सावधान! ऑनलाइन ठगी कर रहे थे बैंक कर्मचारी, अगर खाते में नहीं दर्ज ईमेल तो हो सकता खाली
एक्सिस बैंक लुधियाना ब्रांच के दो मुलाजिमों क्रेडिट कार्ड से खाताधारकों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। इस सनसनीखेज मामले का पटियाला पुलिस के साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। इन आरोपियों से 49 मोबाइल सिम, सात मोबाइल, करीब साढ़े चार लाख का सोना, 40 हजार की नकदी, एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद हुई है। एक आरोपी के बैंक खाते में पड़ी तीन लाख की रकम फ्रीज कर दी गई है।
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, एसपी (देहात) हरमीत सिंह हुंदल ने बुधवार दोपहर को पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता में बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के सरगना की पहचान 27 साल के 12वीं पास विकास सरपाल उर्फ गोपी निवासी पंच रतन गली हरबंसपुरा लुधियाना और इसके साथी 25 साल के 5वीं पास रवि कुमार निवासी ईडब्लयूएस नजदीक निष्काम स्कूल ताजपुर रोड लुधियाना के तौर पर हुई है। आरोपियों को मंगलवार को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी बैंक के उन ग्राहकों को शिकार बनाते थे जिनके बैंक डाटा में ई-मेल दर्ज नहीं होता था। आरोपी उन खाताधारकों के क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन साइट फ्लिपकार्ट से सोने की गिन्नियां, मोबाइल आदि खरीदकर आगे बेचते थे। आरोपियों में से एक ने इस गोरखधंधे से कमाई रकम से अपनी बहन की शादी की और स्कार्पियो गाड़ी भी खरीदी।
लगातार मिल रही शिकायतों पर हुआ खुलासा
एसएसपी ने बताया कि साइबर विंग में काफी देर से एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड होल्डरों की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं कि उनके क्रेडिट कार्ड खाते से ऑनलाइन सोने की खरीद के बाद पैसे उनके खातों से काटे जा रहे हैं। जांच के लिए स्पेशल टीम गठित की गई तो यह खुलासा हुआ।
बंगलूरू से होती थी ऑनलाइन ठगी, सामान लुधियाना में होता था डिलीवर
एसएसपी ने बताया कि पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि बंगलूरू से ऑनलाइन सोने व अन्य वस्तुओं की फ्लिपकार्ट के जरिये खरीद कर क्रेडिट कार्ड खाताधारकों से ठगी हो रही थी। लेकिन यह सारा सामान लुधियाना में विभिन्न फर्जी पतों पर डिलीवर हो रहा था। एक्सिस बैंक की लुधियाना ब्रांच का सेल्स अधिकारी विकास सरपाल उर्फ गोपी, जो ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड बनाने का काम भी करता था, उसी ने अपने साथ बैंक मे चपरासी के तौर पर तीन महीने पहले काम कर चुके रवि को भी लगा लिया था।
इस तरह करते थे ठगी
एसएसपी ने बताया कि आरोपी बैंक के खाताधारकों के क्रेडिट कार्डों की डिटेल, कार्ड नंबर, सीवीवी और एक्सपायरी तारीख बैंक से हासिल कर उन ग्राहकों को शिकार बनाते थे, जिनके खाते में ई-मेल दर्ज नहीं होता था। आरोपी उन खाताधारकों के फर्जी आधार और मोबाइल नंबर दर्ज कर ई-मेल बनाकर ओटीपी हासिल करके ऑनलाइन महंगी चीजें मंगवा लेते थे। फिर यह सामान मार्केट में बेच देते थे। क्योंकि इस सामान का बिल भी साथ होता था, जिस कारण यह सामान बेचने में कोई दिक्कत नहीं आती थी।
बैंकों को आगाह करेगी पुलिस
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में इन दोनों आरोपियों को सिम मुहैया कराने वाले को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सिस बैंक के मैनेजर, जिसका आधार कार्ड फर्जी तौर तरीके से इस्तेमाल हो रहा था, उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अपनी तरह का यह अनूठा मामला बैंकों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। इसलिए डायरेक्टर जनरल ऑफ पंजाब पुलिस के जरिये बैंकों की उच्च अथारिटी को इस मामले प्रति आगाह करने के लिए लिखा जाएगा, ताकि बैंकिंग प्रणाली में सुधार लाया जाए।