पंजाब : यूथ कांग्रेस के नेता गुरलाल सिंह की हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन बदमाशों को पकड़ा
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फरीदकोट के जुबली सिनेमा चौक के पास 18 फरवरी को यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की अंधाधुंध फायरिंग करके हत्या किए जाने के मामले दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कोटकपूरा निवासी गुरिंद्र पाल उर्फ गोरा भाऊ, फरीदकोट निवासी सुखविंदर सिंह सन्नी और सौरव वर्मा के रूप में हुई।
दिल्ली पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि लारेंस बिश्नोई गैंग ने अपने एक साथी फरीदकोट जिले से संबंधित गुरलाल सिंह बराड़ की नवंबर 2020 में चंडीगढ़ में हुई हत्या का बदला लेने के लिए गुरलाल पहलवान की हत्या कराई है।
दिल्ली में गिरफ्तार आरोपियों में शामिल गुरिंद्र पाल गोरा भाऊ चंडीगढ़ में मारे गए गुरलाल बराड़ का बहनोई है। हालांकि अभी तक फरीदकोट पुलिस ने अधिकारिक रूप से इस केस के बारे में अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है।
वहीं पुलिस सूत्रों का दावा है कि तीनों आरोपियों ने गुरलाल पहलवान की हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली है। उल्लेखनीय है कि घटना वाले दिन 18 फरवरी को ही राजस्थान की अजमेर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डालकर गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।
साथ ही पोस्ट में लिखा गया था कि गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए पहलवान को मारा गया है। इस पोस्ट में लारेंस बिश्नोई ने गोल्डी बराड़ का जिक्र किया गया था, जोकि गुरलाल बराड़ का चचेरा भाई है और इन दिनों कनाडा में रह रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या की साजिश कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ व राजस्थान जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई ने रची और इसे अंजाम तक पहुंचाने में गुरलाल बराड़ के बहनोई गुरिंद्र पाल गोरा ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिरकार गुरलाल सिंह पहलवान पर गोलियां किसने चलाई हैं। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड की साजिश में कई लोग शामिल है और पूरा मामला साफ होने के बाद ही फरीदकोट पुलिस अधिकारिक रूप से जानकारी देगी।