रोहतक रेपकांडः एक 'दरिंदा' ऐसा, जिसने मां को भी न बख्शा
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रोहतक रेपकांड में जो नाबालिग होने के कारण फांसी से बच गया, वह ऐसा 'दरिंदा' है, जो अपनी मां की आबरू पर भी हाथ डाल चुका है।
पुलिस की पूछताछ में रेपकांड के दोषी राजेश उर्फ धूचडू ने खुद ये खुलासा भी किया था कि कुछ साल पहले उसके और उसकी मां के ममतामयी संबंधों में भी कड़वाहट आ गई थी। ढाई साल पहले खुद उसकी मां ने सदर थाना में शिकायत दी थी कि राजेश ने उसके साथ भी अभद्रता की और उसकी आबरू पर हाथ डालकर मां-बेटे के रिश्ते को दागदार करने की कोशिश की।
राजेश उर्फ घूचड़ू ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उस समय उसकी उम्र कम रही। जब बड़ा हुआ तो ममता का रिश्ता भी सामान्य नहीं रहा।
ढाई साल पहले उसकी मां ने सदर थाने में उसी के खिलाफ शिकायत दे दी थी कि घूचडू ने उसके साथ अभद्रता कर मां-बेटे के रिश्ते को दागदार करने की कोशिश की। हालांकि बाद में मामला निपट गया।
बताया जा रहा है कि उसकी मां गांव छोड़कर और कहीं चली गई है। अब वह अकेला ही रह रहा था। अब इस रेपकांड में उसका नाम आ गया।
...तो ये नाबालिग भी हो जाएगा रिहा
दिल्ली के निर्भया कांड और रोहतक के नेपाली युवती कांड में एक बात कॉमन रहने का खतरा है। दोष साबित होने के बाद भी दिल्ली मामले का दोषी नाबालिग जुवेनाइल एक्ट के तहत तीन वर्ष की सजा के बाद रिहा हो गया। यहां भी नाबालिग आरोपी राजेश उर्फ घूचड़ू पर जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
पीड़ित पक्ष के वकील प्रदीप मलिक ने मीडिया के समाने कहा कि कानून जो भी बने, जल्द बनना चाहिए। अब यदि कानून बनेगा तो वह पिछले मामलों पर लागू नहीं होगा। कानून बनने के बाद ऐसे केसों में जरूर इसका असर देखने को मिल सकता है। जानकारों का कहना है कि एक्ट के तहत ज्यादा से ज्यादा तीन वर्ष की सजा हो सकती है।
दबाव में थी पुलिस
इस केस में पुलिस की प्रतिष्ठा दांव पर थी। लड़की नेपाली मूल की होने के कारण ज्यादा दबाव था। हालांकि फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई और रिकॉर्ड समय में चार्जशीट पेश की। हालांकि कोर्ट में पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए गए थे।