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दिव्यांग को छोड़ने के लिए कांस्टेबल मांग रहा था पैसे, रंगे हाथ दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 15 Sep 2016 07:00 PM IST
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साइकिल चोरी के मामले में हिरासत में लिए दिव्यांग को छोड़ने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पंजाब पुलिस के कांस्टेबल को विजिलेंस ब्यूरो पंजाब की टीम ने गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने आरोपी कांस्टेबल को उस समय गिरफ्तार किया जब वह हिरासत में रखे युवक के पिता से रिश्वत के दस हजार रुपये लेने के लिए चौकी जगतपुरी से बाहर आया।
वह फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन मुलाजिमों ने उसे किसी तरह से काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने चौकी जगतपुरी में तैनात कांस्टेबल राकेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी को शुक्रवार अदालत में पेश करेगी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर निर्दोष कौर ने बताया कि जस्सियां रोड निवासी मिश्री साहनी की शिकायत के मुताबिक उसका बेटा अमरजीत साहनी दिव्यांग है। आने जाने के लिए अमरजीत ने इलाके के ही एक युवक से तीन हजार रुपये में एक साइकिल खरीदा।
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वह फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन मुलाजिमों ने उसे किसी तरह से काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने चौकी जगतपुरी में तैनात कांस्टेबल राकेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी को शुक्रवार अदालत में पेश करेगी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर निर्दोष कौर ने बताया कि जस्सियां रोड निवासी मिश्री साहनी की शिकायत के मुताबिक उसका बेटा अमरजीत साहनी दिव्यांग है। आने जाने के लिए अमरजीत ने इलाके के ही एक युवक से तीन हजार रुपये में एक साइकिल खरीदा।
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पैसे लेने चौकी से बाहर आया कांस्टेबल तो विजिलेंस ने किया गिरफ्तार
घूस लेते हुए गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
साइकिल खरीदने के दो दिन बाद चौकी जगतपुरी की पुलिस घर आई और उसके बेटे के ये कह कर पकड़ ले गई कि साइकिल चोरी की है। इंस्पेक्टर निर्दोष कौर ने बताया कि मिश्री साहनी के मुताबिक वह चौकी गया, तो उसके बेटे को बुरी तरह से पीटा जा रहा था।
इसके बाद कांस्टेबल रकेश कुमार ने उसके बेटे को छोड़ने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की। उसके पास इतने पैसे नहीं थे। फिर 10 हजार में उनका सौदा तय हुआ। रिश्वत के दस हजार रुपये देने का समय वीरवार दोपहर रखा गया। इसी दौरान मिश्री साहनी ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को की। वीरवार दोपहर करीब एक बजे विजिलेंस टीम ने चौकी के पास ट्रैप लगाया। मिश्री साहनी कांस्टेबल राकेश कुमार को पैसे देने के लिए पहुंचा। उसने उसे बाहर भेज दिया और कहा कि वह बाहर आ रहा है। जैसे ही राकेश ने चौकी के बाहर आकर मिश्री से पैसे पकड़े, विजिलेंस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कांस्टेबल राकेश ने विजिलेंस के मुलाजिमों के हाथ से फरार होने की कोशिश भी की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। मिश्री साहनी का कहना है कि वह रिश्वत के पैसे देने के लिए किसी व्यक्ति से ब्याज पर पैसे लेकर आया था। उसका आरोप है कि चौकी पुलिस ने उसके बेटे को इतना पीटा कि उसके बाजू की हड्डी फ्रेक्चर हो गई।
इसके बाद कांस्टेबल रकेश कुमार ने उसके बेटे को छोड़ने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की। उसके पास इतने पैसे नहीं थे। फिर 10 हजार में उनका सौदा तय हुआ। रिश्वत के दस हजार रुपये देने का समय वीरवार दोपहर रखा गया। इसी दौरान मिश्री साहनी ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को की। वीरवार दोपहर करीब एक बजे विजिलेंस टीम ने चौकी के पास ट्रैप लगाया। मिश्री साहनी कांस्टेबल राकेश कुमार को पैसे देने के लिए पहुंचा। उसने उसे बाहर भेज दिया और कहा कि वह बाहर आ रहा है। जैसे ही राकेश ने चौकी के बाहर आकर मिश्री से पैसे पकड़े, विजिलेंस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कांस्टेबल राकेश ने विजिलेंस के मुलाजिमों के हाथ से फरार होने की कोशिश भी की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। मिश्री साहनी का कहना है कि वह रिश्वत के पैसे देने के लिए किसी व्यक्ति से ब्याज पर पैसे लेकर आया था। उसका आरोप है कि चौकी पुलिस ने उसके बेटे को इतना पीटा कि उसके बाजू की हड्डी फ्रेक्चर हो गई।