बच्चे की चाहत में भाई को सौंप दी पत्नी
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बच्चे की चाहत इंसान को किस हद तक गिरा सकती है, ये सच्ची घटना पंजाब के पटियाला में देखने को मिली। पातड़ां के हामझेड़ी के रहने वाले अमरीक सिंह और उसकी पत्नी मनजीत कौर की कोई संतान नहीं थी।
इसके चलते मनजीत कौर की सहमति से अमरीक सिंह ने थाना भवानीगढ़ के अधीन पड़ते गांव बलद कलां की रहने वाली चरनजीत कौर (28) से शादी कर ली लेकिन चरनजीत कौर को भी संतान नहीं हुई। इस पर योजना के तहत अमरीक सिंह व उसकी पहली पत्नी मनजीत कौर ने अमरीक के चचेरे भाई जिऊना सिंह को घर बुलाया और चरनजीत कौर की मर्जी के बगैर जबरन उसके जिऊना सिंह से संबंध बनवाए।
लगातार कई दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा लेकिन चरनजीत कौर को संतान नहीं हुई। इसी दौरान वह मायके गई और अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
पति समेत तीन को दस-दस साल कैद
चरनजीत कौर के मायके वाले ने तुरंत ही घटना की शिकायत पुलिस को दी। जांच के बाद पातड़ां थाना पुलिस ने मई 2013 में तीनों आरोपियों अमरीक सिंह, उसकी पहली पत्नी मनजीत कौर व जिऊना सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
बुधवार को अदालत में सुनवाई के बाद बच्चे के लिए पत्नी को जबरन अपने चचेरे भाई के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने वाले दोषी पति अमरीक सिंह व उसकी पहली पत्नी के भाई जिऊना सिंह को दुराचार के दोष में 10-10 साल कैद और 10-10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा आरोपी की पहली पत्नी मनजीत कौर को साजिश रचने के लिए 10 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर तीनों दोषियों को एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।