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Jhansi News: -जेल चौराहे से ही अली के काफिले में शामिल हो गईं थीं संदिग्ध कार
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झांसी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली के प्रयागराज जाने के दौरान झांसी जेल से निकलने के करीब सौ मीटर दूर जेल चौराहे से कुछ संदिग्ध कार ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया था। इन वाहनों में कौन लोग सवार थे, इसका पता नहीं लग सका है। पुलिस टीम सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही हे। हालांकि, पुलिस अफसर इस बारे में अभी कुछ भी साफ बोलने से बच रहे हैं।
छोटे भाई अबान की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ अली की पैरोल मंजूर की थी। 8 अगस्त सुबह 9:30 बजे अली भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज रवाना हुआ। उसकी सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट था। इस वजह से काफिले की निगरानी लखनऊ मुख्यालय से हो रही थी।
जेल से निकलते ही लखनऊ से भी उसके रूट की निगरानी हो रही थी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते उसे प्रयागराज ले जाया गया था, लेकिन उरई पहुंचने से पहले ही कई कार उसके काफिले के पीछे चलने लगीं। उरई से आगे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में करीब दो किलोमीटर सुनसान इलाका है। अली के पीछे चल रही कार की वजह से उरई के बड़ागांव क्षेत्र से रास्ता बदलकर उसे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बजाय झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते रवाना ले जाया गया।
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झांसी नंबर की कार में सवारों का पता नहीं चला
फतेहपुर में टोल पर भी कई वाहन गुजरे। इन वाहनों के खिलाफ फतेहपुर के कल्याणपुर एवं खागा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनमें झांसी के भी दो नंबर मिले हैं। इन सभी में उसके समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, झांसी से पीछा करने वाली गाड़ियों में सवार होने वालों के बारे में अभी साफ तौर पर पता नहीं चला है। तत्कालीन एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने इसकी जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को दी थी। उनकी ओर से इसकी जांच कराई जा रही है।
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छोटे भाई अबान की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ अली की पैरोल मंजूर की थी। 8 अगस्त सुबह 9:30 बजे अली भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज रवाना हुआ। उसकी सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट था। इस वजह से काफिले की निगरानी लखनऊ मुख्यालय से हो रही थी।
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जेल से निकलते ही लखनऊ से भी उसके रूट की निगरानी हो रही थी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते उसे प्रयागराज ले जाया गया था, लेकिन उरई पहुंचने से पहले ही कई कार उसके काफिले के पीछे चलने लगीं। उरई से आगे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में करीब दो किलोमीटर सुनसान इलाका है। अली के पीछे चल रही कार की वजह से उरई के बड़ागांव क्षेत्र से रास्ता बदलकर उसे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बजाय झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते रवाना ले जाया गया।
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झांसी नंबर की कार में सवारों का पता नहीं चला
फतेहपुर में टोल पर भी कई वाहन गुजरे। इन वाहनों के खिलाफ फतेहपुर के कल्याणपुर एवं खागा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनमें झांसी के भी दो नंबर मिले हैं। इन सभी में उसके समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, झांसी से पीछा करने वाली गाड़ियों में सवार होने वालों के बारे में अभी साफ तौर पर पता नहीं चला है। तत्कालीन एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने इसकी जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को दी थी। उनकी ओर से इसकी जांच कराई जा रही है।