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स्टाफ के सदस्यों ने करवा दी महिला की डिलीवरी, बच्चे की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, जगरांव (लुधियाना)
Updated Sat, 08 Oct 2016 09:32 PM IST
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स्टाफ के सदस्यों ने करवा दी महिला की डिलीवरी
- फोटो : Demo Pic
सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात महिला डॉक्टर के घर से न आने पर स्टाफ की तरफ से ही महिला की डिलीवरी करवाई गई। जिस दौरान बच्चे की मौत हो गई। महिला के पति की शिकायत पर सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर ने इस मामले में तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनवाकर जांच के आदेश दे दिए हैं।
जगरांव के एक स्कैन सेंटर में नौकरी करते गांव अगवाड़ लोपो के रहने वाले गुरप्रीत ने कहा कि उसकी पत्नी वीरपाल कौर गर्भवती थी। वह कुछ दिन पहले भी जगरांव सिविल अस्पताल के महिला विंग में तैनात डॉ. रणबीर कौर के पास उसका चेकअप करवाकर आया था। पत्नी की स्कैन रिपोर्ट और अन्य टेस्ट के बाद डॉक्टर ने कहा कि उसकी पत्नी का बड़ा आपरेशन करना पड़ेगा।
गुरप्रीत के अनुसार शुक्रवार रात उसकी पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां महिला डॉक्टर नहीं थी। स्टाफ सदस्य उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए थिएटर में ले गए। गुरप्रीत ने आरोप लगाया कि स्टाफ उसकी पत्नी की नार्मल डिलीवरी करवाने में लगा रहा, जबकि डॉक्टर की तरफ से आपरेशन बोला गया था। काफी देर बाद स्टाफ ने उन्हें बच्चा पकड़ाते हुए कहा कि बच्चा जन्म के बाद रोया नहीं। वह उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाएं। जब वह बच्चे को निजी अस्पताल ले गया तो वहां उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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जगरांव के एक स्कैन सेंटर में नौकरी करते गांव अगवाड़ लोपो के रहने वाले गुरप्रीत ने कहा कि उसकी पत्नी वीरपाल कौर गर्भवती थी। वह कुछ दिन पहले भी जगरांव सिविल अस्पताल के महिला विंग में तैनात डॉ. रणबीर कौर के पास उसका चेकअप करवाकर आया था। पत्नी की स्कैन रिपोर्ट और अन्य टेस्ट के बाद डॉक्टर ने कहा कि उसकी पत्नी का बड़ा आपरेशन करना पड़ेगा।
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गुरप्रीत के अनुसार शुक्रवार रात उसकी पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां महिला डॉक्टर नहीं थी। स्टाफ सदस्य उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए थिएटर में ले गए। गुरप्रीत ने आरोप लगाया कि स्टाफ उसकी पत्नी की नार्मल डिलीवरी करवाने में लगा रहा, जबकि डॉक्टर की तरफ से आपरेशन बोला गया था। काफी देर बाद स्टाफ ने उन्हें बच्चा पकड़ाते हुए कहा कि बच्चा जन्म के बाद रोया नहीं। वह उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाएं। जब वह बच्चे को निजी अस्पताल ले गया तो वहां उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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डॉक्टरों का पैनल करेगा जांच : एसएमओ
गुरप्रीत ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत काफी समय पहले ही हो गई थी। यह सब स्टाफ की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने स्टाफ से पूछा कि डॉक्टर क्यों नहीं आई तो स्टाफ ने उन्हें कहा कि डॉक्टर के आदेश पर ही उन्होंने डिलीवरी की है। उसने पुलिस और सेहत विभाग को शिकायत दे दी है।
जगरांव सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. परविंदरपाल सिंह सिद्धू ने कहा कि गुरप्रीत की शिकायत पर इस पूरे मामले की गंभीरता के साथ जांच की जाएगी। इस मामले में जगरांव सिविल अस्पताल के डॉ. मंदीप सिंह, डॉ. सियाल और महिला डॉक्टर अंकुशा की टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद कार्रवाई की जाएगी।
जगरांव सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. परविंदरपाल सिंह सिद्धू ने कहा कि गुरप्रीत की शिकायत पर इस पूरे मामले की गंभीरता के साथ जांच की जाएगी। इस मामले में जगरांव सिविल अस्पताल के डॉ. मंदीप सिंह, डॉ. सियाल और महिला डॉक्टर अंकुशा की टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद कार्रवाई की जाएगी।