क्रिस्पी ने पंजाब पुलिस पर लगाए सनसनीखेज आरोप
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क्रिस्पी खैरा और मनिंदर कौर गुलाटी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि विजिलेंस जांच रिपोर्ट के 70 फीसदी तथ्य उनके खिलाफ हैं। ऐसा लग रहा है कि आईजी चीमा को बचाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि अब जरूरी हो गया है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो, क्योंकि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। क्रिस्पी ने आरोप लगाया कि पंजाब व हरियाणा के कुछ राजनीतिज्ञ, आईजी चीमा को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे सोमवार से अपनी लड़ाई को नया रूप देने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले उनकी शिकायत पर दर्ज हुए हैं और मोहाली पुलिस उन्हें ही लगातार परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर से उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से मिलेंगी। सुखबीर बादल के निर्देश पर दी गई पुलिस सुरक्षा भी बिना कोई नोटिस दिए, उनसे वापस ले ली गई है। अगर उन्हें या उनके परिवार को इस दौरान कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए आईजी गौतम चीमा व पंजाब पुलिस जिम्मेदार होंगे।
बीते दिनों पत्रकार वार्ता में चीमा की पत्नी सुखमनी की ओर से यह कहे जाने कि क्रिस्पी की मदद आईपीएस अफसरों की एक लॉबी कर रही है, पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत है। क्रिस्पी ने कहा कि इसके उलट बहुत से प्रभावशाली लोग चीमा को बचा रहे हैं और उन्हें धमकियां मिल रही हैं। सुखमनी चीमा भी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हैं।
शारीरिक शोषण करने की कोशिश का आरोप
यह लोग पहले दरवाजा तोड़कर उनके घर में घुसे। इसके बाद उन्होंने उसके पति दविंदर गिल को बंधक बनाया। साथ ही वहां मौजूद सुमेध गुलाटी पर पिस्टल तान दी। उसके बाद वह हैवानियत पर उतर आए और शारीरिक छेड़छाड़ की। बड़ी मुश्किल से उनके पति ने फोन कर घटना के बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची।
उस समय आईजी चीमा ने यह कह कर पीसीआर जवानों को वहां से वापस भेज दिया था कि मामला घर का है। जिक्रयोग है कि इससे पहले 31 अगस्त को आईजी गौतम चीमा, निलंबित सेना अधिकारी अजय चौधरी समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया जा चुका है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
पंजाब सरकार ने दिए आदेश
मोहाली में अपहरण, मारपीट व अन्य आरोपों के तहत दर्ज मामले का सामना कर रहे पंजाब पुलिस के आईजी गौतम चीमा को निलंबित कर दिया है। पंजाब सरकार ने उनके निलंबन प्रेस रिलीज के माध्यम से जारी किए।
आईजी चीमा पर निलंबन की तलवार उस दिन से ही लटक रही थी, जब कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी क्रिस्पी खैहरा की ओर से आईजी चीमा पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की विजिलेंस ने पूरी कर ली थी।
गृह मंत्रालय पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि आई गौतम चीमा पर कॉलोनाइजर दविंदर गिल के अस्पताल से जबरन किडनैप करने की कोशिश समेत गिल की पत्नी क्रिस्पी खैहरा और रोपड़ जेल में बंद सुमेध गुलाटी की पत्नी मनिंदर से छेड़छाड़ का आरोप है।
इस संबंध में मोहाली की थाना फेज-1 पुलिस ने रविवार को आईजी (आईटी) पंजाब एवं सेना के निलंबित अधिकारी अजय चौधरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
सुखबीर बादल के आदेश पर हुआ था केस
बीते दिनों चंडीगढ़ आए उप मुख्यमंत्री (गृह मंत्री) सुखबीर बादल ने मामले में आईजी चीमा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।
गौर हो कि सुखबीर बादल ने ही इस मामले की विजिलेंस जांच पूरी करने के निर्देश, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर सुरेश अरोड़ा को संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान दिए थे।
क्रिस्पी ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की थी। इस बारे में आईजी विजिलेंस ब्यूरो एएस राय ने बताया कि मामले की जांच गत शुक्रवार को ही पूरी कर ली गई थी। संबंधित रिपोर्ट मुख्य निदेशक को सौंप दी गई है।
आईजी चीमा से जान का खतरा
आईजी गौतम चीमा के खिलाफ कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी क्रिस्पी खैहरा और सुमेध गुलाटी की पत्नी मनिंदर ने कई बार प्रेस कांफ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाते हुए खुद एवं परिवार को आईजी गौतम चीमा और निलंबित सेना अधिकारी अजय चौधरी से जान को खतरा बताया था।
क्रिस्पी खैहरा ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस कर मांग की कि दोनों अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किए जाने समेत गौतम चीमा को नौकरी से बर्खास्त किए जाने की भी मांग की थी।
प्रेस कान्फ्रेंस में क्रिस्पी के साथ रोपड़ जेल में बंद सुमेध गुलाटी की पत्नी मनिंदर भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि पुलिस के कुछ सीनियर अधिकारी आईजी गौतम चीमा को बचाने में जुटे हैं। वह बचने के लिए एंटीस्पेटरी बेल लगाने के प्रयास में है।