रैगिंग: जूते साफ नहीं किए तो जूनियर छात्रों को दी दर्दनाक सजा
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गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास में 11वीं के तीन छात्रों से रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि 12वीं के छह छात्रों ने आउटसाइडरों के साथ मिलकर जूनियरों से रैगिंग की।
इस दौरान उन्हें जूते साफ करने को कहा गया। मना करने पर गुस्साए सीनियरों ने तीनों को रॉड और डंडों से बुरी तरह से पीटा। दो गंभीर घायलों का इलाज जीएमएसएच-16 में चल रहा है।
वहीं पहले स्कूल प्रिंसिपल ने मामले को दबाने के लिए कहा कि बच्चे सीढ़ियों से गिर गए हैं, मगर जब दोनों लड़कों ने पुलिस में शिकायत दी, तो प्रिंसिपल हरमीत कौर भी जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देने लगीं।
ऐसा करने को कहते थे: आरोप है कि सीनियर स्टूडेंट तीनों जूनियरों को अश्लील हरकतें करने को कहते थे। उन्हें हर समय परेशान करते रहते थे। जूते साफ करवाने के लिए कहते थे, लड़कियों की चुन्नी खींचने को कहते थे। यही नहीं उन्हें नंगा होने को मजबूर करते थे।
स्कूल प्रिंसिपल ने मामले को दबाने की कोशिश की
पीड़ित छात्रों ने बताया कि दो दिन पहले भी गेम पीरियड के दौरान आरोपी छात्रों ने तीनों से गलत काम करने को कहा। उन्होंने विरोध जताया और उसी का बदला लेने के लिए सोमवार को बाहर के लड़कों के साथ मिलकर सीनियर छात्रों ने स्कूल से छुट्टी होने के समय रॉड और डंडों से हमला कर दिया। स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
प्रिंसिपल ने कहा, बच्चे सीढ़ियों से गिर गए: घायलों में से एक छात्र के सिर पर गहरी चोट आई है और दूसरे का पैर टूटा है। लड़कों ने धनास पुलिस चौकी में मामले की शिकायत दे दी है। वहीं पहले तो स्कूल प्रिंसिपल ने मामले को दबाने की कोशिश की और कहा की बच्चे सीढ़ियों से गिर गए।
पुलिस में दी शिकायत तो बदले बयान :जब बच्चों ने पुलिस में घटना की शिकायत दी तो प्रिंसिपल ने कहा कि रैगिंग मामले की जांच की जाएगी। अगर सीनियर बच्चे दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ स्कूल प्रशासन कार्रवाई करेगा। पुलिस ने भी शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। धनास पुलिस चौकी में स्कूल प्रिंसिपल को बुलाकर घटना के बारे में पूछताछ भी की गई।