एक और तगड़े केस में फंसे सतलोक के रामपाल
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रामपाल पर बरवाला पुलिस ने हत्या के मामले में एक और केस दर्ज कर लिया है। इस तरह अब रामपाल के खिलाफ हत्या के तीन मामले दर्ज हो गए। बरवाला थाना में दर्ज इस मामले में रामपाल पर दबलैन गांव के युवक रणधीर को फांसी लगाकर मारने का आरोप है।
इस मामले में सतलोक आश्रम से जुड़े रामपाल के अज्ञात भक्तों पर भी हत्या की धाराएं लगाई गई हैं। मुकदमा मृतक रणधीर के पिता हरिकेश के बयान पर दर्ज किया गया है।
रामपाल के अनुयायी रणधीर की संदिग्ध परिस्थितियों में आश्रम परिसर में 21 अगस्त को मौत हुई थी। रणधीर का शव आश्रम के टॉयलेट में फंदे से लटकता हुआ मिला था। पुलिस ने आरंभ में इस मामले में 174 की कार्रवाई की थी। परिजनों ने आरंभ में ही हत्या का मामला बताया था।
आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मामला दबाने का प्रयास किया। जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा व सतलोक आश्रम का तथाकथित संत पुलिस के शिकंजे में आ गया तो रातों रात पुलिस ने हत्या का नया मामला दर्ज कर दिया।
इस दौरान हरिकेश ने पुलिस को यह भी बताया था कि उनका बेटा रणधीर अकसर उनको आश्रम में अनैतिक गतिविधियां होने की बातें बताता था। हरिकेश ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस को इस घटना की शिकायत देने के पश्चात भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
912 वीसी के जरिए पेशी आज
पुलिस ने रामपाल के दो और अनुयायियों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। पकड़े गए दोनों अभियुक्त शमशेर कंडेला गांव जींद का रहने वाला है तथा संतोष लहरवदा मध्यप्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने इन्हें बरवाला सतलोक आश्रम के अंदर से गिरफ्तार किया था जिन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सतलोक आश्रम में पकड़े गए देशद्रोह के मामले में 912 लोगों की वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए जेल से ही कोर्ट में पेशी होगी। प्रतीक जैन की अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी। पुलिस ने बताया कि सभी अभियुक्तों की जेल से ही पेशी होगी। कोर्ट के वीसी रूम से जेल के वीसी रूम के जरिए अभियुक्तों की हाजिरी लगाई जाएगी।
कोर्ट में पेशी के दौरान अफरा-तफरी से बचने के लिए निचली अदालत ने वीसी से (वीडियो कांफ्रेंसिंग) पेशी भुगतवाने का फैसला लिया था। रविवार को पुलिस ने राजकपूर उर्फ प्रीतम और राजेंद्र को कोर्ट में पेश किया था। जेएमआईसी संजय वर्मा की कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने ये निर्देश दिए थे।