के बाद कई सवाल खड़े होते हैं। मसलन अनिल ने जब दरवाजा तोड़ा तो बुजुर्ग दंपती के खून से लथपथ शव बेड पर पड़े थे। वहां कुछ भी ऐसा नहीं था कि जिससे गला रेता जा सके। कमरे में बने वॉश बेसिन में खून सना चाकू पड़ा था। सवाल उठता है कि जब शव बेड पर पड़े थे तो चाकू वॉश बेसिन में कैसे पहुंचा?
लोगों की मानें तो लक्ष्मीदास काफी खुश मिजाज व्यक्ति थे और पार्क में घूमते समय सबसे अच्छी बातचीत भी थी। ऐसा व्यक्ति क्यों खुदकुशी करेगा? यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। हालांकि कमरे में लूट का कोई सुराग नहीं मिला है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना था कि पीछे के दरवाजे खुले हुए थे। ऐसे में यह भी संभव है कि दोनों की हत्या करके कोई फरार हो गया हो। पुलिस फिलहाल तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है। सुसाइड नोट को जांच के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ चल रही है।
बेड पर शव और वॉश बेसिन में खून ने उठाए सवाल?
मौका मुआयना करने के बाद कई सवाल खड़े होते हैं। मसलन अनिल ने जब दरवाजा तोड़ा तो बुजुर्ग दंपती के खून से लथपथ शव बेड पर पड़े थे। वहां कुछ भी ऐसा नहीं था कि जिससे गला रेता जा सके। कमरे में बने वॉश बेसिन में खून सना चाकू पड़ा था। सवाल उठता है कि जब शव बेड पर पड़े थे तो चाकू वॉश बेसिन में कैसे पहुंचा?
लोगों की मानें तो लक्ष्मीदास काफी खुश मिजाज व्यक्ति थे और पार्क में घूमते समय सबसे अच्छी बातचीत भी थी। ऐसा व्यक्ति क्यों खुदकुशी करेगा? यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। हालांकि कमरे में लूट का कोई सुराग नहीं मिला है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना था कि पीछे के दरवाजे खुले हुए थे। ऐसे में यह भी संभव है कि दोनों की हत्या करके कोई फरार हो गया हो। पुलिस फिलहाल तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है। सुसाइड नोट को जांच के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ चल रही है।
छोटा बेटा नहीं पहुंच सका मां बाप के पास
लक्ष्मीदास के तीन बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा अनिल उर्फ हैप्पी साथ में ही पहली मंजिल पर पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। अनिल का अपना व्यवसाय है। दूसरा बेटा गुड़गांव की एक कंपनी में काम करता है। वहीं तीसरा बेटा यूएसए में रहता है। बीच वाला बेटा तो शाम तक घर आ गया, लेकिन छोटा बेटा नहीं पहुंच सका। परिवार के ही एक सदस्य ने बताया कि छोटे बेटे का पासपोर्ट रिन्यू होने को दिया है, उन्हें दो तीन दिन का समय लग जाएगा भारत आने में।
मातम: बच्चे भी पार्क में खेलने नहीं पहुंचे
सुबह सुबह ही बुजुर्ग दंपती की मौत की सूचना पूरे सेक्टर में फैल गई। रविवार के दिन पार्क में बच्चे खेलने भी नहीं गए। इतनी बड़ी घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। पड़ोसी भी अपने परिवार के साथ बाहर ही बैठे हुए थे।
मातम: बच्चे भी पार्क में खेलने नहीं पहुंचे
सुबह सुबह ही बुजुर्ग दंपती की मौत की सूचना पूरे सेक्टर में फैल गई। रविवार के दिन पार्क में बच्चे खेलने भी नहीं गए। इतनी बड़ी घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। पड़ोसी भी अपने परिवार के साथ बाहर ही बैठे हुए थे।