{"_id":"5727acb44f1c1b8f6d5cd1cc","slug":"robbery-of-14-crore-at-forever-diamond-showroom-police-have-no-any-clue","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 करोड़ की लूट की जांच में 6 डीसएपी, 6 इंस्पेक्टर फिर भी खाली हाथ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
14 करोड़ की लूट की जांच में 6 डीसएपी, 6 इंस्पेक्टर फिर भी खाली हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 May 2016 06:49 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड शोरूम में गन प्वाइंट पर 14 करोड़ के हीरे की लूट के 24 घंटे बाद पुलिस विभाग ने वारदात स्थल की गहनता से जांच की। इसमें छह डीएसपी, पांच एसएचओ और पुलिस टीम शामिल थी। हालांकि पुलिस की पूरी टीम आरोपियों के सुराग खंगालने के लिए मेहनत करती रही। लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। वहीं पुलिस के पास वारदात से जुड़े किसी भी सवाल का सटीक जवाब नहीं था।
विज्ञापन
पंचकूला के लिए 15 मिनट तो मोहाली, नया गांव के लिए 10 मिनट: शोरूम मालिक ने बताया कि उन्होंने दो बार पुलिस कंट्रोल रूम में वारदात के बाद कॉल की। लेकिन नंबर न लगने के कारण उनका छोटा भाई पुलिस चौकी जानकारी देने गया। वहां जानकारी देने के बाद उसने दोबारा कंट्रोल रूम में कॉल करके सूचना दी। इसके बाद पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। शिकायत देने में ही करीब 20 से 25 मिनट लग गए। जबकि, वारदात स्थल से पंचकूला निकलने में 15 मिनट और मोहाली, नया गांव के लिए अगर स्पीड से जाएं तो 10 मिनट भी नहीं लगते।
विज्ञापन
शोरूम के आसपास के दर्जनों कैमरे खाली: वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के होटल, शोरूम और पार्किंग के बीच दर्जनों सीसीटीवी कैमरे चेक किए। हालांकि, इनमें किसी तरह का कोई संदिग्ध फुटेज में कैद नहीं हुआ है। वहीं, साइबर सेल की टीम ने शोरूम से डंप डाटा सहित कंप्यूटर का मॉनिटर भी जांच के लिए कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
छह डीसएपी, छह इंस्पेक्टर खाली हाथ: वारदात के दूसरे दिन डीएसपी सेंट्रल, ईस्ट, आईआरबी, साइबर सेल, ऑपरेशन सेल, क्राइम ब्रांच डीएसपी वारदात स्थल पर जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी-17, सेक्टर-26, सेक्टर-3, इंस्पेक्टर शेखू, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल भी पूछताछ और जांच करने पहुंचे। इस दौरान सोमवार को अमर उजाला में प्रकाशित संदिग्ध रास्ते और संदिग्ध पार्किंग में गहनता से जांच की गई।
सेक्टर-22 के लुटेरे पर शक: पुलिस सूत्रों के अनुसार करण ज्वेलर्स लूट में शामिल आरोपी की गहनता से जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस सेक्टर-22 लूट में के आरोपी को नहीं पकड़ पाई है। जबकि वारदात के पहले दिन की जांच में पुलिस ने कहा था कि आरोपी काफी शातिर है। उसे ऐसी वारदात का अनुभव भी है। वहीं आरोपी के स्केच और वारदात के तरीके के अनुसार पुलिस जांच में लगी है।
ऐसे हुई 14 करोड़ की लूट: शोरूम मालिक रजनीश वर्मा ने बताया कि सुबह दुकान खुलते ही पांच मिनट बाद एक युवती के साथ दो युवक आए। उन्होंने अलग-अलग तरह की अंगूठी दिखाने को कहा। शोरूम में वह, उनका भाई और एक वर्कर मौजूद थे। अंगूठी दिखाने के बाद कुछ बदलाव कराने के लिए वर्कर बाहर गया और पिस्टल के बल पर आरोपियों ने पर दोनों भाइयों का मोबाइल लेकर स्टोर रूम में बंद कर दिया। उन्होंने शोरूम को तसल्ली से खंगाला और हीरे जवाहरात से बैग भरकर फरार हो गए। जबकि आरोपी एक दिन पहले भी रैकी करके गया था।
पुलिस और पीड़ित के बयान में अंतर: इतनी बड़ी वारदात के बाद पीड़ित से अधिक पुलिस हड़बड़ाहट में नजर आई। वारदात के दूसरे दिन पुलिस की ओर से दिए बयान पीड़ित के बयान से अलग थे। पीड़ित ने कहा वारदात 45 मिनट में हुई। जबकि पुलिस ने कहा कि आरोपी 20 मिनट तक शोरूम में थे। पीड़ित ने 14 करोड़ के हीरे और 9 लाख कैश लूटने की बात कही। जबकि, पुलिस ने दूसरे दिन भी हड़बड़ाहट में कहा कि लूट की कीमत वेरिफाई की जा रही है। गौरतलब है कि पुलिस ने पहले दिन भी वारदात की जानकारी देने से शोरूम मालिक को रोका था।
सोमवार शाम बुलाई मीटिंग, देर तक चली: एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की मीटिंग बुलाई गई। सेक्टर-9 स्थित पुलिस हेडक्वॉर्टर में देर शाम तक लूट की वारदात सुलझाने के लिए पुलिस उलझी रही। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने लूट की क्राइम सीन पर बातचीत की। एसएसपी गिल ने सभी अधिकारियों की अलग अलग जिम्मेदारी तय की है। बता देें कि इस लूट की वारदात को सुलझाने में चंडीगढ़ पुलिस पूरी टीम एक साथ काम कर रही है।