...अच्छा तो ऐसे सामने आएगी बहनों की 'बहादुरी'
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सदर थाने में दर्ज बस में छेड़छाड़ मामले में कीर्ति जैन की कोर्ट ने पोलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति देने के बाद आरोपी लड़कों की तरफ से सहमति देने के साथ यह कहा गया है कि यह टेस्ट लड़कियों के भी होने चाहिए।
आरोपी कुलदीप के पिता बलबीर का कहना है कि यदि एक लड़की का टेस्ट होता है तो एक लड़के का कराएंगे और दोनों लड़कियों का होता है तो सभी लड़कों को पोलीग्राफ टेस्ट के लिए भेज देंगे। जबकि दोनों बहने पूजा व आरती ने आरोपी युवकों के अलावा उन लोगों का भी पोलीग्राफी टेस्ट कराने की बात कही है, जिन्होंने लड़कों के पक्ष में एफिडेविट दिए हैं।
हालांकि, पूजा और आरती दोनों बहनें भी पालीग्राफ टेस्ट के लिए कोर्ट में अपनी सहमति दे चुकी हैं। दोनों बहनों का कहना है कि जब वे लोग कोर्ट में बयान देने को राजी हैं तो फिर पालीग्राफ टेस्ट कराने में उनको क्या दिक्कत है। बुधवार को इस मामले में लड़कियों की तरफ से बुधवार को एसपी रोहतक को आवेदन कर इसकी मांग रखी जायेगी। इस संबंध में दोनों बहनों के वकील अतर सिंह पवार का कहना है कि यह काम तो केस की जिम्मेदारी संभाल रही एसआईटी को खुद कर लेना चाहिए था।
इस मामले में धारा 107 जोड़ने के लिए कहा जायेगा। लड़कियों को जान से मारने की नीयत से लड़कों ने बस से सीधे धक्का दे दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूजा और आरती हर टेस्ट के लिए तैयार हैं। लेकिन पुलिस इस मामले में अब दबाव में आ गई है।
'अब साफ हो जायेगा झूठा कौन'
तीनों आरोपियों के वकील रविंद्र बांगड़ ने कहा कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक लड़के पोलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार हैं। इसकी सहमति हम दे चुके हैं। लड़कों की सहमति के साथ हमने कोर्ट से मांग की थी कि दोनों लड़कियों का भी पोलीग्राफ टेस्ट हो।
जिस पर कोर्ट ने सहमति दे दी है। अब साफ हो जायेगा कि लड़के झूठ बोल रहे हैं या लड़कियां। उन्होंने कहा कि इस मामले में 16 जनवरी को अगली तारीख है। यह टेस्ट मधुबन में होता है। हम चाहते हैं कि पुलिस यह जांच अगली तारीख से पहले कर ले तो मामला साफ हो जाएगा।
सीट को लेकर ही हुआ था विवाद
पूर्व में एफिडेविट दे चुकी मुरथल की बुजुर्ग महिला ने एक बार फिर दोहराया है कि विवाद सीट को लेकर ही हुआ था। लड़के आगे गेट के पास खड़े थे और लड़कियां पीछे थीं।
वह खुद भी लड़कियों से पीछे तीन सवारियों की सीट पर बैठी थीं। महिला का दावा है कि सीट को लेकर मामला बढ़ा तो लड़कियों ने लड़कों की पिटाई शुरू कर दी। उसने बताया कि पुलिस के सामने भी उसने यही बयान दिए हैं।
एसआईटी के सामने दिए बयान
मामले में पुलिस जांच गवाहों के बयान तक पहुंच गई है। पुलिस युवकों के समर्थन में एफिडेविट देने वालों के बयान रिकॉर्ड कर रही है। वहीं, पुलिस अपने स्तर पर भी बस में सवार अन्य लोग तक पहुंच रही है। दावा है कि और भी तथ्य हाथ लगे हैं। सोमवार को 3 लोगों के तो युवकों के समर्थन में एफिडेविट देने वाली एक महिला व एक युवक के बयान मंगलवार को दर्ज किए गए।
दोनों एसआईटी इंचार्ज डीएसपी यशपाल खटाणा के पास पहुंचे और बयान दर्ज कराए। पुलिस का मानना है कि पूर्व में जो एफिडेविट दिए गए थे, वह टाइप किए हुए थे, ऐसे में वह खुद अपने सामने गवाहों को बुला रही है।
यह तथ्य भी जुटाए जा रहे हैं कि बस खराब होने पर जब दूसरी बस में सवारियों को बैठाया जाता है, तो क्या सीट नंबर दिए जाते हैं या नहीं। एसपी शशांक आनंद का कहना है कि जो भी गवाह सामने आए, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस भी अपने स्तर पर अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत कर रही है।