रजत ज्वैलर्स लूट से कनेक्टिड तो नहीं करण ज्वैलर्स लूट?
चंडीगढ़ सेक्टर-22 में सोमवार को ज्वेलरी शोरूम में हुई वारदात का पंचकूला स्थित रजत ज्वेलर्स में हुई वारदात से कनेक्शन हो सकता है।
इस वारदात में भी मालिक को घायल किया गया, लेकिन इस बार फायरिंग हुई। रजत ज्वेलर्स में हुई वारदात को सुलझाने में जुटी एसआईटी के अब तक खाली हाथ हैं।
बहरहाल, एसआईटी ने चंडीगढ़ पुलिस से भी संपर्क साधा है, क्योंकि चंडीगढ़ व पंचकूला पुलिस पहले से ही मिलकर पिछली वारदात को सलुझाने में जुटी है।
दोनों ही वारदात में एक ही गैंग पर शक होने का सबसे बड़ा कारण यही है कि दोनों वारदात में ज्वेलर्स को ही निशाना बनाया गया है, लेकिन इस बार एक ही युवक शोरूम के अंदर गया।
किसी को यह भी पता नहीं कि यह लुटेरा किसके साथ कैसे फरार हुआ। वहीं, पंचकूला में हुई वारदात में चार युवक शोरूम में गए थे और बाहर उनके तीन साथी थे।
पंचकूला की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने पहले हाईवे राबर्स पर आशंका जताते हुए तफ्तीश को आगे बढ़ाया, लेकिन लंबी जांच के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। अभी तक भी जांच में इतना तय है कि गैंग पंजाब का ही है।
वारदात पर वारदात और सो रही चंडीगढ़ पुलिस
सेक्टर-22 में गोली मारकर हुई लूट की वारदात के बाद पूरे शहर के आभूषण विक्रेताओं में दहशत का माहौल है। सुरक्षा के मुद्दे पर ज्वेलर्स एसोसिएशन जल्द ही बैठक बुलाने जा रहा है।
मालूम हो कि इससे पहले पंचकूला के मनसा देवी कांप्लेस में पिछले माह लूट की वारदात हो चुकी है। सोमवार को सेक्टर-22 में जिस जगह पर वारदात हुई है वहां से पुलिस चौकी मात्र 150 मीटर पर है और दुकान के सामने ही प्रमुख सड़क है जहां पर हर समय काफी आवाजाही रहती है।
ज्वेलर्स का कहना है कि पुलिस विभाग की ओर से 15 अगस्त के नाम पर चेकिंग, नाका अभियान और गश्त बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद शहर में वारदात हो रही हैं और पुलिस इन्हें सुलझा नहीं पा रही है।
ज्वैलर्स विक्रेताओं की सुरक्षा नहीं कर पा रही पुलिस
ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सहदेव का कहना है कि पुलिस शहर के आभूषण विक्रेताओं की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। हैरानी की बात है कि दिनदिहाड़े सेक्टर-22 में लूट की वारदात करने के बाद बदमाश फरार हो गया और पुलिस पकड़ नहीं पाई।
उनका कहना है कि विक्रेताओं की सुरक्षा के लिए अगर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी करना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप चोपड़ा का कहना है कि पुलिस की ओर से जो गाइड लाइन जारी किए जाते हैं, वह आभूषण विक्रेता मानते हैं, लेकिन पुलिस की गश्त न के बराबर है।
फेस्टिवल का सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे में व्यापारियों का कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। सेक्टर-23 के ज्वेलर्स सूरज भान का कहना है कि आभूषण विक्रेताओं के साथ एक के बाद एक वारदात हो रही है, लेकिन पुलिस किसी भी वारदात का सुराग नहीं लगा पाई है।
व्यापार मंडल के महासचिव नरेश महाजन ने कहा कि पुलिस नाकों पर चालान काटने में व्यस्त है और शहर के बीच अपराधी सरेआम दिनदहाड़े वारदात कर रहे हैं। ऊपर से पुलिस किसी भी वारदात को सुलझा नहीं पा रही है।
तीन माह में हो चुकी हैं आधा दर्जन वारदातें
पिछले तीन माह में शहर में आधा दर्जन आभूषण विक्रेताओं के साथ वारदात हो चुकी है, जिसमें ठग फरजी ग्राहक बनकर दुकान में घुस जाते हैं और आभूषण चोरी करके फरार हो जाते हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज देने के बावजूद सुराग नहीं लग रहा है। पिछले माह इसी मार्केट में एक आभूषण विक्रेता के साथ ऐसी वारदात हो चुकी है।
सेक्टर-22 में बड़ी वारदात
-26 जुलाई 2012 को राज प्रोविजनल एंड डिपार्टमेंटल स्टोर के मालिक कैलाश को दो लुटेरों ने रात सवा ग्यारह बजे तब गोली मारी गई जब वह अपने भाई के साथ कैश गिन रहे थे। फायरिंग में कैलाश की मौत हो गई और उनका भाई व नौकर घायल हो गए। दोनों आरोपियों को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
-9 सिंतबर 2012 को शेर-ए-पंजाब होटल के पास मोबाइल मार्केट की दुकान के एक कारिंदे अमित पर दो युवकों ने रंजिशन तेजाब फेंका। पास से गुजर रहे एक युवक और युवती भी इसकी चपेट में आए। हमलावरों की शिनाख्त हो जाने के बावजूद पुलिस आज तक उन्हें पकड़ नहीं पाई।
- 12 जून 2012 की रात सेक्टर-22 के एससीओ 1062-63 के शराब ठेके से 25 हजार रुपये की चोरी हुई।
- 22 जून 2014 को सेक्टर-22,23 के लाइट प्वाइंट पर कुछ लोगों ने हमला कर एक युवक हरपिंदर को अगवा कर लिया। कपड़े उतरवाकर उसकी मूवी बनाई गई।
एक माह में यह हुईं वारदात, पुलिस के हाथ खाली
- कहां गई अवर सचिव की कार : 7 जुलाई को हरियाणा के विधि विभाग के अवर सचिव का अपहरण कर उनकी कार लूटी। अपहरणकर्ता सचिव को कुराली के पास फेंक गए। पुलिस अभी तक न गिरोह की पहचान कर सकी और न कार को तलाश कर पाई।
- दुकान, मकान सब जगह चोरों का अंतक : सेक्टर-23 के बंद मकान में टीचर के घर से 16 तोले सोने के आभूषण चोरी हुए। इसके साथ ही जुलाई माह में 14 चोरियां बंद मकानों, दुकानों और औद्योगिक क्षेत्र के कामर्शियल एरिया में जमकर वारदात र्हुइं।
- पंचकूला में लूट की घटना : एक जज की गाड़ी चोरी करके पहले अपराधियों ने सेक्टर-22 में मोबाइल झपटा और उसके बाद पंचकूला में लूट की वारदात को अंजाम दिया।
- झपटमारी हद से ज्यादा : 19 जुलाई की रात को एक घंटे में छह महिलाओं के साथ झपटमारी की वारदातें हुई। इसके अलावा जुलाई माह में 12 झपटमारी की वारदात हुईं।
- काला कच्छा गिरोह का भी आतंक : काला कच्छा गिरोह ने खुड्डा लाहौरा सहित आसपास के गांव में जमकर आतंक मचाया।
- बैंक के बाहर कैश वैन लूट भी नहीं सुलझी : जबकि जून माह के अंत में खुड्डा अलीशेर में एसबीआई बैंक के बाहर कैश वैन से लूटे गए 5 लाख की वारदात का भी सुराग नहीं लगा पाई है।