सीपीएस का करीबी नशीले पाउडर समेत काबू
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही ड्रग रैकेट की जांच में पंजाब के एक मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) का नाम आते ही पुलिस ने भी उक्त नेता का नेटवर्क तोड़ने की तैयारी कर ली है। शनिवार को पुलिस ने सीपीएस के करीबी बिल्ला को 110 ग्राम नशीले पाउडर के साथ गिरफ्तार कर लिया।
बिल्ला की गिरफ्तारी उस समय हुई है जब इस रैकेट का एक ओर आरोपी भोला विदेश जाने में कामयाब हो चुका है। जानकारी के अनुसार, उक्त सीपीएस के ही करीबी रहे हरिपुर निवासी भोला को बीते दिनों देहात पुलिस के एसएसपी नरिंदर भार्गव की टीम ने हिरासत में लिया था। लेकिन ऊपरी दबाव के चलते भोला की गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई और पुलिस ने उसे छोड़ भी दिया।
हालांकि भोला ने पुलिस कस्टडी के दौरान भोला ने कई राज उगले, जिनके आधार पर पुलिस ने काफी विस्तृत ब्योरा तैयार कर लिया। भोला यूके का नागरिक भी है और पुलिस कस्टडी के छूटते ही वह विदेश रवाना हो गया।
इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात भोला के साथी बिल्ला को 110 ग्राम नशीले पाउडर समेत काबू कर लिया। इस बीच, यह भी पता चला है कि पुलिस की लिस्ट में अभी गोरा, चंदी, लक्की, चिंटू, जग्गी, गट्टू, सीटा के नाम भी हैं जो हरिपुर के भोला के करीबी रहे हैं।
तीन होटलों पर पुलिस की नजर
पुलिस की नजर इलाके के तीन होटलों पर भी है, जहां से हरिपुर के भोला के पैसों का लेनदेन होता है। भोला ने इंग्लैंड में रहने की बजाए लंबे समय से भारत में डेरा डाल रखा था और रेत से लेकर ड्रग तक काले कारोबार का संचालन कर रहा था।
भोला और उक्त सीपीएस की नजदीकियां पुलिस से छिपी नहीं हैं। यही वजह रही कि भोला के नेटवर्क को तोड़ने में आला अधिकारी झिझकते रहे हैं। अब पुलिस ने भोला के लिए काम करने वालों का ब्यौरा जुटा लिया है।
सीपीएस और गाबा परिवार की नजदीकियां
जानकारी के मुताबिक, आढ़त का काम करने वाले चुन्नी लाल गाबा के यहां एक पल्लेदार ने अपने दोनों बेटों सुरेश और सोनू को काम पर रखवाया था। कुछ समय बाद गाबा परिवार ने प्रापर्टी बाजार में कदम रखा तो उसके खूब मुनाफा हुआ।
गाबा ने इसके बाद हिमाचल के बद्दी में दवा की फैक्टरी लगाई, जिसमें सुरेश कुमार को बतौर मैनेजर और उसके छोटे भाई सोनू भी काम पर रख लिया। इलाके के प्रसिद्ध कारोबारी होने के कारण गाबा परिवार से उक्त सीपीएस की निकटता भी हो गई और सोनू भी उनके संपर्क में आ गया।
सोनू को सीपीएस ने न केवल ब्लाक समिति के चुनाव में टिकट दिलाया बल्कि उसे शिअद की टिकट से चुनाव जीताकर ब्लाक समिति का चेयरमैन भी बना दिया। गाबा परिवार के पास काम करने वाला सोनू अब शिअद का कद्दावर नेता बन चुका था। इस बीच सोनू के भाई सुरेश को भोला के नेटवर्क में गिरफ्तार कर लिया गया।
उसने भोला को एफीड्रीन सप्लाई की थी। इस मामले की आंच गाबा परिवार तक पहुंची। इससे पहले कि ईडी छापा मारती, आयकर विभाग ने दबिश देकर एक ऐसी डायरी भी बरामद की जिससे खुलासा हुआ कि सीपीएस के नाम 1.5 करोड़ की ट्रांजेक्शन की गई। यह पैसा ड्रग का था या किसी कारोबार का, इसे लेकर अब ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है।