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नौकरी दिलाने के नाम पर 4 युवकों से ठग लिए लाखों, फ्रॉड का तरीका देखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
Updated Tue, 27 Jun 2017 09:10 AM IST
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fraud for employment
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नौकरी दिलाने के नाम पर चार युवकों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। फ्रॉड करने का तरीका भी ऐसा कि पुलिस चौंक गई। मामला पंजाब के फरीदकोट का है। चार बेरोजगार युवकों को फर्जी ढंग से सिविल अस्पताल में बतौर हेल्पर रखने के नाम पर 60-60 हजार रुपये की जमानती रकम ले ली गई।
नौकरी दिलाने के दावे के साथ चार माह तक युवकों की हाजिरी भी लगाई गई। मामने में पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में गांव मचाकी कलां निवासी सतपाल सिंह भंगू, गांव मंडलावा निवासी बेअंत सिंह व स्थानीय जर्मन कालोनी निवासी रूपिंदर सिंह उर्फ सोनू शामिल है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़ित गांव ढिलवां खुर्द निवासी गुरवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, गांव झोक सरकारी निवासी लवप्रीत सिंह और मचाकी कलां निवासी गुरलाभ सिंह ने एसएसपी से मामले की लिखित शिकायत की थी।
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नौकरी दिलाने के दावे के साथ चार माह तक युवकों की हाजिरी भी लगाई गई। मामने में पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में गांव मचाकी कलां निवासी सतपाल सिंह भंगू, गांव मंडलावा निवासी बेअंत सिंह व स्थानीय जर्मन कालोनी निवासी रूपिंदर सिंह उर्फ सोनू शामिल है।
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पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़ित गांव ढिलवां खुर्द निवासी गुरवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, गांव झोक सरकारी निवासी लवप्रीत सिंह और मचाकी कलां निवासी गुरलाभ सिंह ने एसएसपी से मामले की लिखित शिकायत की थी।
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चार महीने तक हाजिरी लगवाते रहे और भेज देते
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शिकायत के अनुसार उनके जान पहचान के सतपाल सिंह भंगू ने उन्हें झांसा देते हुए बताया था कि उसका मौसा गांव मंडवाला निवासी बेअंत सिंह सरकारी अस्पतालों में नौ हजार रुपये प्रति माह वेतन वाली हेल्पर की नौकरी दिलाता है।
नौकरी पर लगने की इच्छा जताने पर आरोपी ने उन्हें तलवंडी चौक स्थित डॉ.सुखदेव सिंह के दफ्तर में बुलाया और सितंबर 2016 में उनसे 60-60 हजार रुपये की रकम बतौर जमानत जमा करवा ली। इसके बाद आरोपियों ने इन्हें सिविल अस्पताल में बुलाना शुरू कर दिया।
वहां पर बलजिंदर सिंह चंदबाजा नामक व्यक्ति उनकी हाजिरी लगाकर उन्हें यह कहकर वापस भेज देता था कि जल्द ही उन्हें काम पर लगा दिया जाएगा। हाजिरी लगाने का सिलसिला चार महीने तक चलता रहा और जब युवकों ने अपना वेतन मांगना शुरू किया तो आरोपी सिविल अस्पताल में आना ही बंद हो गए।
नौकरी पर लगने की इच्छा जताने पर आरोपी ने उन्हें तलवंडी चौक स्थित डॉ.सुखदेव सिंह के दफ्तर में बुलाया और सितंबर 2016 में उनसे 60-60 हजार रुपये की रकम बतौर जमानत जमा करवा ली। इसके बाद आरोपियों ने इन्हें सिविल अस्पताल में बुलाना शुरू कर दिया।
वहां पर बलजिंदर सिंह चंदबाजा नामक व्यक्ति उनकी हाजिरी लगाकर उन्हें यह कहकर वापस भेज देता था कि जल्द ही उन्हें काम पर लगा दिया जाएगा। हाजिरी लगाने का सिलसिला चार महीने तक चलता रहा और जब युवकों ने अपना वेतन मांगना शुरू किया तो आरोपी सिविल अस्पताल में आना ही बंद हो गए।
काफी समय से ठगी का काम कर रहा था आरोपी
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डीएसपी ने पड़ताल के दौरान पाया कि यह आरोपी पिछले लंबे समय से ही युवकों को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी, गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल में सुरक्षा गार्ड व हेल्पर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का काम कर रहे है और इन्होंने चारों युवकों को फर्जी नौकरी देकर जमानती रकम के नाम पर 2.40 लाख रुपये की ठगी की है।
हालांकि शिकायतकर्ता युवकों ने इस मामले में आरोपी बेअंत सिंह के बेटे व पंजाब पुलिस कर्मी बलजिंदर सिंह की भी शमूलियत के आरोप लगाए थे, लेकिन पड़ताल में उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई जबकि एक आरोपी रूपिंदर का नाम शिकायत में शामिल नहीं था और पड़ताल में उसकी समूलियत के तथ्य मिलने पर पुलिस ने उसे नामजद किया।
हालांकि शिकायतकर्ता युवकों ने इस मामले में आरोपी बेअंत सिंह के बेटे व पंजाब पुलिस कर्मी बलजिंदर सिंह की भी शमूलियत के आरोप लगाए थे, लेकिन पड़ताल में उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई जबकि एक आरोपी रूपिंदर का नाम शिकायत में शामिल नहीं था और पड़ताल में उसकी समूलियत के तथ्य मिलने पर पुलिस ने उसे नामजद किया।