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Court: 'देश को खतरे में डालने वाला जमानत का हकदार नहीं', धमाके की साजिश रचने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Sun, 25 Dec 2022 06:15 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 25 Dec 2022 06:15 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने जम्मू कश्मीर निवासी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पर ट्राईसिटी में बम धमाके की साजिश रचने का आरोप है। चार साल से जेल में होने और धीमे ट्रायल की दलीलें भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइसिटी को बम से दहलाने की साजिश रचने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला व्यक्ति जमानत का हकदार नहीं है। जम्मू एंड कश्मीर निवासी (जालंधर जेल) सुहेल अहमद भट्ट ने हाईकोर्ट से नियमित जमानत देने की मांग की थी। उसकी जमानत याचिका मोहाली की एनआईए अदालत पहले ही खारिज कर चुकी थी।
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एफआईआर के अनुसार गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम में एनआईए ने 10 अक्तूबर 2018 को पुलवामा के जाहिद गुलजार, यासिर रफीक भट व मोहम्मद इदरिस को जालंधर के एक शिक्षण संस्थान के हॉस्टल से गिरफ्तार किया था। इनसे हथियार व विस्फोटक बरामद हुए थे और यह देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।
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इनकी निशानदेही पर एनआईए ने सुहेल अहमद भट्ट को गिरफ्तार किया था। भट्ट पर आरोप है कि उसने जाहिद गुलजार को अंसर गजवात उल हिंद संगठन में शामिल करवाकर भारत के खिलाफ जेहाद के लिए प्रेरित किया था।
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याची ने कहा कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में उसका नाम नहीं था। बाद में जाहिद गुलजार के बयान पर उसका नाम शामिल किया गया। याची 11 अक्तूबर 2018 से जेल में है और अब तक 69 में से केवल 36 गवाहों के बयान हो सके हैं।
याची ने कहा कि वह चार साल से जेल में है और स्पीडी ट्रायल हर व्यक्ति का अधिकार है। वहीं, एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याची ट्राईसिटी को बम धमाके से उड़ाने की साजिश का आरोपी है। हाईकोर्ट ने याची की दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया और एनआईए कोर्ट के फैसले पर मोहर लगा दी।
डेराबस्सी के पुलिस थाने पर बम फेंकने की कोशिश की थी
एनआईए के मुताबिक भट्ट व अन्य ने डेराबस्सी के थाने की रेकी कर बम फेंकने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद वह चंडीगढ़ सेक्टर 17 और 43 आईएसबीटी पहुंचे, लेकिन वहां भी बम विस्फोट करने में सफल नहीं हुए।