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चंडीगढ़ PGI के कैश काउंटर से 96 हजार गायब, जांच के आदेश
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Jul 2016 10:22 PM IST
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रूपये
- फोटो : डेमो फोटो
चंडीगढ़ पीजीआई के कैश काउंटर से 96 हजार रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। घटना छह जुलाई की है। फिलहाल पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। पीजीआई ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि नेहरू अस्पताल में बने कैश काउंटर में कर्मचारी ने छह जुलाई को 96 हजार रुपये और उसके बाउचर रख दिए। सीसीटीवी कैमरे में भी कर्मचारी रुपये रखता हुआ दिखाई दे रहा है। सात जुलाई को ईद थी। अगले दिन काउंटर से कैश लेकर जब मुख्य कैश सैक्शन में जमा कराया गया तो उसमें रुपयों के 20 बंडल और 20 रसीद थी, लेकिन उसमें 21 बंडल और 21 रसीद होनी चाहिए थी।
इससे पीजीआई के अधिकारियों का माथा ठनका और जांच शुरू की तो पता चला कि 96 हजार रुपये का बंडल गायब है। इससे उनके होश उड़ गए और पता किया गया कि आखिर रुपयों का बंडल कैसे गायब हो गया। अधिकारियों ने तो जांच के बाद रुपये जमा कराने वाले कर्मचारी से कहा कि वे अपने पास से रुपये जमा कराए।
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इस पर कर्मचारी ने कहा कि उसने रुपये जमा कर दिए थे। इसका प्रमाण सीसीटीवी में भी आ चुका है। यदि शक की कोई गुंजाइश है तो इस मामले मेें पुलिस की जांच करवाई जाए। कर्मचारी पुलिस जांच के लिए तैयार हो गया। उसके बाद पीजीआई ने खुद ही इस मामले की जांच करने की बात कही है। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही दिखती है तो इस मामले की पुलिस में जानकारी दी जाएगी।
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बताया जा रहा है कि नेहरू अस्पताल में बने कैश काउंटर में कर्मचारी ने छह जुलाई को 96 हजार रुपये और उसके बाउचर रख दिए। सीसीटीवी कैमरे में भी कर्मचारी रुपये रखता हुआ दिखाई दे रहा है। सात जुलाई को ईद थी। अगले दिन काउंटर से कैश लेकर जब मुख्य कैश सैक्शन में जमा कराया गया तो उसमें रुपयों के 20 बंडल और 20 रसीद थी, लेकिन उसमें 21 बंडल और 21 रसीद होनी चाहिए थी।
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इससे पीजीआई के अधिकारियों का माथा ठनका और जांच शुरू की तो पता चला कि 96 हजार रुपये का बंडल गायब है। इससे उनके होश उड़ गए और पता किया गया कि आखिर रुपयों का बंडल कैसे गायब हो गया। अधिकारियों ने तो जांच के बाद रुपये जमा कराने वाले कर्मचारी से कहा कि वे अपने पास से रुपये जमा कराए।
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इस पर कर्मचारी ने कहा कि उसने रुपये जमा कर दिए थे। इसका प्रमाण सीसीटीवी में भी आ चुका है। यदि शक की कोई गुंजाइश है तो इस मामले मेें पुलिस की जांच करवाई जाए। कर्मचारी पुलिस जांच के लिए तैयार हो गया। उसके बाद पीजीआई ने खुद ही इस मामले की जांच करने की बात कही है। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही दिखती है तो इस मामले की पुलिस में जानकारी दी जाएगी।