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जिसे दोस्त समझा, वह गद्दार निकला, युवती ने फंदा लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:56 AM IST
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पिंजौर ब्लॉक के गांव गवाही में एक युवती ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना करीब 12 बजे की है, उस समय युवती घर पर अकेली थी।
मृतका अनु (24) के पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें मृतका ने पांच लोगों पर बदनाम करने का आरोप लगाया है। मृतका के परिजनों ने बताया कि 20 दिन पूर्व अनु ठाकुर ने उन्हें बताया था कि बच्ची उसे बदनाम कर रहा है।
आरोपी बच्ची ने ही अनु के लिए आए चार रिश्ते नहीं होने दिए। इसकी शिकायत उन्होंने बच्ची के परिवार वालों से भी की थी। मृतका के परिजनों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मृतका अनु (24) के पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें मृतका ने पांच लोगों पर बदनाम करने का आरोप लगाया है। मृतका के परिजनों ने बताया कि 20 दिन पूर्व अनु ठाकुर ने उन्हें बताया था कि बच्ची उसे बदनाम कर रहा है।
आरोपी बच्ची ने ही अनु के लिए आए चार रिश्ते नहीं होने दिए। इसकी शिकायत उन्होंने बच्ची के परिवार वालों से भी की थी। मृतका के परिजनों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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क्या लिखा है सुसाइड नोट में
suicide note
सुसाइड नोट में मृतका अनु ने बच्ची नाम के व्यक्ति के साथ साथ महीपाल, महीपाल का पापा, उसकी मम्मी और संगीता को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया है। सुसाइड नोट में युवती ने पुलिस से बार-बार आग्रह किया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना।
‘आरोपी की गिरफ्तारी तक दाह संस्कार न करना’
अनु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘पापा मैं जीना चाहती हूं पर मुझे इतना बदनाम कर दिया है कि मैं जी नहीं सकती। मेरा दाह संस्कार तब तक न करना जब तक कि पुलिस बच्ची को गिरफ्तार न कर ले। पुलिस अंकल अपनी बेटी समझ कर केस सॉल्व करना। चार पेज के सुसाइड नोट में मृतका ने अपने दर्द को बयां किया है।
पुलिस अंकल मेरी फैमिली की हैल्प करना
मृतका ने सुसाइड नोट में बताया कि आरोपी उसे कहते हैं कि उनकी तो मंत्रियों तक पहुंच है और 10 मिनट में छूट के आ जाऊंगा और तुझे खत्म कर दूंगा। पुलिस अंकल मेरी फैमिली की हेल्प करना।
आईपीएस बनना चाहती थी युवती
परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी बीए पास थी और वह आगे पढ़ाई करके अधिकारी बनना चाहती थी। उन्होंने बताया कि वह आईपीएस बन कर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी।
‘आरोपी की गिरफ्तारी तक दाह संस्कार न करना’
अनु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘पापा मैं जीना चाहती हूं पर मुझे इतना बदनाम कर दिया है कि मैं जी नहीं सकती। मेरा दाह संस्कार तब तक न करना जब तक कि पुलिस बच्ची को गिरफ्तार न कर ले। पुलिस अंकल अपनी बेटी समझ कर केस सॉल्व करना। चार पेज के सुसाइड नोट में मृतका ने अपने दर्द को बयां किया है।
पुलिस अंकल मेरी फैमिली की हैल्प करना
मृतका ने सुसाइड नोट में बताया कि आरोपी उसे कहते हैं कि उनकी तो मंत्रियों तक पहुंच है और 10 मिनट में छूट के आ जाऊंगा और तुझे खत्म कर दूंगा। पुलिस अंकल मेरी फैमिली की हेल्प करना।
आईपीएस बनना चाहती थी युवती
परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी बीए पास थी और वह आगे पढ़ाई करके अधिकारी बनना चाहती थी। उन्होंने बताया कि वह आईपीएस बन कर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी।