शिकायतकर्ता को हिरासत में लिया, तो भड़के लोगों ने थाने पर किया पथराव...पुलिसवालों ने ऐसे बचाई जान
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अमृतसर के छेहरटा स्थित बाबा जीवन सिंह कॉलोनी में आपसी रंजिश से दो गुटों की बीच हुई मारपीट के बाद एक गुट द्वारा ने फायरिंग कर दी। मामले की जांच के लिए थाने पहुंचे दोनों गुटों के पांच नौजवानों को हिरासत में लेने के बाद विवाद भड़क गया। इनमें हरमनप्रीत सिंह भी शामिल था, जिसने दूसरे गुट के लोगों द्वारा चलाई गई गोलियों के बारे में लिखित शिकायत की थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित लोग भड़क गए। हरमनप्रीत के परिजनों ने थाने के भीतर ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि आरोपियों की खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़ित लोगों को ही हिरासत में ले लिया है। आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। आरोपी हरमनप्रीत को जान से मरने की धमकी दे रहे हैं।
इसी बीच जब थानेदार बलविंदर सिंह थाने से एक आरोपी को बाहर लेकर जा रहे थे तो गुस्से में आए हरमनप्रीत सिंह के परिजनों ने थाने में बैठे पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने थाने का दरवाजा तोड़ने का भी प्रयास किया। पुलिस कर्मियों ने भाग कर जान बचाई। इसी बीच पुलिस और एक पत्रकार की साथ हाथापाई भी की गई। इसके बाद पत्रकारों ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर रोष धरना दिया। एसीपी वेस्ट ने मीडिया कर्मियों को कार्रवाई का विश्वास दिलाने के बाद धरना उठवाया।
पुलिस जांच प्रभावित करने के लिए किया पथराव : बहल
थाना छेहरटा के इंचार्ज हरीश बहल ने बताया कि बाबा जीवन सिंह कॉलोनी में गोली चलने की वारदात का पता चला था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को पांच खोल भी जमा करवाए हैं। जांच में पुलिस को कुछ अन्य तथ्य भी मिले हैं। दोनों गुटों को आज जांच में शामिल होने के लिए थाने बुलाया गया था। जांच को प्रभावित करने के लिए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है। जांच के बाद पुलिस मामला दर्ज करेगी।
प्रधान और पुलिस के बीच हुई तकरार
थाने के भीतर इंस्पेक्टर हरीश बहल और इलाके के एक प्रधान की बीच तीखी बहस हुई। प्रधान ने पुलिस पर आरोप लगाए कि उनको गाली निकाली गई है। पुलिस ने इस प्रधान को थाने से बाहर निकाल कर थाने का दरवाजा बंद कर दिया था।