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'अंकल मोबाइल पर गंदी मूवी दिखाते हैं, ऐसी बात करते हैं बताने में शर्म आती है'

Mon, 08 May 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Mon, 08 May 2017 09:35 AM IST
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shelter home girl's sexual harassment by warden at panipat
शेल्टर होम में लड़कियों के साथ बदसलूकी और मारपीट
मासूम बच्चियों की दर्दनाक आपबीती, अंकल मोबाइल कर गंदी मूवी दिखाते हैं। ऐसी बाते करते हैं कि हमें बताने में भी शर्म आ रही है। मामला हरियाणा के पानीपत में बने एक शेल्टर होम का है। यहां लड़कियों के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है।
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यहां रह रही तीन लड़कियों ने आरोप लगाए है कि उनके साथ बदसलूकी की गई और रात को महिला वार्डन की जगह पुरुष वार्डन को रखा जाता है। वार्डन उनसे अश्लील बातें करता है और उनसे ही सारे काम भी करवाता है। बाल कल्याण समिति के पास मामला गया तो उन्होंने दिन में जाकर शेल्टर होम का निरीक्षण किया।
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शिकायत मिली है प्रोसेस में है मामला
शेल्टर होम को चलाने वाले रितु का कहना है कि रात को काम करने वाले पुरुष वार्डन की शिकायत मिली है। दिन में मैं यहां रहती हूं और बच्चों से कोई मारपीट नहीं होती है। लड़कियों को रखने से हमने मना दिया, समिति भेज देती है। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन सुमन सूद ने मामले में कुछ नहीं कहना चाहती।
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फोन करके दी थी शिकायत

shelter home girl's sexual harassment by warden at panipat
शेल्टर होम में लड़कियों के साथ बदसलूकी और मारपीट
महिला सुरक्षा अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि लड़कियों ने फोन करके सूचना दी थी। मैं लड़कियों से मिली तो उन्होंने बताया कि रात में एक अंकल आते हैं और गंदी गंदी बात करते हैं। एक लड़की के पेट पर चाय गिर गई थी, उसे भी डॉक्टर को नहीं दिखाया गया। वो दर्द से परेशान थी, पर अंकल उसे मोबाइल पर गंदी फिल्में दिखा रहे थे।

अंकल ने उन्हें जबरदस्ती नचाया और वीडियो भी बनाया। अंकल कहते हैं कि मुझसे दोस्ती कर लो, बहुत मजा आएगा। एक लड़की ने बताया कि दिन में जो आंटी आती है, वह बहुत मारती है। हाथ में डंडा रखती है और सभी काम करवाती हैं। रजनी ने बताया कि उन्होंने मुझे बताया जो मैंने बाल कल्याण समिति को भी बताया था।

गुरुवार देर शाम फोन आया कि आपके भेजे बच्चों को हम यहां से शिफ्ट कर रहे हैं और कोई कारण भी नहीं बताया। लड़कियों को सुरक्षा को लेकर मैं भी चिंतित हूं इसलिए एक बड़ी लड़की को कस्टडी वापस उसके परिवार को दिलवा दी है। शेल्टर होम में रात के लिए कोई महिला निरीक्षक नहीं है इसका पता होने के बावजूद वहां लड़कियों को भेजने के कैसे आदेश दे दिए गए।
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