वो अपनी कोख से पैदा करना चाहती थी सहेली का बच्चा, पर...?
मोहाली की दो महिलाओं में गहरी दोस्ती थी। लेकिन, एक महिला के कोई औलाद नहीं थी। जबकि, दूसरी सहेली के तीन बच्चे थे। औलाद न होने से दूसरी महिला हमेशा परेशान रहती थी। उसकी सहेली से उसका दर्द नहीं देखा जा रहा था। इसलिए उसने अपने होने वाले बच्चे को सहेली को देने का फैसला कर किया।
सहेली को बच्चे को गोद लेने में अड़चन न आए, इसलिए उसने डिलीवरी रिकॉर्ड में सहेली का नाम लिखवाया था। लेकिन, अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल में महिला की जान चली गई। जब अस्पताल ने महिला की मौत के बारे में सूचित किया तो बवाल हो गया। क्योंकि जिस महिला को मृतक बताया जा रहा था, वह जिंदा थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की। साथ ही मृतका के पति के बयानों पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, मटौर निवासी पिंकी और फेज-3बी1 निवासी अमनदीप कौर गहरी दोस्त थीं। पिंकी के एक लड़का और दो लड़कियां थीं। जबकि अमनदीप की शादी होने के कई साल बाद भी कोई बच्चा नहीं था।
इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई
अमनदीप को डॉक्टरों ने औलाद न होने के बारे में बता दिया था। उसने यह बात सहेली पिंकी को बताई। उस समय पिंकी गर्भवती थी। उसने सहेली को वादा किया कि उसके जो भी बच्चा होगा वह उसे दे देगी।
साथ ही बच्चे को बाद में गोद लेने में परेशानी न आए। इसलिए उसने डिलीवर रिकॉर्ड में अमनदीप का नाम लिखवा दिया था। मंगलवार को पिंकी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। महिला के परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां भी उन्होंने अस्पताल के रिकॉर्ड में महिला का नाम अमनदीप ही लिखवा दिया था।
स्थिति नाजुक होने पर फेज-6 स्थित अस्पताल से महिला को पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। इसी बीच पीजीआई ने महिला के मरने की सूचना मटौर थाने को भेजी। जब पुलिस ने दिए पते पर गई तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना था कि अमनदीप की मौत हो गई। जबकि, अमनदीप जिंदा है।
इसी बीच पुलिस ने गहन पूछताछ की तो यह सारा राज सामने आया है। इसके बाद पुलिस ने पिंकी के पति के बयानों पर धारा-174 के तहत कार्रवाई की।