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नकली कीटनाशक: संधू के खुलासों से बढ़ी कृषि मंत्री की मुश्किलें

Thu, 08 Oct 2015 08:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब) Updated Thu, 08 Oct 2015 08:03 AM IST
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sensational disclosure of sandhu in agriculture scam, minister in difficulties

नकली कीटनाशक घोटाले में बठिंडा पुलिस की ओर से काबू किए कृषि विभाग से निलंबित डायरेक्टर डॉ. मंगल सिंह संधू ने पुलिस रिमांड के दौरान कई खुलासे किए हैं।

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इससे कीटनाशक कंपनियों के मालिकों व कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वह खुद को बचाने के लिए अपने राजनेताओं के पास जा रहे हैं। कुछ कंपनियों के मालिक और विभाग के अधिकारी अंडरग्राउंड भी हो चुके हैं।
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पुलिस रिमांड के दौरान मंगल संधू की ओर से लगातार किए जा रहे खुलासों के बाद कृषि मंत्री तोता सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस और किसान जत्थेबंदियां प्रदेश सरकार से तोता सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही है। वहीं शिरोमणि अकाली दल में भी तोता सिंह के इस्तीफे की मांग उठने लगी है। इस वजह से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एक दो दिन में फैसला ले सकते हैं।
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अधिकारियों और कृषि मंत्री के इस घोटाले में शामिल होने का खुलासा

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सूत्रों की मानी जाए तो पुलिस रिमांड के दौरान मंगल संधू ने अपने ही विभाग के संयुक्त डायरेक्टर सतवंत सिंह बराड़ और निरंकार सिंह के अलावा कृषि विभाग के कई अधिकारियों व कृषि मंत्री तोता सिंह के इस घोटाले में शामिल होने का खुलासा किया है।

कृषि विभाग की ओर से नियमों को दरकिनार कर 33 करोड़ की खरीदी कीटनाशक दवाओं के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से मंगल संधू के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद कृषि विभाग चंडीगढ़ कार्यालय में तैनात दो अधिकारियों को भी पुलिस ने इस मामले में नामजद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को आईएएस अधिकारी की ओर से सौंपी जांच रिपोर्ट में मंगल सिंह के साथ-साथ उन दो अधिकारियों को भी बराबर का आरोपी माना गया है।

यह है मामला
कृषि विभाग के डायरेक्टर मंगल सिंह संधू ने राज्य सरकार से पंजीकृत मार्कफेड की ओर से तैयार की जाती सफेद मक्खी को खत्म करने वाली कीटनाशक दवा व तीन अन्य कंपनियों को दरकिनार कर बैर क्रोप साइंस 92198 लीटर, दी ओब्रन कीटनाशक दवा आम मार्केट से महंगे भाव पर खरीदी थी।

इसका खुलासा पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ की ओर से किया गया। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच की मांग की गई थी।

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