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'मुझे पापा बुला रहे हैं, जाना पड़ेगा... मम्मी माफ करना,' लिखकर प्रोफेसर ने दी जान
Sun, 20 Sep 2020 05:30 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 20 Sep 2020 05:30 PM IST
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मृतक प्रोफेसर का फाइल फोटो और बरामद सुसाइड नोट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पठानकोट के एसडी कॉलेज के फिजिक्स प्रोफेसर ने शनिवार की रात घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 42 वर्षीय सुलिंदर कालिया निवासी म्युनिसिपल कालोनी के तौर पर हुई है। थाना नंबर 2 पुलिस ने मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें लिखा कि मैं यह कदम खुद उठा रहा हूं, इसके लिए किसी से कुछ भी न पूछा जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर परिवार वालों के बयान पर कार्रवाई की है।
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प्रोफेसर सुलिंदर कालिया के पिता की करीब 4 वर्ष पहले मौत हुई थी। इसके बाद से प्रोफेसर डिप्रेशन में थे। कुछ दिन पहले ही प्रोफेसर कालिया ने अपने पिता का श्राद्ध किया था। शनिवार रात को घर में खाना खाने के बाद सो गए। देर रात करीब एक बजे पत्नी अनु उठी तो बेड पर पति सुलिंदर कालिया नहीं दिखे। उन्होंने दूसरे कमरे में जाकर देखा तो पति पंखे से लटके थे।
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पत्नी के चिल्लाने पर घर में मौजूद मां व बच्चे उठ गए। घर में रोने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। घटना की सूचना मिलने पर थाना नंबर- 2 पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। मामले की जांच कर रहे एएसआई रामलाल ने बताया कि मृतक प्रोफेसर की जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर परिवार के बयान पर कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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‘मम्मी माफ करना, अनु और बच्चों को संभल लेना’
प्रोफेसर कालिया ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं यह कदम खुद उठा रहा हूं, इसके लिए किसी को कुछ भी न पूछा जाए। अनु (पत्नी) और बच्चों को छोड़कर जाने का मन नहीं कर रहा, पर मुझे पापा बुला रहे हैं। वो मुझे अपने पास बुला रहे हैं, मुझे जाना पड़ेगा। मेरे बाद उनका बुरा हाल होगा, पर मुझे जाना पड़ेगा। मम्मी और अनु के मम्मी-डैडी मुझे माफ करना, मेरे बाद अनु और बच्चों को संभाल लेना। भगवान के सहारे छोड़कर जा रहा हूं, क्योंकि उस पर बड़ा यकीन है। अलविदा’’।