फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   singer hansraj hans leave politics, resign on akali dal

हंसराज हंस ने छोड़ी राजनीति, अकाली दल से इस्तीफा

Thu, 18 Dec 2014 04:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Thu, 18 Dec 2014 04:50 PM IST
विज्ञापन
singer hansraj hans leave politics, resign on akali dal

लोक गायक हंसराज हंस ने बुधवार को शिअद को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा डिप्टी सीएम व शिअद प्रधान सुखबीर बादल को भेज दिया है और इसकी एक प्रति जिला अकाली दल के प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी को उनके घर जाकर दिया है। हंस लंबे समय से पार्टी में हाशिये पर चल रहे थे। हालांकि वे पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के अलावा पीएसी के सदस्य भी थे। लेकिन सक्रिय राजनीति से दूर रखे जाने से वे उपेक्षित महसूस कर रहे थे।

विज्ञापन


हंस की गायकी से राजनीति में 2009 में एंट्री हुई थी। पार्टी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें जालंधर संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा था लेकिन हंस कांग्रेस के मोहिंदर सिंह केपी से चुनाव हार गए थे। चुनाव में हार के बाद हंस काफी समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे।
विज्ञापन

काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे हंस

singer hansraj hans leave politics, resign on akali dal

बाद में विदेश में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली थी। उन्होंने खुलेआम पार्टी से किनारा करने की घोषणा भी कर रखी थी। लेकिन शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने पहल कर उन्हें मना लिया था। हाल ही में गठित नई कार्यकारिणी में उनको शिअद का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व पीएसी का सदस्य बनाया गया।

2014 के लोकसभा चुनाव में हंस ने शिअद उम्मीदवार पवन कुमार टीनू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा था कि टीनू ने ही चुनाव में उनको हराया था और वह पार्टी के काबिल उम्मीदवार नहीं हैं।

कहा, सुकून की जिंदगी जीना चाहता हूं

singer hansraj hans leave politics, resign on akali dal

इसको लेकर काफी शोरशराबा मचा और पार्टी प्रधान सुखबीर बादल खुद हंस के घर पर पहुंचे। हंस को मनाकर उन्हें बठिंडा से चुनाव लड़ रहीं हरसिमरत के चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपा था। हरसिमरत की जीत के बाद हंस दोबारा राजनीति में दिखाई नहीं पड़े।

इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि वह राजनीति में जीवन व्यतीत नहीं करना चाहते। हंस से बार-बार कारण पूछा गया तो उनका सीधा जवाब था कि अब उन्हें सुकून और शांति का जीवन व्यतीत करना है। उन्होंने कहा कि बस अब राजनीति नहीं करनी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed