सरपंच हत्याकांड: पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, ऐसे वारदात को दिया था अंजाम
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बटाला के पत्ती रियाड़ में रविवार को मारे गए कांग्रेसी युवा सरपंच नवदीप सिंह का पोस्टमार्टम सोमवार को सिविल अस्पताल में हुआ। इस संबंध में थाना कादियां में मृतक के जीजा इंद्रजीत सिंह के बयान पर मुख्य आरोपी मितरपाल सिंह, अनूप सिंह, जसपाल सिंह, चमकौर सिंह, कृपाल सिंह और जुझार सिंह सभी निवासी दौलतपुर के अलावा चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि अनूप सिंह और जुझार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपी फरार हैं। वहीं पोस्टमार्टम करवाने के लिए सोमवार सुबह दस पारिवारिक सदस्य अस्पताल पहुंच गए थे। कयास लगाए जा रहे थे कि अभिभावक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन करेंगे मगर मृतक सरपंच के अभिभावक एसएमओ दफ्तर के सामने दरी बिछाकर शांति से बैठे रहे।
करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद अभिभावकों को शव सौंपा गया। करीब चार घंटे मृतक युवक नवदीप के पारिवारिक सदस्य और गांव के लोग बटाला के सिविल अस्पताल में ठहरे।
बटाला के पूर्व कांग्रेस विधायक अश्वनी सेखड़ी भी पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। सेखड़ी ने इस मामले में एसएमओ डॉ. संजीव भल्ला और श्री हरगोबिंदपुर के डीएसपी संजीव कुमार से भी बातचीत की। वहीं सेखड़ी ने कहा कि नवदीप का सरेआम कत्ल होना निंदनीय है।
श्री हरगोबिंदपुर के डीएसपी संजीव कुमार ने बताया कि इस हत्या के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रेड की जा रही है। वहीं इस संबंध में मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि इस संबंध में थाना कादियां में मृतक के जीजा इंद्रजीत सिंह के बयान पर मुख्य आरोपी मितरपाल सिंह, अनूप सिंह, जसपाल सिंह, चमकौर सिंह, कृपाल सिंह और जुझार सिंह सभी निवासी दौलतपुर के अलावा चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
अनूप सिंह और जुझार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, अन्य आरोपी फरार हैं। गौरतलब है कि रविवार को गांव दौलतपुर में गांव पत्ती रियाड़ के कांग्रेसी सरपंच नवदीप सिंह की मारपीट करने के बाद बार-बार नवदीप पर गाड़ी चढ़ा कर मौत के घाट उतार दिया था। दौलतपुर में हुई खूनी झड़प में दो लोग भी घायल हो गये थे जिन्हें अमृतसर रेफर कर दिया था।
नवदीप सिंह अपने जीजा इंद्रजीत सिंह के गांव दौलतपुर में राजीनामा के लिए गया था। यह राजीनामा इंद्रजीत सिंह और दौलतपुर के पूर्व अकाली सरपंच मितरपाल सिंह के बीच होना था। राजीनामा के दौरान दोनों ही पक्षों में विवाद हो गया जिसमें दूसरे पक्ष ने नवदीप सिंह पर बार-बार कार चढ़ा उसकी हत्या कर दी थी।